
२७ जेठ, काठमाडौं। प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रीय सभा में आए कमज़ोर चलचित्र विधेयक, २०८२ को धारावार चर्चा के लिए संसदीय समिति को भेजा है। बुधवार को हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में सूचना एवं संचार मंत्री डा. विक्रम तिमिल्सिन ने ‘धारावार चर्चा के लिए सम्बंधित समिति की बैठक में भेजा जाए’ का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित होने के बाद चलचित्र विधेयक शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी समिति को भेज दिया गया है।
सरकार ने २०२६ साल से लागू पुराने चलचित्र अधिनियम को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित करते हुए संघीय संरचना, समावेशिता और नई प्रौद्योगिकी के अनुसार कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता बताई है और इसीलिए नया विधेयक प्रस्तावित किया है। चलचित्र क्षेत्र को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक उद्योग के रूप में विकसित करने हेतु नया अधिनियम आवश्यक होने के कारण, सूचना मंत्रालय ने यह विधेयक प्रस्तुत किया है।
चलचित्र के माध्यम से नेपाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का प्रमुख गंतव्य बनाना, स्वदेशी एवं विदेशी चलचित्र के प्रदर्शन से पूर्व अनिवार्य जाँच की व्यवस्था करना तथा नेपाली चलचित्र के विकास, विस्तार, प्रचार-प्रसार और नियंत्रण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया गया है। विधेयक तैयार करते समय नेपाल के संविधान, राष्ट्रीय सार्वजनिक संचार नीति २०७३ और राष्ट्रीय चलचित्र नीति २०७१ को आधार बनाया गया है। संविधान के प्रावधानों के अनुसार सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तन से जुड़े नीतियों में भाषा, लिपि, संस्कृति, साहित्य, कला, चलचित्र एवं सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा तथा विकास के लिए नए कानून की आवश्यकता बताई गई है।





