संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने इरान में अमेरिकी द्वंद्व अपराध की जांच में पर्याप्त सबूत मिलने की घोषणा की

संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इरान में हुई अमेरिकी दो हमलों को युद्ध अपराध मानने के लिए पर्याप्त आधार मिलने की जानकारी दी है। फरवरी माह में मिनाब स्थित प्राथमिक विद्यालय और लामेर्द खेल परिसर में हुए रॉकेट हमलों में कम से कम १७७ आम नागरिकों की मौत हुई है, ऐसा रिपोर्ट में बताया गया है। विशेषज्ञों ने जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर इरानी अधिकारियों द्वारा पूरे ३१ प्रांतों में व्यापक दमन करते हुए मानवता विरोधी अपराध किए जाने का निष्कर्ष निकाला है।
२ अक्टूबर, काठमांडू। संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएन) के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने इरान में अमेरिका द्वारा किए गए दो हमलों में युद्ध अपराध के पर्याप्त ठोस सबूत मिलने की बात कही है। इन हमलों में कम से कम १७७ आम नागरिकों की मृत्यु हुई है। इरान से संबंधित स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य खोज अभियान के नए रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी माह में मिनाब के प्राथमिक विद्यालय और लामेर्द के खेल परिसर पर हुए रॉकेट हमले अनियंत्रित थे। इन हमलों ने आम नागरिकों के साथ-साथ नागरिक अवसंरचना को भी नुकसान पहुंचाया।
अमेरिका ने लामेर्द में हमले का आरोप अस्वीकार किया है जबकि मिनाब में हुई घटना की जांच जारी होने की जानकारी दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने रिपोर्ट में प्रस्तुत निष्कर्षों को भरोसेमंद नहीं माना। विशेषज्ञों ने जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान इरानी अधिकारियों द्वारा किए गए व्यापक दमन कार्यों में मानवता विरोधी अपराधों का निष्कर्ष निकाला है।
उनके अनुसार, सुरक्षा बलों द्वारा की गई हत्याएं इरान के सभी ३१ प्रांतों में चिंताजनक और अभूतपूर्व स्तर पर हुईं। सुरक्षा बलों ने उपचाराधीन घायल प्रदर्शनकारियों को भी पीटा और गिरफ्तार किया, साथ ही कई स्वास्थ्य कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया, यह तथ्य विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किए। इसके कारण घायलों को जीवन रक्षक उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं में जाने से डर लगा। प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए दर्जनों हज़ार लोगों ने यातना, एकांत कारागार और कानूनी सलाह से वंचित रहने की बातें विशेषज्ञों ने बताई हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि प्रदर्शन के बाद इरानी सरकार ने आंदोलनकारियों के विरुद्ध मृत्युदंड के प्रयोग को तेज किया है। अशांति से जुड़े मामलों में जल्द सुनवाई के बाद कम से कम २९ पुरुषों को मृत्युदंड दिया गया है। तथ्य खोज मिशन की रिपोर्ट में दमन के दौरान मारे गए लोगों की सही संख्या स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। हालांकि, सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक मृतकों की संख्या होने के भरोसेमंद आधार मौजूद हैं। इरानी सरकार ने आधिकारिक तौर पर मारे गए लोगों को सुरक्षा बल के सदस्य या घटना में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल न होने वाले आम नागरिक बताया था। अमेरिका में आधारित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ७,००० से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि की है और इनमें ज्यादातर प्रदर्शनकारी हैं। इरान ने अब तक इन निष्कर्षों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, हालांकि इरानी अधिकारियों ने पूर्व में भी मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों से इनकार किया है।





