साम्प्रदायिक तनाव के बीच देशवासियों के नाम प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का संबोधन: मुख्य बिंदु

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प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ ने सुनसरी समेत कुछ जिलों में हुए साम्प्रदायिक तनाव को तत्काल समाप्त करने के लिए सभी पक्षों से अपने-अपने स्थान से पहल करने का अनुरोध किया है।
“हमारे इतिहास ने स्पष्ट किया है कि सबसे कठिन व चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी आपसी एकता, सहिष्णुता और विवेक हमारी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं,” उन्होंने गुरुवार को देशवासियों के नाम अपने संबोधन में कहा, “हम सभी को जिम्मेदार नागरिक के रुप में इस सुंदर और शांत नेपाली आकाश में फैले अशांति के बादलों को हटाना होगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के लिए सरकार की सभी व्यवस्थाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या तत्व के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“जो कोई भी शांति सुरक्षा को नुकसान पहुंचाएगा, अराजकता फैलेगा या सदियों से चले आ रहे सामाजिक सद्भाव, सहिष्णुता और भाईचारा को बिगाड़ेगा, उसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी और उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।
गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में देश की शांति सुरक्षा की स्थिति का गंभीरता से समीक्षा की गई है, उन्होंने बताया।
“परिषद की बैठक ने स्थिति को देखते हुए आवश्यक निर्णय भी ले लिए हैं,” उन्होंने कहा।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार उनके संबोधन के बाद उन्होंने राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल से भी मुलाकात की है।
“मुलाकात में दोनों ने देश के वर्तमान मुद्दों पर चर्चा की,” सचिवालय ने बताया।
तस्बिर स्रोत, PM Secretariat
सुनसरी से शुरू हुए साम्प्रदायिक तनाव के अन्य जिलों में फैलने के बाद चिंता बढ़ी और उन्होंने यह संबोधन किया।
सुनसरी के देवानगंज नगरपालिका के कप्तानगंज में रविवार रात दो धार्मिक समुदायों के युवकों के बीच हुए तनाव की खबर अन्य जगहों पर भी फैल रही है।
उस रात एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए थे।
घायल में से एक की मृत्यु गुरुवार को हो गई और सिराहा में हुए तनाव में गोली लगने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई।
सिराहा और धनुषा जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है जबकि पर्सा में निषेधाज्ञा लागू की गई है।
संसद में विपक्ष के सांसदों ने प्रधानमंत्री पर संवेदनशील घटनाओं के बढ़ने पर मौन रहने का आरोप लगाया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने मानवीय क्षति पर दुख जताया है।
तस्बिर स्रोत, Nepal Photo Library
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :
- कुछ दिन पहले सुनसरी के देवानगंज, सिराहा सहित अन्य क्षेत्रों में हुई दुखद घटनाओं और उसके बाद के जिलों में हुई अशांति को नेपाल सरकार पूरी संवेदनशीलता से देख रही है। इस दुखद घटना में मृत जयप्रकाश मेहता, ओमप्रकाश मेहता और गणेश यादव को मेरी श्रद्धांजलि; उनके परिवार के प्रति गहरा संवेदा प्रकट करता हूं।
- घायल सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। उपचार में किसी भी तरह की कमी या देरी न हो इसके लिए संबंधित स्वास्थ्य विभागों को निर्देश दे दिए गए हैं।
- घटना के समय सभी सुरक्षा एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और स्थिति सामान्य करने, आगे की घटनाओं को रोकने तथा शांति सुरक्षा बनाए रखने का कार्य कर रही हैं। गृह मंत्रालय ने जांच समिति गठित कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मैं सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
- स्थिति खराब न हो, किसी भी नागरिक की संपत्ति या जीवन को नुकसान न पहुंचे और स्थानीय स्तर पर विश्वास का माहौल बने इसके लिए नेपाल सरकार सक्रिय है। केन्द्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक की है और गंभीर चर्चा जारी है, साथ ही स्थानीय नेतृत्व, नागरिक समाज, धार्मिक गुरु, समुदायों के नेता और सामाजिक हस्तियों के साथ निरंतर संवाद हो रहा है।
