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सम्पत्ति मुद्दा संवैधानिक इजलास में पठाने के निर्णय पर बार की आपत्ति

२९ साउन, काठमाडौँ । कानूनी व्यवसायियों की छत्रछाया संस्था नेपाल बार एसोसिएसन ने सम्पत्ति जाँच आयोग से संबंधित रिट याचिकाओं को टिप्पणी आदेश के आधार पर संवैधानिक इजलास में भेजे जाने पर आपत्ति जताई है। बार ने शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि मामले की सुनवाई के दिन बहस और चर्चा के माध्यम से इजलास का निर्णय करने की परंपरा होती है, लेकिन टिप्पणी आदेश के आधार पर राष्ट्रीय महत्व के मामलों को संवैधानिक इजलास में भेजा जाना आश्चर्यजनक है।

परंपरा के विपरीत संवैधानिक इजलास का गठन होना और उक्त इजलास में चयन के आधार पर मामलों का निर्धारण किए जाने को बार ने ‘न्यायपालिका की स्थापित मूल्यमान्यता के खिलाफ’ बताया है। न्यायपालिका को नियंत्रण और निर्देश के अधीन नहीं रखा जाना चाहिए, ऐसे आशय को व्यक्त करते हुए बार ने विज्ञप्ति में कहा है, ‘संवैधानिक इजलास की चयनात्मक गठन और आदेश द्वारा विचाराधीन मामले तय किए जाने की प्रक्रिया से न्यायपालिका पर नियंत्रण का खतरा महसूस होता है। इस कारण ऐसे विषयों को तत्काल सुधारा जाना चाहिए, जिसके लिए नेपाल बार एसोसिएसन प्रधान न्यायाधीश का ध्यानाकर्षण कराता है।’