१० असार, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कॅलिफोर्निया के प्राइमरी चुनाव परिणामों की जांच के लिए वहां के संघीय अभियोजक को फोन करने की बात स्वीकार की है। उन्होंने मंगलवार को पेंसिल्वेनिया में आयोजित रैली में दावा किया कि उनकी हस्तक्षेप से रिपब्लिकन उम्मीदवार स्टीव हिल्टन गवर्नर पद के दूसरे चरण (रनऑफ) में चुने गए, हालांकि यह दावा बिना किसी प्रमाण के किया गया है। कॅलिफोर्निया के चुनावी परिणाम ने डेमोक्रेट उम्मीदवार जेवियर बेसरा को नवंबर में होने वाले मुख्य चुनाव के लिए पहले स्थान पर सुरक्षित कर दिया था, जबकि ट्रम्प समर्थित हिल्टन का परिणाम कुछ दिन बाद ही घोषित हुआ था।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने रैली में बताया कि उन्होंने कॅलिफोर्निया के यूएस अटर्नी को फोन करके इस मामले की जांच करने का आग्रह किया था। उन्होंने फॉक्स न्यूज़ के पूर्व प्रस्तोता और हिल्टन की जीत का श्रेय भी खुद को दिया और कहा कि उन वकीलों ने एक अज्ञात व्यक्ति को फोन किया, इसके बाद हिल्टन दूसरे चरण में पहुंचने में सफल रहे। ट्रम्प के अनुसार, अपने फोन कॉल के लगभग एक घंटे बाद ही हिल्टन चुनाव जीत गए। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने फोन नहीं किया होता तो हिल्टन को घर पर ही चुनाव परिणाम देखते रहना पड़ता।
ट्रम्प ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने किस वकील को फोन किया था, लेकिन लॉस एंजिलिस में स्थित कॅलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के वरिष्ठ अधिकारी और फर्स्ट असिस्टेंट यूएस अटर्नी बिल एसेली ने इस महीने की शुरुआत में चुनावी धोखाधड़ी के दावों की जांच शुरू करने की घोषणा कर दी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कॅलिफोर्निया के गवर्नर चुनाव को ‘सेट अप’ बताया था, इससे पहले उन्होंने लॉस एंजिलिस के मेयर पद के चुनाव के बारे में भी ऐसी टिप्पणी की थी। उस मेयर चुनाव में डेमोक्रेट की बहुलता वाले शहर में रिपब्लिकन उम्मीदवार स्पेंसर प्रैट नवंबर के रनऑफ में पहुंचने में असफल रहे, जिसके बाद ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि राज्य ने उनके साथ अन्याय किया है। दूसरी ओर गवर्नर उम्मीदवार हिल्टन ने बार-बार स्पष्ट किया है कि उन्होंने चुनाव में कोई धोखाधड़ी का सबूत नहीं देखा है। सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में हिल्टन ने बताया कि उनके चुनावी टीम और वकील तैयार हैं, लेकिन उन्होंने राज्य के निर्वाचन प्रणाली की निष्पक्षता पर संशय करने का कोई आधार नहीं पाया है। इस मामले पर अभियोजक एसेली और हिल्टन के प्रवक्ताओं की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
