
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष कमला पराजुली ने बताया कि संविधान ने महिला अधिकारों की गारंटी दी है, लेकिन इनके कार्यान्वयन और पहुँच में अभी भी अनेक चुनौतियाँ मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “हमारे संविधान और कानून ने अधिकारों की सुनिश्चितता की है, लेकिन इन अधिकारों का वास्तविक प्रयोग और व्यापक पहुँच ही सबसे बड़ी चुनौती है।”
शनिवार को काठमांडू में राष्ट्रीय महिला अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अध्यक्ष पराजुली ने कहा कि वर्तमान में जारी संविधान संशोधन के बहस में लैंगिक पक्ष को और मजबूत बनाने के लिए विभिन्न सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने संवैधानिक और कानूनी रूप से प्राप्त अधिकारों का लक्ष्य वर्ग तक पहुँचाना वर्तमान प्रमुख कार्यभार बताया।
अध्यक्ष पराजुली ने यह भी उल्लेख किया कि वर्तमान सरकार महिला-मैत्री और लैंगिक मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाए हुए है, और सरकार के अब तक के प्रदर्शन से संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने यह बताया कि इतिहास में पहली बार मंत्रिपरिषद में 40 प्रतिशत महिलाएँ शामिल हुई हैं और महिला मंत्रालय के लिए पर्याप्त बजट आवंटित होना एक सकारात्मक उपलब्धि है।
उन्होंने आगे कहा, “अब राज्य, सरकार, नागरिक समाज और विभिन्न संगठनों को मिलकर महिला अधिकारों की पहुँच बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति बनानी होगी। वर्तमान सरकार ने लैंगिक विषयों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार कर प्रभावी कार्यान्वयन में जुटी हुई है, इसका हम अनुभव कर रहे हैं।”





