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ट्रम्प के १७ महीनों के कार्यकाल में अमेरिका से निकाले गए 4,600 से अधिक भारतीय नागरिक

२३ जेठ, काठमाडौं । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के १७ महीनों के कार्यकाल में कई भारतीय नागरिकों को अमेरिका से निर्वासित किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। ट्रम्प प्रशासन के दौरान इन १७ महीनों में ४,६०० से अधिक भारतीय नागरिकों को अमेरिका से वापस भेजा गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष २०२६ तक १,०७६ भारतीय नागरिकों को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया है।

इसी प्रकार, वर्ष २०२५ में कुल ३,५६७ भारतीय नागरिकों को अमेरिका द्वारा देशनिकाला किया गया था। ट्रम्प प्रशासन ने आप्रवास को एक प्रमुख और संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा के रूप में उठाया था। भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि गैरकानूनी रूप से विदेश में बसे अपने नागरिकों को लौटाना हर देश की जिम्मेदारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया संबंधित व्यक्ति की राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद ही लागू होती है।

भारत ने इस संबंध में कहा है कि “यह केवल भारत की नीति नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सर्वसम्मति प्राप्त सिद्धांत है” और इसी तर्क से अपनी स्थिति का बचाव किया है। अमेरिका उन व्यक्तियों को देशनिकाला करता है जो गैरकानूनी रूप से अमेरिका में प्रवेश कर चुके हैं, जिनकी वीजा अवधि समाप्त हो चुकी है पर वे वहां रह रहे हैं या जिनके पास वैाध दस्तावेज नहीं हैं। भारत, अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने वाले व्यक्तियों की सूचियां अपनी एजेंसियों के माध्यम से सूक्ष्म रूप से जाँची और प्रमाणीकरण किए बिना स्वीकार नहीं करता।