
जापान के हिरोशिमा शहर ने 81वें वार्षिक स्मृति दिवस के अवसर पर आणविक बम हमले की याद में विश्व समुदाय को पुनः आणविक हथियारों के खतरों के प्रति आगाह किया है। मेयर काजुमी मात्सुई ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा उपायों के रूप में आणविक हथियारों को अपनाने की प्रवृत्ति विश्व को विनाश की ओर ले जा सकती है। प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने जापान की प्रतिबद्धता जताई है कि वह ऐसे यथार्थपरक दृष्टिकोण अपनाएगा जो आणविक हथियारों के उपयोग को कभी न होने देने वाले विश्व के निर्माण को सुनिश्चित करें।
21 साउन, टोकियो (रासस/एपी) – हिरोशिमा में आयोजित समारोह में लगभग 50,000 लोग मौजूद थे। अमेरिका, ईरान सहित लगभग 120 देश और क्षेत्र के प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आए थे। 1945 में अमेरिकी बी-29 बमवर्षक विमान द्वारा हिरोशिमा में गिराए गए आणविक बम के विस्फोट के समय, सुबह 8:15 बजे एक मिनट का मौन रखा गया और शांति का प्रतीक बनने के लिए घंटी बजाई गई।
समारोह में प्रस्तुत शांति घोषणापत्र में मेयर मात्सुई ने कहा कि विश्व के कुछ राजनीतिक नेता अभी भी आणविक हथियारों को एक वास्तविक सुरक्षा अवधारणा के रूप में स्वीकार कर रहे हैं, जो हिंसा को वैधता देने के साथ-साथ एक गैर-आणविक विश्व के लक्ष्य को दूर कर देता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने भूतपूर्व दर्दनाक अनुभवों से सीख लेकर शांति स्थापित करने के लिए विश्व समुदाय को सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करना चाहिए।
प्रधानमन्त्री साने ताकाइची ने कहा कि अपने प्रधानमंत्री पद के पहले स्मृति समारोह में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के आणविक अप्रसार संधि के ढांचे के तहत ऐसा यथार्थपरक दृष्टिकोण अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे आणविक हथियारों का उपयोग कभी न हो। उन्होंने यह भी बताया कि जापान ने युद्ध के बाद अपनाए गए तीन गैर-आणविक सिद्धांतों को बनाए रखा है, हालांकि भविष्य में उनकी स्वरूप पर देश के अंदर बहस जारी है।





