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टोड्के से जुड़ने वाली सड़क की स्तरोन्नति, पर्यटकों के लिए आसान यात्रा सुनिश्चित

१८ जेठ, म्याग्दी। बेनी नगरपालिका–१० वाखेत होते हुए म्याग्दी के प्रमुख पर्यटक स्थल टोड्के से जुड़ने वाली सड़क का स्तरोन्नति कार्य किया गया है। रघुगंगा, मङ्गला गाउँपालिका और बेनी नगरपालिकाओं की सीमा में समुद्र तल से दो हजार ४३० मीटर की ऊंचाई पर स्थित टोड्के सूर्योदय, हिमश्रृंखला, गुराँसे जंगल और पहाड़ी भूगोल के अद्भुत दृश्य देखने के लिए एक प्रमुख पर्यटक गंतव्य के रूप में विकसित किया गया है। स्थानीय पूर्वाधार परियोजना पोखरा के माध्यम से पात्लेखेत–वाखेत–टोड्के सड़क के अंतर्गत गहतेचोक से वाखेत होते हुए राम्जाली मंदिर खंड में डलान कर इस सड़क को पक्की बनाया गया है, इसकी जानकारी बेनी नगरपालिका–१० के वडाध्यक्ष मसवीर रोका ने दी।

उन्होंने बताया, ‘सड़क को डलान कर पक्का करने से पहले गहतेचोक–राम्जाली मंदिर खंड की यात्रा में २० मिनट लगते थे, जो अब ५ मिनट में पूरी हो जाती है और स्थानीय लोग एवं टोड्के जाने वाले पर्यटकों के लिए आवागमन बहुत सहज हो गया है।’ उन्होंने बताया, ‘राम्जाली मंदिर से बराहथान होकर टोड्के तक जुड़ने वाली सड़क स्तरोन्नति योजना को निरंतर जारी रखने हेतु हम नगरपालिका, प्रदेश और संघीय सरकारों के साथ प्रयास कर रहे हैं।’ वाखेत–टोड्के सड़क स्तरोन्नति योजना का निर्माण कार्य गत माघ १० तारीख को दुप्चेश्वर शुभम् बिल्डर्स ने दो करोड़ ३६ लाख २३ हजार १५२ रूपये की ठेकेदारी में शुरू किया था।

एक किलोमीटर ७०० मीटर सड़क स्तरोन्नति करने वाली इस योजना को निर्माण कंपनी ने आगामी असार ३० की समय सीमा से दो महीने पहले ही पूरा किया है। निर्माण कंपनी के संचालक सुवासचन्द्र कार्की ने बताया कि अनुबंध होते ही आवश्यक उपकरण और मजदूरों की व्यवस्था कर निर्माण सामग्री जुटाई गई, इंधन और सामग्री की कीमतों में वृद्धि के बावजूद भी लक्ष्य से पहले काम पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य पूरा हो गया है, परन्तु प्राविधिक माप-तौल और भुगतान प्रक्रिया अभी बाकी है।

तीन दशमलव पाँच से चार मीटर चौड़ी सड़क को डलान करके पक्का किया गया है। बेनी नगरपालिका–१० के वडासदस्य बेगम पाइज़ा ने बताया कि यह मार्ग २०६६ साल में खुला था और अब १६ साल बाद पक्का बना है। पक्की सड़क बनने से स्थानीय लोग उत्साहित हैं। वाखेत के निवासी अर्जुन पुन ने बताया कि ‘पहले संकरी और कच्ची सड़क पर यात्रा करना मुश्किल होता था, सड़क डलान होने के बाद यात्रा समय कम और बहुत ही सुविधाजनक हो गया है।’ बेनी नगरपालिकाओं व आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली सड़कें वाखेत, रघुगंगा गाउँपालिका–५ झिँ, बेनी नगरपालिका–५ डडुवा, मङ्गला गाउँपालिका–१ पूर्णगाउँ और कुहुँ–भिरकटेरा होकर टोड्के से जुड़ी हैं।

गुर्जा, चुरेन, मानापाथी, धवलागिरी, नीलगिरी, अन्नपूर्ण, माछापुच्छ्रे और लमजुङ हिमाल की लंबी श्रृंखला एक ही जगह से देखी जा सकती हैं, जो टोड्के की सबसे बड़ी विशेषता है। यहाँ आप हिमालय से आंख मिलाकर योग और ध्यान का आनंद ले सकते हैं। इस क्षेत्र में उत्पादित मूला, आलू और सिमी के व्यंजनों का स्वाद भी चख सकते हैं। स्वर्गद्वारी महाप्रभु समेत कई संतों द्वारा तपस्या किए जाने के कारण टोड्के धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्व रखता है। डोंगर की चोटी पर स्थित स्वर्गद्वारी आश्रम की एक शाखा ‘तपोवन शिवालय’ और सिद्धस्थान भी यहाँ मौजूद हैं। शिवालय स्वर्गद्वारी आश्रम, प्यूठान की शाखा है। स्वर्गद्वारी में रह रहे शिष्य पुजारी महाराज एवं रखाल महाराज सहित कई संतों की मूर्तियाँ स्थापित मंदिर के अंदर शिवलिंग और महाप्रभु द्वारा उपयोग में लाए गए खराऊ जैसी ऐतिहासिक सम्पदाएं हैं। आश्रम परिसर में गौशाला भी स्थित है।