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४ वर्ष की कैद एवं ३८ लाख ५० हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गई

विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार मामले में दोषी पाए गए मधेस प्रदेश के प्रदेशसभा सदस्य सरोजकुमार सिंह कुशवाहा को ४ वर्ष १ महीने की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कुशवाहा को ३८ लाख ५० हजार १ सय ३९ रुपये जुर्माना और इसी राशि के बराबर राशि जप्त करने का फैसला किया है। उपभोक्ता समितियों से रिश्वत लेने की पुष्टि होने पर अख्तियार द्वारा दायर मामले में अदालत ने कुशवाहा को दोषी ठहराते हुए इस प्रकार सजा सुनाई है।

१९ जेठ, काठमांडू। विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के आरोप में दोषी पाए गए मधेस प्रदेश के प्रदेशसभा सदस्य सरोजकुमार सिंह कुशवाहा को ४ वर्ष १ महीने की कैद की सजा सुनाई है। विशेष अदालत के अध्यक्ष सुदर्शनदेव भट्ट तथा सदस्य उमेश कोइराला और विदुर कोइरालाके संयुक्त इजलास ने गत जेठ ४ को सिंह को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, २०५९ के तहत दोषी ठहराया था। इसके बाद आज अदालत ने उन्हें ४ वर्ष की कैद के साथ ३८ लाख ५० हजार १ सय ३९ रुपये जुर्माना भी लगाई है।

अदालत के अनुसार सिंह ने विभिन्न उपभोक्ता समितियों से रिश्वत और कमीशन के रूप में कुल ३८ लाख ५० हजार १ सय ३९ रुपये प्राप्त किए थे। इस राशि को भ्रष्टाचार की हानि मानकर सजा दी गई है। फैसले के अनुसार घटना के समय सिंह महोत्तरी निर्वाचन क्षेत्र नंबर ४ (ख) से निर्वाचित प्रदेशसभा सदस्य थे। उन्होंने सार्वजनिक पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया, यह मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा २४ के अनुसार अतिरिक्त १ महीने की कैद की सजा भी दी गई है।

विशेष अदालत ने सिंह से रिश्वत के रूप में मिली ३८ लाख ५० हजार १ सय ३९ रुपये ज़ब्त करने और वसूली का आदेश दिया है। इसके अलावा, जुर्माने के आधार पर अपराध पीड़ित संरक्षण अधिनियम, २०७५ के तहत १ लाख ५४ हजार ५ रुपये ५६ पैसा क्षतिपूर्ति शुल्क वसूल कर पीड़ित राहत कोष में जमा करने का आदेश भी दिया है।

अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग ने सिंह के विरुद्ध विभिन्न उपभोक्ता समितियों से कमीशन एवं रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार का मामला दायर किया था। विशेष अदालत ने आरोपों की पुष्टि के बाद उन्हें दोषी ठहराकर यह सजा तय की है।