दिल्ली में कक्रोच जनता पार्टी के प्रदर्शन: पुलिस ने किया लाठीचार्ज, प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े

दिल्ली में कक्रोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। विपक्षी दलों ने प्रश्नपत्र चुहावट और लाठीचार्ज के मुद्दे उठाकर संसद की कार्यवाही में बाधा डाली। ४ साउन, काठमाडौं।
दिल्ली में कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित संसद मार्च में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिससे अनेक लोग घायल हो गए। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए संसद मार्ग की पुलिस चौकी तक पहुंचे, जैसा कि भारतीय मीडिया रिपोर्ट कर रहे हैं। सोमवार के प्रदर्शन के लिए रविवार रात ११ बजे से ही लोग जन्तर-मन्तर में इकट्ठा होने लगे और फुटपाथ पर रात बिताई। सोमवार सुबह मार्च शुरू होते ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धकेलामुक्की हो गई। जन्तर-मन्तर के सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर ७ फीट ऊंची तीन स्तरीय बाड़ाबंदी की गई थी, लेकिन बढ़ती भीड़ ने बाड़ा तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे पुलिस से झगड़ा हुआ।
पुलिस ने मार्च की अनुमति न दिए जाने का कारण संसद का नया सत्र शुरू होना बताया है। जन्तर-मन्तर से संसद तक लगभग पांच हजार पुलिसकर्मी और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात हैं। प्रदर्शनकारी भारत का झंडा लेकर नारेबाजी करते हुए संसद की ओर बढ़ रहे हैं। पुलिस ने झंडा लिए प्रदर्शनकारी को दबाने की कोशिश की, जिससे भगदड़ मची और लाठीचार्ज के दौरान एक प्रदर्शनकारी का ‘मुझे मारो’ कहता वीडियो वायरल हुआ। रविवार रात से ही कक्रोच जनता पार्टी के समर्थक जन्तर-मन्तर में जुट कर रातभर धरना दे रहे थे। झंडे और मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर वे अपनी मांगें और अभियानकर्ता सोनम वाङचुक के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
सीजेपी की प्रमुख मांग शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा है। इस धरने में वाङचुक की पत्नी गीताञ्जली आङ्मो भी मौजूद थीं। संसद के अंदर विपक्षी दलों ने प्रश्नपत्र चुहावट और राम मंदिर के भेंट चोरी के मुद्दे उठाकर सरकार से सवाल किए। राज्यसभा में विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जन्तर-मन्तर में विद्यार्थियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ‘लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर है। उनकी आवाज दबाने के लिए सरकार बल प्रयोग कर रही है।’ खड़गे के विरोध के बाद राज्यसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई। दूसरी ओर, लोकसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा प्लेकार्ड और बैनर ले जाकर हंगामा करने पर लोकसभा की कार्यवाही १२ मिनट बाद १२ बजे तक के लिए स्थगित हो गई। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए प्रश्नकाल और शून्यकाल स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है। संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘मनसून हो या मानसून सत्र, दोनों सक्रिय हों तो वे अत्यंत उत्पादक होते हैं। संसद में तर्क और तथ्य के साथ चर्चा होनी चाहिए।’
इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनका व्यंग्य करते हुए भारत के युवा स्टार्टअप ‘स्काईरूट’ की अंतरिक्ष में मिली सफलता की प्रशंसा की। मोदी ने कहा, ‘इस स्टार्टअप में काम करने वाले युवाओं की औसत उम्र २८ वर्ष है, मैं किसी ५६ वर्षीय नौजवान की बात नहीं कर रहा। भारत के युवाओं की क्षमता अंतरिक्ष जैसी असीमित है।’





