
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान द्वारा होर्मुज जलसन्धि पर नियंत्रण स्थापित करने को वैश्विक समुद्री यातायात के लिए एक खतरनाक मिसाल बताया है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि किसी भी राष्ट्र को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बाधा डालने और जहाजों पर हमले करने का अधिकार नहीं है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड होर्मुज जलसन्धि में ईरान की क्षमताओं को कमजोर करने के लिए लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है। 6 साउन, मनीला (रासस/एएफपी)।
रुबियो ने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलसन्धि पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेता है, तो यह वैश्विक समुद्री यातायात के लिए एक खतरनाक उदाहरण बनेगा। उन्होंने बताया कि इसका प्रभाव केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह विश्व के अन्य रणनीतिक समुद्री मार्गों तक भी फैलेगा। दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के विदेश मंत्रियों की मनीला में चल रही बैठक में रुबियो ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का नियंत्रण करने, शुल्क वसूलने या जहाजों पर हमले करने का अधिकार नहीं मिलेगा।
उज के अनुसार, यदि इस तरह की प्रथाएँ स्वीकार कर ली गईं, तो यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून और मुक्त जलयात्रा की मूलभूत अवधारणा को कमजोर कर देगा। रुबियो ने बताया कि जबकि ईरान होर्मुज जलसन्धि पर आवाजाही को नियंत्रित करने का दावा करता है, किसी भी मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनी व्यवस्था ने इसे मान्यता नहीं दी है। जलयात्रा की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की मूलभूत नींव है, जिसे किसी भी हाल में बाधित नहीं किया जा सकता, उनका यह भी कहना था।
रुबियो की टिप्पणियाँ अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा जारी एक रिपोर्ट के तुरंत बाद आईं, जिसमें ईरान के सैन्य आधारों पर लगातार 11 रातों तक छापामारी जारी रखने की जानकारी दी गई है। अमेरिकी सेना के अनुसार इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलसन्धि में व्यापारिक जहाजों को खतरे में डालने वाली ईरानी क्षमता को कमजोर करना है। उनकी टिप्पणियाँ दक्षिण चीन सागर में चीन और आसियान के कुछ सदस्य देशों के बीच जारी समुद्री विवाद के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी गई हैं। मनीला में रुबियो के आगमन से पहले, फिलीपींस और चीन के जहाजों के बीच विवादित जलक्षेत्र में हुई ताजा झड़प पर अमेरिका ने तीखी आलोचना की थी।





