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मोबाइल क्षतिपूर्ति की मांग को लेकर सिरहा में विद्यार्थियों का प्रदर्शन

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • सिरहा में परीक्षा के दौरान जबरन जब्त किए गए मोबाइल फोन नष्ट करने के विरोध में विद्यार्थी संगठनों ने प्रदर्शन कर क्षतिपूर्ति की मांग की है।
  • जिला प्रशासन कार्यालय सिरहा ने परीक्षा में बरामद लगभग ५०० मोबाइल और स्मार्ट घड़ियां पानी में डुबोकर नष्ट की थीं।
  • विद्यार्थियों ने करोड़ों रुपये कीमत वाले उपकरणों को नष्ट किए जाने को संपत्ति के अधिकार के खिलाफ बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

२५ जेठ, सिरहा। एसईई और कक्षा १२ की परीक्षाओं के दौरान जबरन जब्त किए गए मोबाइल फोन और स्मार्ट घड़ियों को पानी में डुबाकर नष्ट करने के मामले में सिरहा में विभिन्न विद्यार्थी संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया है।

विद्यार्थियों ने सिरहा कैंपस से जिला प्रशासन कार्यालय तक मार्च कर नष्ट हुए मोबाइलों की उचित क्षतिपूर्ति, प्रभावित विद्यार्थियों को न्याय दिलाने तथा संपत्ति के अधिकारों के उल्लंघन को रोकने की मांग की है।

विद्यार्थी संगठनों ने प्रमुख जिल्ला अधिकारी के माध्यम से जिला प्रशासन कार्यालय में ज्ञापन पेश करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच, क्षतिपूर्ति और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान द्वारा सुनिश्चित संपत्ति अधिकारों का उल्लंघन करते हुए बिना प्रवर्तन कार्रवाई उपकरणों को नष्ट किया गया है, जिसका विरोध किया गया है।

विद्यार्थी संगठनों ने कहा कि परीक्षा में नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है, लेकिन निजी संपत्ति को नष्ट करने का अधिकार किसी को नहीं है।

चोरी या परीक्षा में अन्य अनियमितता पाए जाने पर भी विधि, न्याय और जिम्मेदारी के तहत दोषियों को दंडित करने और प्रभावितों को क्षतिपूर्ति देने की मांग ज्ञापन के माध्यम से की गई है।

जिला प्रशासन कार्यालय सिरहा ने पिछले चैत में संपन्न एसईई तथा कक्षा १२ की परीक्षाओं के दौरान परीक्षार्थियों से जब्त किए गए लगभग ५०० मोबाइल फोन और स्मार्ट घड़ियाँ नष्ट की थीं।

प्रशासन के अनुसार, इनमें सात आईफोन, ४८९ विभिन्न कंपनी के एंड्रॉयड मोबाइल फोन और पांच स्मार्ट घड़ियाँ शामिल थीं।

इन उपकरणों की अनुमानित बाजार मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। मोबाइल प्रबंधन के लिए शिक्षा विकास एवं समन्वय इकाई सिरहा के परीक्षा शाखा अधिकारी राजदेव यादव के नेतृत्व में जिला प्रशासन कार्यालय, नेपाल प्रहरी, सशस्त्र प्रहरी बल और राष्ट्रीय अनुसन्धान विभाग के प्रतिनिधि सहित पांच सदस्यों की उपसमिति गठित की गई थी।

समिति ने जिला प्रहरी कार्यालय परिसर में मोबाइलों को २४ घंटे पानी में डुबाकर रखा और फिर उन्हें पुनः उपयोग में न लाने योग्य अवस्था में नष्ट किया।

प्रशासन ने परीक्षा की गरिमा बनाए रखने और भविष्य में उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाने का दावा किया है।

हालांकि अभिभावक, वकील और विद्यार्थी संगठन इस निर्णय से असंतुष्ट हैं और निष्पक्ष जांच, न्याय व क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं।