
खैबर पख्तूनख्वा के हंगू जिले में सुरक्षा बलों के वाहन पर सड़क के किनारे रखे बम के विस्फोट में 6 सैनिक शहीद हो गए हैं। गुरुवार को उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान और हंगू जिलों में की गई अलग-अलग कारवाई में सेना और पुलिस ने 10 आतंकवादियों को मार गिराने की पुष्टि की है। पाकिस्तान अफगानिस्तान की तालिबानी सरकार पर टीटीपी को आश्रय देने और सीमा पार से होने वाले हमलों को रोकने में पर्याप्त प्रयास न करने का आरोप लगाता रहा है। 2 असोज, इस्लामाबाद (रासस/एपी)।
उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान की सड़क किनारे रखे बम से सुरक्षा बल के वाहन पर विस्फोट हुआ, जिसमें 6 सैनिक मारे गए। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों द्वारा की गई विभिन्न कारवाइयों में पाकिस्तानी तालिबान के सदस्य होने की संभावना वाले 10 आतंकवादियों को सेना और पुलिस ने शुक्रवार को मौत के घाट उतार दिया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के हंगू जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के वाहन को निशाना बनाकर बम विस्फोट किया गया, जिसे स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है।
विस्फोट में छह सैनिकों की मौत की पुष्टि की गई है। सेना ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान और हंगू जिलों में गुरुवार को गुप्तचर सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की गई थी, जिसके तहत आतंकवादियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। इन कार्रवाईयों में 10 आतंकवादी मारे गए। सेना ने मारे गए आतंकवादियों को ‘ख्वारिज’ कहा है। पाकिस्तान सरकार इस शब्द का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सदस्यों के लिए करता है।
टीटीपी अफगानिस्तान में 2021 में सत्ता में पुनः आए तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों समूहों के बीच संबंध बताए जाते हैं। इस साल पाकिस्तान में सुरक्षा अधिकारीयों पर विभिन्न हमलों में कई सैनिक शहीद हो चुके हैं। पिछले जून महीने में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में पाकिस्तानी रेंजर्स के तीन सैनिक शहीद हुए और चार घायल हुए थे। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान स्थित तालिबानी सरकार पर टीटीपी को आश्रय देने और सीमा पार से आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम न उठाने का आरोप लगाया है। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में स्थित सरकार ने पाकिस्तान के इन आरोपों को बार-बार ठुकराया है।





