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झलनाथ ने कहा– ‘बालेन की अभिव्यक्ति खतरनाक, प्रधानमंत्री की कुर्सी के योग्य नहीं’

१८ जेठ, काठमाडौं। पूर्वप्रधानमंत्री एवं नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता झलनाथ खनाल ने प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा ‘नेपाल ने भी भारत की जमीन पर अतिक्रमण किया है’ जैसी अभिव्यक्ति को गलत और राष्ट्रविरोधी बताया है। उन्होंने इस प्रकार की अभिव्यक्ति को ‘खतरनाक’ करार देते हुए बालेन को प्रधानमंत्री की कुर्सी के योग्य नहीं माना है।

खनाल ने फेसबुक पर लिखा, ‘कल प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रतिनिधि सभा में कहा कि नेपाल ने भी भारत की जमीन पर अतिक्रमण किया है, यह एक खतरनाक अभिव्यक्ति है। यह अत्यंत गंभीर, दुखद, गलत और राष्ट्रविरोधी बयान है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम नेपाली जनता लंबे समय से विदेशी अतिक्रमण के खिलाफ लड़ रहे हैं और आज भी हमारे देश पर अतिक्रमण हो रहा है। ऐसे कार्यों को सामान्य समझना और विदेशी ताकतों की प्रशंसा करना राष्ट्रविरोधी है।’

खनाल ने कहा कि प्रधानमंत्री बालेन की अभिव्यक्ति ने देश के अंदर और बाहर बसे ३ करोड़ नेपाली नागरिकों की देशभक्ति भावना को आघात पहुंचाया है और ऐसे राष्ट्रविरोधी बयान देने वालों को देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होना उचित नहीं। उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री शाह से माफी मांगने की भी मांग की। ‘जब तक प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह माफी नहीं मांगेंगे, मैं सम्पूर्ण देशभक्त जनता और शक्तियों से जोरदार विरोध और निंदा करने का आग्रह करता हूँ,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने सभा अध्यक्ष से भी आग्रह किया कि इस अभिव्यक्ति को संसद के अभिलेखों से तुरंत हटाया जाए। रविवार को प्रतिनिधि सभा में सांसदों के जवाब देते हुए बालेन ने दावा किया था कि नेपाल ने भी भारत की जमीन पर अतिक्रमण किया है। उन्होंने कहा, ‘आप लोगों को अचरज हो सकता है, मुझे भी प्रधानमंत्री बनने के बाद पता चला कि सिर्फ भारत ही नहीं, नेपाल ने भी भारत की जमीन कई जगहों पर अतिक्रमित की है। यह बात मुझे कुछ दिन पहले ही पता चली।’

उन्होंने सीमा अतिक्रमण के विषय में इंग्लैंड सरकार से भी बात की जानकारी भी दी। इस विवादित बयान के बाद बालेन का विरोध शुरू हो गया है।