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कौन-कौन से निकाय होंगे समाप्त और पुनर्गठित?

समाचार सारांश

  • सरकार ने केंद्रीय स्तर पर बोझिल और अप्रभावी 55 सरकारी निकायों को समाप्त, एकीकृत, हस्तांतरण और पुनर्गठन की योजना बनाई है।
  • प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव किरण शर्मा के नेतृत्व वाले कार्यदल की रिपोर्ट को मंत्रिपरिषद ने लागू करने का निर्णय लिया है।
  • इस कदम से राज्य को लगभग 20 अरब रूपए की बचत होने का अनुमान है, जो अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने व्यक्त किया है।

20 जेठ, काठमांडू। सरकार केंद्रीय स्तर पर बोझिल और अप्रभावी माने जाने वाले 55 विभिन्न सरकारी निकायों को समाप्त, एकीकृत, हस्तांतरण और पुनर्गठन करने जा रही है।

सरकारी अध्ययन कार्यदल की रिपोर्ट के अनुसार 25 निकाय समाप्त किए जाएंगे, 6 निकाय एकीकृत होंगे और 6 निकायों को प्रदेश सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा। प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद कार्यालय को प्रस्तुत रिपोर्ट में 18 निकायों के पुनर्गठित करने की तैयारी है।

सरकार के 100 बिंदुओं वाली कार्यसूची में अप्रभावी, दुविधापूर्ण कार्य क्षेत्रों वाले तथा अनावश्यक वित्तीय बोझ डालने वाले बोर्ड, समितियों, योजनाओं और संरचनाओं का अध्ययन करने के लिए समिति गठित करने का उल्लेख था। संघीय स्तर पर आवश्यक न समझे गए संरचनाओं को वर्गीकृत कर समाप्ति, एकीकरण, हस्तांतरण एवं पुनर्गठन की योजना बनाई गई है।

इसी के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय के सचिव किरण शर्मा की संयोजकता में कार्यदल गठित किया गया था, जिसने सरकारी निकायों की आवश्यकता का अध्ययन कर सरकार को रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

कार्यदल की रिपोर्ट का कुछ हिस्सा लागू हो चुका है, जबकि अन्य चरण में है।

पिछले शुक्रवार संघीय संसद के संयुक्त सत्र में अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने सचिव शर्मा के नेतृत्व में कार्यदल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नेपाल सरकार की बोझिल संरचना को चुस्त-दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था।

उनके अनुसार अब 31 निकाय समाप्त होंगे, 6 निकायकें मर्ज किए जाएंगे और 6 निकाय प्रदेश और स्थानीय तह को हस्तांतरित किए जाएंगे। इस कदम से लगभग 20 अरब रुपये की बचत होने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता हेमराज अर्याल ने बताया कि अध्ययन कार्यदल की रिपोर्ट को मंत्रिपरिषद ने लागू करने का निर्णय लिया है।

“यह रिपोर्ट मंत्रिपरिषद में प्रस्तुत होकर लागू करने का निर्णय हो चुका है,” उन्होंने कहा, “संबंधित मंत्रालय अपने अधीन निकायों में रिपोर्ट के क्रियान्वयन करेंगे।”

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समाप्त होने वाले संस्थान

सरकार ने कपास विकास समिति को समाप्त करने की योजना बनाई है, जो विकास समिति गठन आदेश के तहत स्थापित की गई थी। इसके अलावा पशु विकास फार्म संचालन कोष और राष्ट्रीय किसान आयोग भी समाप्त होंगे।

पत्रकारों के पारिश्रमिक निर्धारण के लिए स्थायी संरचना बनाने वाली न्यूनतम पारिश्रमिक निर्धारण समिति भी समाप्त की जाएगी। इसके लिए श्रमिक पत्रकार अधिनियम के सम्बंधित प्रावधानों में संशोधन कर सरकार इसे समाप्त करने की तैयारी में है।

शैक्षिक निकायों की भौतिक संरचना बनाने के लिए स्थापित केंद्रीय आयोजना इकाई भी समाप्त होगी। यह संस्था भूकंप के 10 वर्षों बाद दो साल पहले बनाई गई थी और गत 25 वैशाख को इसे निरंतरता दी गई थी।

