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‘महाधिवेशन ने वैचारिक आधार तय किया, हम और जिम्मेदार बनेंगे’

रास्वपा के पहले महाधिवेशन ने नए नेतृत्व के चयन के साथ पार्टी के वैचारिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मार्गदर्शन को सुनिश्चित किया है। एक सप्ताह तक चले इस महाधिवेशन में नए केंद्रीय सदस्य और पदाधिकारी चुने गए हैं। इसी संदर्भ में, पार्टी संगठन के महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने वाले महामंत्री पद पर नवनिर्वाचित विपिनकुमार आचार्य से दिनेश गौतम की बातचीत में उन्होंने कहा, “सच कहूँ तो, इस नतीजे और इसकी गंभीरता को अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया हूँ। पहले भी मैंने कहा था कि देश की एक प्रमुख पार्टी के निर्वाचित महामंत्री होना अपने आप में एक अत्यंत गंभीर जिम्मेदारी है।”

आचार्य ने महाधिवेशन में मिले अनुभव साझा करते हुए कहा, “महाधिवेशन तीन दिनों में पूरा करने की योजना थी, लेकिन लगभग एक सप्ताह चला। इसे मुख्य रूप से तीन भागों में बाँटा जा सकता है। पहले भाग में, राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के सदस्यों का अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।” उन्होंने आगे कहा, “दूसरे भाग में, हमारी प्रबंधकीय कमजोरियाँ सामने आईं। कार्यक्रम संचालन में मजबूत योजना का अभाव था।”

आचार्य ने कहा, “महाधिवेशन ने पार्टी को संस्थागत बनाने और लोकतांत्रिक वैधता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस महाधिवेशन में प्रबंधकीय कमजोरियाँ दिखाई दीं, फिर भी यह एक ‘महत्वपूर्ण माइलस्टोन’ है।” उन्होंने पार्टी की राजनीतिक और वैचारिक पंक्ति स्पष्ट होने का उल्लेख करते हुए कहा, “रास्वपा अब ‘सामाजिक लोकतंत्र’ के मूल सिद्धांत और मूल्य अपनाकर आगे बढ़ेगी।”

आचार्य ने विधान के अंतिम दस्तावेज के संबंध में भी जानकारी देते हुए कहा, “महाधिवेशन अभी हाल ही में समाप्त हुआ है, इसलिए फिलहाल इसके मुद्रण की प्रक्रिया में हैं।” उन्होंने बताया कि पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप पर PDF उपलब्ध कराई जाएगी।