
फाइल तस्वीर
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा सहित।
- राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के सचेतक प्रकाशचन्द्र परियार ने बताया कि उनकी पार्टी का पुरानी राजनीतिक दलों के साथ कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संघर्ष नहीं है।
- सचेतक परियार ने स्पष्ट किया कि रास्वपा का मुख्य संघर्ष गरीबी, असमानता, भेदभाव, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ केंद्रित रहेगा।
- उन्होंने आगामी स्थानीय एवं प्रादेशिक चुनावों को ध्यान में रखते हुए धनकुटा को ‘घण्टीमय’ बनाने के अभियान में कार्यकर्ताओं से जुड़ने का आह्वान किया।
२४ जेठ, धनकुटा। राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के केंद्रीय सदस्य एवं संघीय संसदीय दल के सचेतक प्रकाशचन्द्र परियार ने कहा कि पुरानी राजनीतिक पार्टियों के साथ अब उनकी पार्टी का कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संघर्ष नहीं है। उनके अनुसार गरीबी, असमानता, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ रास्वपा का संघर्ष जारी रहेगा।
रास्वпа धनकुटा के जिला अधिवेशन को रविवार को टुँडिखेल में संबोधित करते हुए परियार ने कहा कि पुरानी पार्टियां अभी भी पुरानी सोच, अहंकार और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा में उलझी हुई हैं।
‘जनता द्वारा बार-बार दंडित पुरानी पार्टियों के साथ अब हमारा कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संघर्ष नहीं है,’ उन्होंने कहा, ‘उनको गाली देना या उनके साथ प्रतिस्पर्धा में समय व्यर्थ करना हमारा उद्देश्य नहीं है। नेपाली जनता ने उनका फैसला कर दिया है।’
उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर नागरिकों की स्थिति जस की तस रखने वाले दलाल तंत्र के खिलाफ रास्वपा संघर्षरत रहने की जानकारी दी। ‘हम गाली नहीं, काम करके देश बदलने आए हैं। आश्वासनों का खेल नहीं, जनता के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने आए हैं,’ उन्होंने कहा।
परियार ने बताया कि रास्वपा की मुख्य लड़ाई गरीबी, असमानता, भेदभाव, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ है जो समाज में गहराई से व्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि धनकुटा के किसान जब तक अपनी उपज—संतरा, सब्जियां और दूध—का उचित मूल्य न पाएं और युवाओं को रोजगार के लिए विदेश जाना पड़ता रहे, संघर्ष जारी रहेगा।
‘जब तक सामान्य उपचार न मिलने से नागरिकों की मौत होना बंद नहीं होगा और सरकारी कोष लूटने की भ्रष्ट प्रवृत्ति बनी रहेगी, हमारी लड़ाई रुकेगी नहीं,’ उन्होंने कहा।
परियार ने आगामी स्थानीय और प्रादेशिक चुनावों को ध्यान में रखते हुए धनकुटा को ‘घण्टीमय’ बनाने के अभियान में कार्यकर्ताओं की भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धनकुटा से नई राजनीतिक युग की शुरुआत करने की जिम्मेदारी अब रास्वपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के कंधों पर है।




