
पिछले एक साल में रेस्टोरेंट में अकेले भोजन के लिए टेबल बुकिंग की दर में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ओपनटेबल ऐप के विश्लेषण के अनुसार, अकेले खाने वाले ग्राहक औसतन 94 डॉलर खर्च करते हैं, जो समूह में आने वाले ग्राहकों की तुलना में अधिक है। अकेले रेस्टोरेंट जाने वाले इसे एकलता का संकेत नहीं बल्कि मानसिक शांति और आत्म-केंद्रित होने का अवसर मानते हैं।
आजकल रेस्टोरेंट में अकेले भोजन करने वालों की संख्या बढ़ रही है। बुकिंग ऐप ओपनटेबल के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में अकेले टेबल बुकिंग की दर 23 प्रतिशत बढ़ी है। कई लोग इसे अकेलेपन का संकेत मानते हैं, लेकिन अकेले रेस्टोरेंट जाने वाले इसे आनंद लेने और शांति पाने का मौका समझते हैं।
वाशिंगटन डीसी की 36 वर्षीय वेरोनिका सेल्ज़लर नियमित रूप से अकेले रेस्टोरेंट जाती हैं। वह बार में बैठती हैं और अपने साथ पुस्तक या स्केचपैड लेकर जाती हैं। वह फोन का इस्तेमाल नहीं करतीं और रसोई में खाना बनाते हुए प्रक्रिया को निहारना पसंद करती हैं। उनका अनुभव है कि अकेले होने पर बातचीत न होने से खाने के स्वाद पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाती हैं और धीरे-धीरे खाना खा पाती हैं।
ओपनटेबल ऐप के विश्लेषण के मुताबिक, अकेले खाने वाले ग्राहक औसतन 94 डॉलर खर्च करते हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। सामान्यतः समूह में आने वाले ग्राहक प्रति व्यक्ति 60 डॉलर खर्च करते हैं। सप्ताह में गुरुवार को अकेले बुकिंग की दर 25 प्रतिशत बढ़ी है। दोपहर 3 बजे अकेले बुकिंग करने की प्रवृत्ति बढ़ी है, हालांकि शाम 6 बजे सबसे लोकप्रिय समय है। अकेले रेस्टोरेंट जाने के लिए आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। रेस्टोरेंट में अकेले बैठने पर अन्य लोग नकारात्मक दृष्टि से नहीं देखते, बल्कि इससे व्यक्ति को अधिक शांति और केंद्रित महसूस होता है। ये परिणाम ओपनटेबल ने अमेरिका के रेस्टोरेंट्स की ऑनलाइन बुकिंग डेटा का विश्लेषण करके प्रस्तुत किए हैं।





