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संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समुद्र के नीचे ड्रोन तकनीक विकसित करने की योजना बना रहे हैं

संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर ओकस सैन्य गठबंधन के तहत समुद्र के नीचे संचालित होने वाले मानव रहित पनडुब्बी ड्रोन तकनीक विकसित करने की घोषणा की है। इस पनडुब्बी ड्रोन परियोजना के लिए ब्रिटेन लगभग १५ करोड़ पाउंड यानी २० करोड़ १० लाख डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहा है। ओकस गठबंधन को विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य सक्रियता के संतुलन के लिए रणनीतिक रूप में देखा जा रहा है। १७ जेठ, काठमाडौं।

संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया ने समावेशी ओकस सैन्य गठबंधन के माध्यम से समुद्र तले संचालित ड्रोन तकनीक विकसित करने की योजना आगे बढ़ाई है। इस निर्णय की घोषणा सिंगापुर में संपन्न सुरक्षा सम्मेलन (सांग्रिला डायलॉग) में हुई। सम्मेलन के बाद तीनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने बताया कि समुद्र के नीचे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और महत्वपूर्ण समुद्री केबल की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक ‘अनक्रूड अन्डरसी व्हीकल’ अर्थात मानवरहित पनडुब्बी ड्रोन तकनीक विकसित की जाएगी। इस तकनीक को आने वाले वर्ष के भीतर तैयार करने की उम्मीद है।

परियोजना की कुल लागत स्पष्ट न होने के बावजूद, ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हिली ने बताया कि ब्रिटेन इस परियोजना में १५ करोड़ पाउंड (लगभग २० करोड़ १० लाख डॉलर) का निवेश करेगा। २०२१ में स्थापित ओकस रक्षा समझौते का मुख्य उद्देश्य परमाणु पनडुब्बी विकसित करना और सैन्य विशेषज्ञता साझा करना है। इस गठबंधन को खासतौर पर इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य उपस्थिति के संतुलन के लिए और विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र की गतिविधियों का प्रबंधन करने के लिए रणनीतिक रूप में देखा जाता है।