
समाचार सारांश
संपादकीय समीक्षा सहित तयार पारिएको।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के साथ जारी विवाद जल्द खत्म होने का संकेत दिया है और कहा कि वार्ता सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है।
- ओमान की मध्यस्थता में होर्मुज जलसंधि को लेकर अमेरिका और इरान के बीच समझौते का मसौदा अंतिम चरण में है।
- होर्मुज जलसंधि में जहाजों के आवागमन में कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर ब्रेंट कच्चा तेल 82.49 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
२२ साउन, काठमाडौ । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के साथ चल रहे द्वंद्व के शीघ्र समाप्त होने के संकेत दिए हैं। वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने दोनों देशों के बीच वार्ता को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते बताया और कहा कि संघर्ष अब बहुत लंबा नहीं चलेगा।
ट्रंप ने दावा किया कि इरान ने खुद वार्ता की पहल की है और यह समझौता इरान के लिए सबसे अच्छा विकल्प होगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और आवश्यकतानुसार नई हथियार लगातार बनाए जा रहे हैं।
होर्मुज जलसंधि को लेकर समझौते की तैयारी
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, अमेरिका और इरान के बीच होर्मुज जलसंधि से जुड़ा समझौता जल्द संभव है। ओमान की मध्यस्थता में दोनों के बीच समझौते का मसौदा अंतिम चरण में है।
हालांकि, इरान की संसद में एक विधेयक पेश किया गया है जिसमें कहा गया है कि अमेरिका, इज़राइल और अन्य शत्रुतापूर्ण देशों के जहाजों को होर्मुज में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए और नियम तोड़ने पर माल की कीमत का 20% जुर्माना लगाया जाए।
शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रॉबर्ट पेप के अनुसार ट्रंप अभी एक मोड़ पर हैं जहां उनके पास दो ही विकल्प हैं – या तो इरान के बढ़ते प्रभाव को स्वीकार करना, या युद्ध को और उग्र बनाना। पेप ने कहा, ‘अमेरिका ने हवाई और नौसैनिक हमलों से कुछ सैन्य सफलता हासिल की है, पर मुख्य लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। युद्ध के बाद इरान और मजबूत होकर उभरा है।’
इस तनाव का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है। होर्मुज जलसंधि और बाब अल-मंदेब में जहाजों की आवाजाही में काफी कमी आई है। तनाव के पहले रोजाना 130-140 जहाज गुजरते थे, लेकिन बुधवार को सिर्फ 2 जहाज चले।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़कर ब्रेंट कच्चा तेल 82.49 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई 77.29 डॉलर तक पहुंच गई है।
विश्व के आठ बड़े शिपिंग संगठन होर्मुज में किसी भी तरह का टोल या सेवा शुल्क न लगाने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें चिंता है कि इससे वैश्विक महंगाई बढ़ सकती है।





