
२१ असोज, काठमाडौं । फ्रांस में छात्रों द्वारा बेहतर संसाधन की मांग को लेकर शुरू किया गया आन्दोलन तेजी से बढ़ता हुआ कई सौ उच्च माध्यमिक विद्यालयों को प्रभावित कर रहा है। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं। कर्मचारी, छात्र और पुलिस के सदस्य भी घायल हुए हैं। जब पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया और युवा प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल होने लगे, तब सरकार की आलोचना भी तेज हो गई। इस स्थिति ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की प्रशासन पर भारी दबाव डाला है। गृह मंत्री लॉरेन्ट नुनेज के अनुसार, अब तक ६,१०० से अधिक लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है और ७१५ पुलिस अधिकारी घायल हुए हैं। गृह मंत्री नुनेज ने कहा कि पुलिस की प्रतिक्रिया अधिकांश घटनाओं में परिस्थितिअनुसार उचित थी, लेकिन इसके बाद भी विरोध और बढ़ा है।
संसाधनों की मांग के लिए शुरू हुआ यह प्रदर्शन फ्रांस के राष्ट्रीय आदर्श वाक्य ‘स्वतंत्रता, समानता, भ्रातृत्व’ के प्रति प्रतिबद्धता के बावजूद गरीब स्कूलों के छात्रों द्वारा पर्याप्त संसाधन और अवसर न मिलने के विषय पर आधारित है। छात्रों ने कक्षाओं में डेस्क, बेंच और कुर्सियों जैसी बुनियादी सामग्री की कमी, वातानुकूलन न होने के कारण गर्मी में अत्यधिक गर्मी, कर्मचारियों की कमी जैसे समस्याओं को दूर करने की मांग की है। इन विभिन्न मांगों के साथ यह प्रदर्शन सितंबर मध्य में पेरिस क्षेत्र से शुरू होकर अन्य शहरों और नगरों में भी फैल गया है। उच्च माध्यमिक विद्यालयों से संबंधित इस आन्दोलन का समर्थन मजदूर यूनियन ने भी रैली आयोजित कर किया है। मंगलवार को पेरिस में आयोजित प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों ने ‘‘आप कहते हैं, युवा भविष्य हैं, इसलिए उनकी बात सुनिए’’ जैसे नारे लिखे प्लेकार्ड लेकर प्रदर्शन किया।





