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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के हस्ताक्षर की तैयारी के बीच ईरान में विरोध प्रदर्शन

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति के लिए रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने जा रहे हैं, लेकिन ईरान में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई समाप्त करने के लिए रविवार को समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। ईरान ने हस्ताक्षर की तारीख के संबंध में अनिश्चितता जताई है, जिसके कारण ट्रम्प ने समय सीमा निर्धारित की है। एक मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान ने भी 24 घंटे के भीतर समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद जताते हुए कहा कि वे “इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की तैयारी” कर रहे हैं।

ट्रम्प के बयान से पहले, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने समय सीमा को लेकर सतर्कता जताते हुए शनिवार को कहा था, “हम समझौते पर हस्ताक्षर की एक निश्चित तारीख की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन वह कल (रविवार) नहीं होगी।” ट्रम्प ने शनिवार को अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “समझौते पर कल हस्ताक्षर होने का कार्यक्रम है और उसके बाद होर्मुज स्ट्रेट सभी के लिए खुल जाएगा।”

समझौते की खबर के साथ ही ईरान में विरोध प्रदर्शन का कारण क्या है? बीबीसी पर्शियन सेवा के अनुसार, ईरान में समझौते के कुछ विरोधियों ने इसका विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और विदेश मंत्री अब्बास अरागची तथा संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगर गालिबाफ के खिलाफ नारे लगाए। यह प्रदर्शन तेहरान के इब्न सीना स्क्वायर में आयोजित हुआ था, जिसमें शामिल प्रदर्शनकारी ईरान के कट्टरपंथी एवं चरमपंथी संगठन “पर्सिस्टेंस फ्रंट” के निकट बताए गए हैं। विदेश मंत्री अब्बास अरागची की अमेरिका के साथ संभावित समझौते पर अभिव्यक्ति के विरोध में शनिवार की शाम भी दर्जनों लोग विदेश मंत्रालय के भवन के सामने एकत्रित हुए।

ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर वर्तमान समझौते की तैयारी आगे नहीं बढ़ती है तो वे कड़े कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा, “यदि चीजें जल्दी, सरल और सहज तरीके से नहीं हुईं तो वाशिंगटन के पास अंतिम विकल्प होगा, उम्मीद है कि इसे फिर कभी प्रयोग न करना पड़े।” इससे पहले शनिवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा था, “हम शांति समझौते के बहुत करीब पहुंच चुके हैं, जहाँ पहले कभी नहीं पहुंचा था।”