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क्या सुधन गुरुङ की हिरासत में जाकर जनजी युवाओं को दी धमकी?

समाचार सारांश

संपादकीय रूपमा समीक्षा गरिएको।

  • सीमा विवाद के विरोध में भारतीय दूतावास क्षेत्र से पकड़े गए जनजी युवा को सोह्रखुट्टे पुलिस थाने में रखा गया।
  • राष्ट्रीय जनजी नागरिक अभियान ने पूर्व गृहमंत्री एवं सांसद सुधन गुरुङ पर हिरासत में जाकर युवाओं को धमकी देने का आरोप लगाया है।
  • जिला पुलिस परिसर काठमांडू के प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराई ने सांसद गुरुङ के हिरासत में युवाओं से मिलने सोह्रखुट्टे पुलिस थाने पहुंचने की पुष्टि की है।

२२ जेठ, काठमांडू। सीमा विवाद के कारण प्रदर्शन करते हुए भारतीय दूतावास घेरने गए कुछ युवाओं को २० जेठ को पुलिस ने गिरफ्तार किया। लैनचौर के दूतावास क्षेत्र से पकड़े गए युवाओं को सोह्रखुट्टे पुलिस थाने में रखा गया।

हालांकि, हिरासत में रखे गए जनजी युवाओं का आरोप है कि पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सांसद सुधन गुरुङ ने वहां जाकर उन्हें धमकी दी। राष्ट्रीय जनजी नागरिक अभियान ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति जारी कर हिरासत में सुधन द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का दावा किया।

‘शांतिपूर्ण तरीके से पंपलेट प्रदर्शन करने के उद्देश्य से हम भारतीय दूतावास के पास पहुंचे थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पुलिस ने बल प्रयोग कर चार जनजी कार्यकर्ताओं—अजय सोडारी, प्रकाश बम, सुजन पौडेल और स्तुल जेम्स नेपाली को गिरफ्तार कर सोह्रखुट्टे थाने में रखा। हिरासत में एक घंटे बाद सुधन गुरुङ दल बल के साथ थाने की हिरासत कक्ष में प्रवेश कर हमारे साथ अनुचित, अमर्यादित और दबावपूर्ण व्यवहार किए,’ विज्ञप्ति में कहा गया।

सिर्फ इतना ही नहीं, उन्हें और भी धमकी दी गई। ‘आप किसके द्वारा परिचालित हैं? यह अंतिम मौका है। अब सरकार और पुलिस ने पकड़ लिया तो छोड़ेंगे नहीं। सरकार के खिलाफ बोलना बंद करें,’ जैसी मानसिक दबाव और डराने-धमकाने की कोशिशें की गईं,’ विज्ञप्ति में उल्लेख है।

पुलिस हिरासत में पकड़े गए लोगों को अनधिकृत व्यक्ति द्वारा धमकाना एक गंभीर समस्या है और इस घटना की जांच की मांग भी की गई है।

अनधिकृत व्यक्ति का पुलिस हिरासत में बंद व्यक्ति को धमकाना गैरजिम्मेदाराना कृत्य है। राष्ट्रीय जनजी नागरिक अभियान के अनुसार सुधन गुरुङ ने पुलिस हिरासत पहुंचकर युवाओं को धमकाया या नहीं, इसकी जांच हो रही है।

पुलिस ने पुलिस थाने में मौजूद जनजी युवाओं को हिरासत में लिया था और उस दौरान सुधन गुरुङ के सोह्रखुट्टे पुलिस थाने पहुंचने की पुष्टि हो चुकी है।

जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसपी एवं प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराई ने सुधन गुरुङ के वहां जाने की पुष्टि की। ‘वे (सुधन गुरुङ) वहां पहुंचे। जब उन्हें बताया गया कि जनजी युवाओं को वहां रखा गया है तो वे उनसे मिलने गए,’ उन्होंने कहा।

हालांकि, पुलिस थाने में सुधन ने युवाओं को धमकाया या नहीं, इस बारे में पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

एसपी भट्टराई ने बताया कि वे सुधन से मिले, लेकिन उनकी बातों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

कुछ समय के लिए मुलाकात के बाद सुधन वहां से बाहर निकले, लेकिन युवाओं का दावा है कि उन्होंने धमकी दी।

इस मामले में पुलिस सोह्रखुट्टे थाने से भी जानकारी जुटाने की कोशिश में है। सोह्रखुट्टे पुलिस ने कहा है कि सुधन आए और कुछ देर मुलाकात की, लेकिन धमकी के बारे में कुछ कह नहीं सकते। ‘वे आए थे। उनसे मिले थे, लेकिन वहां हुई बातचीत के बारे में हमें जानकारी नहीं है,’ स्रोत ने बताया।

विशेष पुलिस कार्यालय में अपने काम के लिए जाना सामान्य माना जाता है, लेकिन सुधन कोई व्यक्तिगत समस्या लेकर या कोई शिकायत लेकर नहीं गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वे सिर्फ हिरासत में मौजूद जनजी युवाओं से मिलने गए थे।

पूर्व मंत्री सुधन से इस बारे में संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली।

फिर भी, पुलिस के अनुसार उन्होंने अपने निजी काम से नहीं बल्कि जनजी युवाओं से मिलने हिरासत में जाकर कुछ समय बात की यह पुष्टि हुई है।