सरकार ने बर्दिबास मेडिकल कॉलेज पूर्वाधार निर्माण विकास योजना, बुटवल मेडिकल कॉलेज और सुर्खेत मेडिकल कॉलेज के पूर्वाधार निर्माण योजना समिति को भी समाप्त करने की सूची में शामिल किया है।

पूर्वाधार विकास इकाई और कालिगंडकी तिनाउँ डाइवर्सन बहुउद्देश्यीय योजना भी खत्म करने की योजना है। कालिगंडकी के पानी को तिनाउँ नदी में मोड़कर बिजली उत्पादन करने की योजना देश में मौजूद रहते हुए यह परियोजना समाप्त की जा रही है।

जोखिमयुक्त भूस्खलन प्रबंधन योजना, पशु एवं एकीकृत बालीजल प्रबंधन कार्यक्रम एवं जल स्रोत संरक्षण योजना भी समाप्त की जाएंगी।

स्थानीय विकास प्रशिक्षण प्रतिष्ठान भी समाप्त करने की सूची में है।

वादी समुदाय उत्थान विकास समिति, उपेक्षित, उत्पीड़ित और दलित वर्ग उत्थान विकास समिति तथा पिछड़े समुदाय उत्थान विकास समिति को भी समाप्त करने की सिफारिश की गई है।

चुरे उत्थानशील योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने वाली इकाइयों को भी समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। सात वर्ष के लिए स्थापित अस्थायी संरचनाएं लंबे समय से चल रही हैं, इसलिए सरकार ने समाप्ति का प्रस्ताव रखा है।

कानून मंत्रालय के तहत केंद्रीय कानून पुस्तकालय विकास समिति और भौतिक पूर्वाधार मंत्रालय की जलमार्ग योजना भी समाप्त की जा रही हैं। शहरी विकास मंत्रालय के तहत निवेश करने वाले भूमि विकास चक्रकोष एवं नगर विकास समितियां भी समाप्त होंगी।

समाज कल्याण परिषद और राष्ट्रीय बाल अधिकार परिषद भी समाप्त की जाने वाली सूची में हैं। युवा मंत्रालय की कैलाली धनगढी के फाप्ला अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैदान और खेलग्राम पूर्वाधार निर्माण समिति को भी अब समाप्त किया जाएगा।

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प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता अर्याल के अनुसार, समाप्त होने वाले निकायों की संपत्ति, दायित्व, जनशक्ति आदि का प्रबंधन संबंधित मंत्रालय करेंगे। एक से अधिक निकायों के एकीकरण और प्रबंधन से संबंधित अन्य कार्य भी मंत्रालय ही करेगा।

एकीकृत किए जाने वाले दर्जनों निकाय

सरकार लगभग एक दर्जन सरकारी निकायों को मर्ज करने की तैयारी कर रही है। नेपाल पर्वतीय प्रशिक्षण प्रतिष्ठान और नेपाल पर्यटन तथा होटल प्रबंधन प्रतिष्ठान एकीकृत किए जाएंगे। 11 वैशाख को सरकार ने इन दोनों निकायों को मर्ज करने का निर्णय लिया था।

नेपाल इंटरमोडल यातायात विकास समिति और नेपाल पारवहन तथा गोदाम लिमिटेड भी मर्ज किए जाएंगे। काठमांडू उपत्यका विकास प्राधिकरण के कई निकाय भी एकीकृत होंगे। महिला स्वावलंबन कोष सहित अन्य कोष भी इस योजना में शामिल हैं।

काठमांडू के पानी प्रबंधन से जुड़े तीन निकायों को एक साथ करने की भी योजना है।

काठमांडू उपत्यका पानी प्रबंधन बोर्ड, काठमांडू उपत्यका पानी लिमिटेड, पानी संस्थान के केंद्रीय कार्यालय सहित संरचना और पानी शुल्क निर्धारण आयोग को संयुक्त रूप से एकीकृत किया जाएगा।

कार्यदल की रिपोर्ट में उल्लेख है, ‘काठमांडू उपत्यका के पानी के समग्र प्रबंधन के लिए काठमांडू उपत्यका पानी प्राधिकरण का गठन किया जाएगा।’

