
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियन ने अमेरिका के साथ होने वाली वार्ता केवल दबाव और धमकी के बिना ही सफल हो सकने की बात कही है। उन्होंने यह बात तुर्कमेनिस्तान में सम्पन्न स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस) के शिखर सम्मेलन के दौरान कही।
ईरान ने थकाऊ प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग, एकतरफा निर्भरता के बजाय पारस्परिक अंतरनिर्भरता, धमकी के बजाय विश्वास और साझा हितों पर आधारित सुरक्षा की मांग की है, इसके बारे में राष्ट्रपति पेजेस्कियन ने बताया। उन्होंने एकतरफा नीतियों के मुकाबले बहुपक्षीय सहयोग को महत्व देते हुए ऊर्जा बाजार में प्रतिस्पर्धा कर एक-दूसरे को विस्थापित करने के बजाय इस क्षेत्र को ऊर्जा उत्पादन, वितरण और आदान-प्रदान के नेटवर्क के रूप में विकसित करने की आवश्यकता स्पष्ट की।
‘यह महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्र के देशों को बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभानी होगी,’ पेजेस्कियन ने कहा।





