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नया फुटबॉल शक्ति का उदय: 2026 विश्व कप में 48 देशों की भागीदारी

इस बार के विश्व कप फुटबॉल में 48 देश भाग ले रहे हैं, जिससे नए देशों को विश्व फुटबॉल जगत में स्थापित होने का मौका मिला है। 2026 के फीफा विश्व कप में टीमों की संख्या 48 कर देने से नए देशों को स्थापित होने का अवसर प्राप्त हुआ है। एशियाई क्वोटा वृद्धि का लाभ उठाते हुए जॉर्डन और उजबेकिस्तान के अलावा छोटे देशों कुराकाओ और केप वरदे पहली बार विश्व कप में चुने गए हैं। अफ्रीकी राष्ट्र डीआर कांगो, हैती और इराक ने लगभग 40 से 52 वर्षों बाद विश्व कप फुटबॉल में वापसी का अवसर पाया है। 18 जेठ, काठमांडू।

1930 से शुरू हुए फीफा विश्व कप फुटबॉल में एशियाई देश जापान 68 वर्षों के बाद पहली बार चयनित हुआ। 1998 के संस्करण से विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों की संख्या 24 से बढ़ाकर 32 कर दी गई थी, तब जापान ने विश्व कप में प्रवेश पाया था। टीमों की संख्या बढ़ाने पर एशिया क्षेत्र के कोटे को 2 से 4 किया गया, जिसका लाभ जापान ने उठाया। जापान ने पिछले विश्व कप संस्करण में मजबूत मानी जाने वाली जर्मनी और स्पेन को हराकर विश्व फुटबॉल जगत को चकित कर दिया था।

शुरुआती 16 संस्करणों में केवल दो बार विश्व कप खेलने वाला पुर्तगाल, 2002 के बाद के संस्करणों में मजबूत टीम के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है। टीमों की संख्या बढ़ने से पुर्तगाल को भी फायदा मिला है। 1930 में हुए पहले फीफा विश्व कप में 13 देशों ने भाग लिया था। अब 23वें संस्करण तक पहुंचते-पहुंचते विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों की संख्या 48 कर दी गई है। इससे विश्व कप की पहुंच तो बढ़ी है, साथ ही नए देशों को विश्व कप फुटबॉल में स्थापित होने का अवसर भी प्राप्त हुआ है।

अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में आयोजित होने जा रहे फीफा विश्व कप 2026 में टीमों की संख्या 32 से बढ़ाकर 48 कर दी गई है, जिससे 444 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले कुराकाओ का चयन सफल हुआ। अफ्रीकी राष्ट्र डीआर कांगो और हैती को भी 52 वर्षों बाद विश्व कप में वापसी का मौका मिला। इस बार टीमों की संख्या बढ़ने की वजह से एशियाई क्षेत्र से चयनित होने वाले कोटे में भी वृद्धि हुई है। जॉर्डन ने चयन खेल शुरू किए 40 वर्षों के बाद पहली बार विश्व कप में चयनित होने का गौरव पाया। इसी तरह, 444 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले छोटे देश कुराकाओ और केप वरदे पहली बार विश्व कप में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

इन देशों ने केवल विश्व कप खेलने का अवसर नहीं पाया है, बल्कि विश्व फुटबॉल में स्थापित होने का मौका भी हासिल किया है। विश्व कप में वे कुछ नए प्रतिद्वंदी और कुछ स्थापित टीमों के साथ खेलने का अवसर प्राप्त करेंगे। इससे विश्व कप में अपना प्रदर्शन दिखाते हुए इनके खिलाड़ी शीर्ष स्तर की लीग खेलने के अवसर भी पा सकते हैं। अधिक देशों के भाग लेने से विश्व कप के प्रति दर्शकों और समर्थकों का आकर्षण बढ़ेगा। इससे पर्यटन, टिकट बिक्री, प्रसारण अधिकार और प्रायोजन से भी अतिरिक्त आय बढ़ेगी।