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बिना आवास समस्याः निर्धारित समय में कई लोगों ने भत्ता लेने से इंकार किया, अब सरकार क्या करेगी?

इचङ्गुस्थित होल्डिङ सेन्टर में बैठे कृष्णबहादुर तामांग और उनकी पत्नी
तस्वीर की कैप्शन, इचङ्गुस्थित होल्डिङ सेन्टर में रह रहे कृष्णबहादुर तामांग और उनकी पत्नी बताते हैं कि वे कहीं और जाने की स्थिति में नहीं हैं

“अब मुझे गोली लग जाए या कोई भी नुकसान हो, वह सरकार के लिए ही है। मैं यहां से कहीं नहीं जाऊंगा। जब तक दूसरी स्थायी व्यवस्था नहीं होती, तब तक यहीं रहूंगा। अंतिम कमरा भी नहीं मिला,” दो महीने से इचङ्गुस्थित होल्डिङ सेन्टर में रह रहे कृष्णबहादुर तामांग ने बताया कि अब वे वहां से कहीं और जाने का मन नहीं रखते।

पिछले वैशाख में थापाथली की बेघर समुदाय द्वारा विस्थापित तामांग दंपति ने बताया कि उन्हें 10-12 दिन के लिए बालाजु स्थित एक होटल में रखा गया था और अब इचङ्गुस्थित बेघर लोगों के लिए बनाए गए भवन में ले जाया गया है।

“अगर संभव होता तो दूर कोई कमरा मिल जाता और हम कहीं चले जाते, पर हमारी स्थिति वैसी नहीं है। मैं बीमार हूं, मेरी पत्नी चल फिर नहीं सकती,” उन्होंने बताया।

सरकार ने वैशाख महीने में विस्थापितों के लिए अस्थायी आवास हेतु विभिन्न जगहों पर होल्डिङ सेन्टर बनाए थे और कुछ लोग बाहर भी थे।

अब सभी को सोमवार तक आवेदन देकर 25,000 रुपये एकमुश्त लेकर अपने घर बसाने के निर्देश दिए गए हैं। पुनर्स्थापना खर्च के तौर पर यह राशि और तीन महीने के किराए के लिए मासिक 15,000 रुपये देने की योजना है।