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प्रधानमंत्री के अभिव्यक्तियों पर जांच समिति गठित करने की कांग्रेस की मांग

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के सीमा विवाद संबंधी अभिव्यक्तियों पर जांच समिति गठित करने की मांग की है।
  • सांसद रंजीत कर्ण ने भारत द्वारा मानी गई नेपाल की जमीन अधिग्रहण की जानकारी 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने या माफी मांगने का आग्रह किया है।
  • प्रधानमंत्री शाह ने रविवार को प्रतिनिधि सभा में कहा कि कूटनीतिक वार्ता के माध्यम से नेपाल-भारत सीमा विवाद का समाधान किया जाएगा।

18 जेठ, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस ने प्रधानमंत्री बालेन शाह के सीमा विवाद संबंधी अभिव्यक्तियों पर जांच समिति गठित करने की मांग की है।

सोमवार को राष्ट्रीय सभा की बैठक के प्रारंभ में आकस्मिक समय लेकर पार्टी की ओर से बोलते हुए कांग्रेस के सांसद रंजीत कर्ण ने यह मांग रखी।

उन्होंने कहा, ‘आज इस राष्ट्रीय सभा को विशेष निर्णय लेना चाहिए। सम्मानीय प्रधानमंत्री द्वारा व्यक्त की गई बातों का कारण क्या है? इस विषय में जांच समिति गठित करने की मांग करता हूँ।’

पहले भी प्रधानमंत्री बालेन शाह को अपनी अभिव्यक्ति के तथ्य सार्वजनिक करने का अल्टीमेटम दिया गया है।

सांसद कर्ण ने कहा, ‘कल प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधि सभा के रोस्टरम से स्वीकार किया कि नेपाल ने भारत की कुछ जमीन पर कब्जा किया है। मैं सम्मानीय प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूँ कि 24 घंटे के अंदर नेपाल सरकार द्वारा भारत के किन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहित की गई है, इसकी जानकारी सार्वजनिक करें।’

उन्होंने आगे कहा, ‘यदि तथ्य सार्वजनिक नहीं किया गया तो प्रधानमंत्री को जनता से माफी मांगनी पड़ेगी।’

रविवार को प्रतिनिधि सभा की बैठक में प्रधानमंत्री बालेन शाह ने कहा था कि नेपाल-भारत सीमा विवाद को कूटनीतिक बातचीत के जरिए हल किया जाएगा।

उन्होंने कहा था, ‘मुझे भी प्रधानमंत्री बनने के बाद पता चला कि भारत ने केवल नेपाल की जमीन ही नहीं, बल्कि नेपाल ने भी भारत के कई हिस्सों में जमीन अधिग्रहित की है।’

उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अध्ययन व चर्चाओं के बाद मैत्रीपूर्ण दृष्टिकोण से समस्या का समाधान करना चाहिए।

कांग्रेस ने इस अभिव्यक्ति का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री से जवाब मांगते हुए जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है।

साथ ही कांग्रेस राष्ट्रीय सभा में सांसदों से प्रधानमंत्री के प्रश्नोत्तर सत्र की व्यवस्था करने की मांग कर रही है।