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आमुर बाघः कजाखस्तान के जंगलों में ७० वर्षों बाद दुर्लभ बाघ पुनः छोड़ा गया

कजाखस्तान में ७० वर्षों बाद दुर्लभ प्रजाति के बाघ जंगलों में पुनः दिखाई दिए हैं। लगभग एक सदी पहले मध्य एशिया से आमुर बाघ विलुप्त हो गया था। हाल ही में कजाखस्तान के इली-बल्खाश संरक्षित क्षेत्र में रूस से लाए गए एक मादा बाघ को जंगल में छोड़ा गया है। इस परियोजना का उद्देश्य इस दुर्लभ बाघ की पुनर्स्थापना करना है।
उमित नामक इस मादा बाघ सहित रूस से कुल चार बाघ लाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाकी तीन बाघों को भी जंगल में छोड़ने से पहले उमित की अनुकूलता का परीक्षण किया जाएगा।