- गृहमंत्री स्वयं सुरक्षा एजेंसियों के उच्च अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने देश की समग्र शांति सुरक्षा की गंभीर समीक्षा कर आवश्यक निर्णय ले लिए हैं।
- सामाजिक मीडिया और अन्य माध्यमों में अनावश्यक अफवाहें, अपुष्ट खबरें, घृणा फैलाने वाले इशारे तथा समुदायों के बीच वैमनस्यता बढ़ाने वाले संदेश न फैलाने की अपील करता हूं। आधिकारिक तथ्य और जानकारी पर ही विश्वास करें।
- प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखना राज्य का प्रमुख कर्तव्य है। आने वाले दिनों में सरकार और अधिक सतर्क और संवेदनशील रहेगी। सभी व्यवस्थाएं चौबीसों घंटे काम करेंगी। अराजकता और सामाजिक भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
- नेपाल का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म, संस्कृति और परंपराओं का पालन करने का मौलिक अधिकार देता है और इसे पूरा करना सरकार का दायित्व है।
- धर्म समाज को जोड़ने और प्रेम फैलाने की शक्ति है। कोई भी धर्म हिंसा, घृणा और विभाजन का समर्थन नहीं करता। सभी धर्मों की नींव करुणा, दया, प्रेम और शांति पर टिकी है।
- देश के किसी एक क्षेत्र में हुई अप्रत्याशित घटना के कारण पूरे समुदाय को दोषी ठहराना और अन्य जगहों पर प्रतिशोध फैलाना न्यायसंगत नहीं है।
- हमारा इतिहास बताता है कि सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्तिथियों में भी आपसी एकता, सहिष्णुता और विवेक हमारी सबसे बड़ी शक्ति होते हैं।
- हम सभी जिम्मेदार नागरिक होकर इस सुंदर और शांत नेपाल आकाश में फैले अशांति के बादल हटाएं।
उन्होंने सभी से धैर्य और संयम बरतने, शांति, सद्भाव, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की मैथिली भाषा में भी अपील की।
प्रधानमंत्री बालेन पर विपक्षी सांसदों ने संसद में आरोप लगाया था कि संवेदनशील घटनाओं के बढ़ने पर वे मौन हैं।
सरकार बनने के बाद पहली बार गुरुवार को हुई सुरक्षा परिषद की बैठक में साम्प्रदायिक तनाव की समीक्षा हुई, परिषद सचिवालय ने जानकारी दी।
राष्ट्रपति से पूर्वराजा तक की अपील: क्या कहा?
तस्बिर स्रोत, Jugesh Babu
तनाव बढ़ने के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक क्षेत्रों के विभिन्न व्यक्तित्वों एवं संस्थाओं द्वारा संयम की अपील की गई है।
घटना के कारण वर्तमान तथा पूर्व राष्ट्राध्यक्षों ने चिंता व्यक्त करते हुए सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने कहा कि देश के कुछ हिस्सों में असामान्य स्थिति है और वे इस बात को लेकर अत्यंत चिंतित हैं।
उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि सरकार तेजी से स्थिति सामान्य करने और शांतिपूर्ण जीवन के लिए उपयुक्त माहौल बनाने का प्रयास करेगी। साथ ही उन्होंने सभी से अपील की, “स्थिति को और जटिल न बनने दें और समुदाय के बीच एकता, सद्भाव, मित्रता और सहिष्णुता बनाए रखें। मैं सभी से हार्दिक अपील करता हूं।”
पूर्व राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी ने भी “राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, सहिष्णुता और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की रक्षा एवं संवर्धन” की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सभी से अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदार, संयमित और रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया।
पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने भी कहा कि जनजीवन में अशांति की खबर सुनकर वे चिंतित हैं।
उनका संदेश है, “सामाजिक सभी समुदायों के साथ सामंजस्यपूर्ण रूप से रहने वाले नेपाल में ऐसी अवांछित घटनाएं चिंता का विषय हैं। देश के हर हिस्से में हम सभी नेपाली एकजुट हों, यही हमारी अपील और समय की जरूरत है।”
मधेश केंद्रित विभिन्न दलों ने संयुक्त और व्यक्तिगत रूप से शांति और सद्भाव बनाये रखने की अपील की है तथा घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।
नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी इस घटना को लेकर चिंता जताई है और वर्तमान परिस्थिति में संयम, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को प्राथमिकता देने के लिए सभी पक्षों से आग्रह किया है।
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