
चालू आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के साउन माह में कुल ३ अरब ७७ करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष वैदेशिक निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता की सूचना उद्योग विभाग द्वारा जारी की गई है। इस माह में १९१ उद्योग-परियोजनाओं में निवेश प्रतिबद्धता दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष के समान माह में दर्ज २४ अरब १० करोड़ ४९ लाख रुपये से बहुत कम है। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से १२८ उद्योग दर्ज हुए हैं, जबकि पर्यटन क्षेत्र में ३३ उद्योग दर्ता होकर १ अरब ६३ करोड़ ७८ लाख रुपये के निवेश प्रतिबद्धता हुई है। २ भाद्र, काठमांडू।
चालू आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के पहले माह साउन में प्रत्यक्ष वैदेशिक निवेश (एफडीआई) प्रतिबद्धता मात्र ३ अरब ७७ करोड़ रुपये है। उद्योग विभाग के अनुसार, साउन २०८३ में कुल १९१ उद्योग-परियोजनाओं में निवेश प्रतिबद्धता दर्ज की गई है। पिछले आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के पहले माह में एफडीआई प्रतिबद्धता २४ अरब १० करोड़ ४९ लाख रुपये के बराबर थी। इन आंकड़ों की तुलना में इस वर्ष निवेश प्रतिबद्धता में उल्लेखनीय गिरावट देखी जा रही है।
गत आर्थिक वर्ष में १२७ परियोजनाओं के लिए निवेश प्रतिबद्धता हुई थी। उसी वर्ष चीन को भैंस का मांस निर्यात करने वाली ‘प्रोसेस्ड कुक्ड बफेलो मीट फैक्ट्री’ कंपनी ने सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धता प्राप्त की थी। उस परियोजना के लिए पिछली वित्तीय वर्ष में मात्र २० अरब ४५ करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता थी जबकि चालू वर्ष में एक ही उद्योग में सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धता दर्ज की गई है। बाकी मध्यम स्तर के दो और अन्य छोटे निवेश वाले उद्योगों में भी निवेश प्रतिबद्धता दर्ज है।
इस वर्ष ऑटोमेटिक रूट से सबसे अधिक निवेश प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है। सरकार ने ऑटोमेटिक रूट में निवेश की ऊपरी सीमा समाप्त कर देने के बाद एफडीआई स्वीकृति में ऑटोमेटिक रूट द्वारा निवेश स्वीकृति में बढ़ोतरी हुई है, यह जानकारी भी दी गई है।
साउन माह में स्वीकृत एफडीआई में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र का दबदबा है। IT क्षेत्र में १२८ उद्योग दर्ज हैं, परंतु इस क्षेत्र में केवल ५६ करोड़ ९८ लाख रुपये के बराबर का एफडीआई प्रतिबद्धता हुई है।
संख्या की दृष्टि से पर्यटन क्षेत्र दूसरे स्थान पर है, जहां ३३ उद्योग दर्ज हो चुके हैं और १ अरब ६३ करोड़ ७८ लाख रुपये के बराबर निवेश प्रतिबद्धता उद्योग विभाग ने बताया है। तीसरे स्थान पर सेवामूलक उद्योग हैं, जिनमें १९ उद्योग दर्ता हुए हैं और ६८ करोड़ २० लाख रुपये की निवेश प्रतिबद्धता दर्ज की गई है। चौथे स्थान पर उत्पादनमूलक उद्योग हैं, जिनमें ९ परियोजनाएं दर्ज हैं और ८४ करोड़ ३२ लाख रुपये के बराबर निवेश प्रतिबद्धता है। इसी प्रकार, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में प्रत्येक में १-१ उद्योग दर्ज हैं, लेकिन निवेश प्रतिबद्धता लगभग समान रूप से क्रमशः २ करोड़ और २ करोड़ रुपये तक सीमित है।





