राष्ट्र बैंक के पूर्व गवर्नरों का कहना: धरोहर बेचकर कर्ज़ा वसूली करना इन्वेस्टमेंट बैंक की गलती नहीं है

पूर्व गवर्नरों ने नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक (एनआईएमबी) द्वारा कानून के अनुसार धरोहर बेचकर कर्जा वसूली किए जाने पर ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बावजूद राष्ट्र बैंक द्वारा चुप्पी साधे जाने का आरोप लगाया है। स्मार्ट टेलिकम की धरोहर नीलाम करके कर्जा वसूली किए जाने के मामले में एनआईएमबी के संचालक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ काठमाडौँ जिल्ला अदालत में मुकदमा दायर किया गया है। पूर्व गवर्नरों का कहना है कि ऐसे मामलों में राष्ट्र बैंक को प्रारंभिक जांच करनी चाहिए और सार्वजनिक रूप से स्पष्टता प्रदान करनी चाहिए, अन्यथा बैंकिंग क्षेत्र में मनोबल कम होगा। २ भदौ, काठमाडौँ।
नेपाल राष्ट्र बैंक की कमज़ोरी के कारण एनआईएमबी के संचालक तथा प्रबंधन प्रमुख को कर्जा वसूली के दौरान ठगी के आरोपों का सामना करना पड़ा है, ऐसा पूर्व गवर्नरों ने बताया है। जमाकर्ताओं की सुरक्षित जमा राशि के लिए कानून के अनुसार धरोहर बिक्री की गई थी, जबकि फिर भी पुलिस ने मुकदमा चलाया, और इस मामले में केंद्रीय बैंक द्वारा हस्तक्षेप नहीं करना अप्रत्याशित कहा गया है, यह चार पूर्व गवर्नरों का निष्कर्ष रहा। बैंक तथा वित्तीय संस्था सम्बन्धी कानून २०७३ तथा सुरक्षित कारोबार सम्बन्धी कानून २०६३ के तहत बैंक ने स्मार्ट टेलिकम की चल सम्पत्ति बेचकर कर्जा वसूली की थी।
बैंक द्वारा धरोहर नीलामी कर कर्जा वसूली करने के विषय में नेपाल पुलिस ने मुलुकी फौजदारी संहिता के तहत ठगी, संगठित अपराध तथा बैंक एवं वित्तीय संस्थाओं से संबंधित अपराधों की जांच कर सरकारी वकील कार्यालय के माध्यम से जिल्ला अदालत में मुकदमा दायर किया है। लागू कानून और केंद्रीय बैंक के निर्देशानुसार किया गया कार्य होने के बावजूद फौजदारी आरोपों में जांच और मुकदमा दायर किए जाने पर राष्ट्र बैंक अभिभावक भूमिका निभाने में विफल रहा, पूर्व गवर्नरों में इस बात पर सहमति बनी है।





