सहकारी कानून के विपरीत कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया

सहकारी क्षेत्र में अनियमितताओं की जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने १४ तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों से ७ दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांग किया है। आयोग की रिपोर्ट के क्रियान्वयन और विस्तार अध्ययन हेतु मंत्रालय ने प्रशासन महाशाखा प्रमुख के संयोजन में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। विभागीय मंत्री प्रतिभा रावल ने कहा, “रिपोर्ट के सुझावानुसार सहकारी क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार के ठोस योजना पर काम शुरू हो चुका है।” १९ जेठ, काठमाडौँ।
भूमि व्यवस्था, सहकारी, संघीय मामला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय ने सहकारी क्षेत्र में विसंगतियों और अनियमितताओं की जांच को तीव्र कर दिया है। नेपाल सरकार के मंत्रिपरिषद के निर्णयानुसार गठित सहकारी अनियमितता जाँच आयोग, २०८२ द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के सुझावों और सिफारिशों को कार्यान्वित करने में मंत्रालय लगा है।
मंत्रिपरिषद के २०८३ जेठ ११ के निर्णय के अनुसार सार्वजनिक रिपोर्ट में सहकारी रजिस्ट्रेशन, कार्यक्षेत्र विस्तार, सेवा केन्द्र एवं शाखा कार्यालयों की स्वीकृति और एकीकरण जैसे कार्यों में सहकारी सिद्धांत, मूल्य-मान्यता और कानून के विपरीत कार्य करने वाले तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। रिपोर्ट में १४ तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम औपचारिक रूप से उल्लेखित कर उनसे जांच करने का सुझाव दिया गया था। स्पष्टीकरण मांगे गए कर्मियों में शाखा अधिकृत से लेकर सहसचिव तक के पदाधिकारी शामिल हैं। मंत्रालय ने संबंधित व्यक्तियों को पत्राचार कर आयोग की रिपोर्ट में उल्लिखित विषयों पर सात दिनों में आधार सहित लिखित जवाब देने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समयावधि में जवाब न मिलने पर प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिक अध्ययन के लिए समिति का गठन किया गया है। मंत्रालय ने आयोग की रिपोर्ट के कार्यान्वयन और विस्तृत अध्ययन हेतु प्रशासन महाशाखा प्रमुख के संयोजन में पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में सहकारी नियमन प्राधिकरण के निदेशक, मंत्रालय के कानूनी महाशाखा के उपसचिव, सहकारी विभाग के उपरजिस्ट्रार तथा मंत्रालय के सहकारी प्रवर्धन शाखा के उपसचिव सदस्य–सचिव रहेंगे। समिति को आयोग की रिपोर्ट का गहन विश्लेषण कर तत्कालीन एवं दीर्घकालीन सुधार हेतु सुझाव तैयार करने, प्राप्त स्पष्टीकरणों का विश्लेषण करने, नए सहकारी कानून का मसौदा बनाने में सहयोग देने तथा रिपोर्ट में उल्लिखित सहकारी संस्थाओं से संबंधित टिप्पणी फाइलों का अध्ययन एवं विश्लेषण करने का दायित्व सौंपा गया है। विभागीय मंत्री प्रतिभा रावल ने कहा कि रिपोर्ट के क्रियान्वयन को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “रिपोर्ट के सुझावानुसार सहकारी क्षेत्र के संरचनात्मक सुधार की ठोस योजना पर काम शुरू हो चुका है।”