युवा और छोटे व्यवसायी स्वरोजगार कोष तथा औद्योगिक व्यवसाय विकास प्रतिष्ठान भी एकीकृत किए जाएंगे।

हस्तांतरित किए जाने वाले निकाय

सरकार ने तराई मधेश समृद्धि कार्यक्रम को मधेश प्रदेश को हस्तांतरित करने की योजना बनाई है। कोशी अंचल अस्पताल विकास समिति, सगरमाथा अंचल अस्पताल विकास समिति और नारायणी अंचल अस्पताल विकास समिति भी हस्तांतरित की जाएंगी।

विभिन्न सड़क योजनाएं भी हस्तांतरित होंगी। संघीय स्तर पर मौजूद प्रादेशिक सड़क योजनाएं प्रदेश के स्तर को हस्तांतरित की जाएंगी।

बुटवल लिंक रोड, लेले–चंदनपुर–ठूला दुर्लुङ सड़क, दमक गौरादह गौरीगंज लिंक रोड तथा डडेलधुरा लिंक रोड को भी हस्तांतरित किया जाएगा।

पानी और नाले प्रबंधन से संबंधित कार्यालय भी हस्तांतरित किए जाएंगे। लगभग आधा दर्जन पानी योजनाएं प्रदेश स्तर पर स्थानांतरित हो चुकी हैं।

डेढ़ दर्जन पुनर्गठित निकाय

सरकार ने डेढ़ दर्जन निकायों को पुनर्गठित करने की योजना बनाई है। कालीमाटी फलफूल एवं तरकारी बाजार विकास समिति, राष्ट्रीय चाय और कॉफी विकास बोर्ड, राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय कृषि आधुनिकीकरण कार्यक्रम को पुनर्गठित किया जाएगा।

बृहत्तर जनकपुर क्षेत्र विकास परिषद और बौद्ध दर्शन प्रवर्धन एवं गुम्बा विकास समिति भी इस सूची में शामिल हैं। ऊर्जा मंत्रालय के विभिन्न कार्यक्रम, परियोजनाएं और कार्यालय भी पुनर्गठित होंगे।

वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के तहत सूर्यविनायक राष्ट्रीय प्राणी उद्यान और तनहुँ के भानुभक्त प्राणी उद्यान को पुनर्गठित किया जाएगा। वन उत्पाद विकास समिति की परियोजनाओं/कार्यक्रमों को भी पुनर्गठित करने का कार्यदल ने सिफारिश की है।

अर्द्ध दर्जन चिकित्सा शिक्षा विकास प्रतिष्ठानों के पुनर्गठन की योजना भी है।

वीर अस्पताल संचालित करने वाला चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान, बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, पोखरा स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान और राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान पुनर्गठित होंगे।

कीट जन्य रोग अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र विकास समिति भी पुनर्गठित होगी। उद्योग मंत्रालय का व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र, श्रम मंत्रालय का वैदेशिक रोजगार बोर्ड, कानून मंत्रालय की कानून पुस्तक व्यवस्था समिति, भौतिक मन्त्रालय का रेलवे बोर्ड, संघीय मामिला मंत्रालय का आदिवासी जनजाति उत्थान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान भी इस सूची में शामिल हैं।

सरकार ने दो महीने पहले सार्वजनिक किए गए 100 बिंदुओं वाली कार्यसूची में विभिन्न बोर्ड, समितियों, परियोजनाओं और संस्थागत संरचनाओं का समग्र मूल्यांकन कर समाप्ति, एकीकरण या पुनर्गठन करने की घोषणा की थी।

सचिव शर्मा के नेतृत्व में गठित कार्यदल में अर्थ, उद्योग, वाणिज्य, संघीय मामिला मंत्रालय के प्रतिनिधि सदस्य थे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता हेमराज अर्याल ने बताया कि रिपोर्ट के क्रियान्वयन में कानूनी संशोधन, जनशक्ति और संपत्ति प्रबंधन आदि कार्य संबंधित मंत्रालय करेंगे। कुछ मामलों में मंत्रालय से निर्णय न होने पर मंत्रिपरिषद में लेकर आगे निर्णय करने की आवश्यकता हो सकती है।