
विनाशकारी बाढ़ का अनुभव कर रहे बच्चे किस प्रकार मानसिक रूप से प्रभावित होते हैं और उनकी सहायता कैसे की जा सकती है। प्राकृतिक आपदाएं और अन्य विपद् घटनाओं में बच्चे सबसे अधिक जोखिम में होते हैं। पिछले भाद्र महीने में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ ने मानव जीवन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया। सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लापता हैं, जिनकी स्थिति अभी भी अनिश्चित है। इस घटना ने हजारों लोगों को विस्थापित भी बना दिया है।
विनाशकारी बाढ़ और उससे उत्पन्न चुनौतियों का प्रत्यक्ष अनुभव कर चुके कई बच्चों की मानसिक स्थिति चिंताजनक है। ऐसे बच्चों पर बाढ़ का क्या प्रभाव पड़ा है, यह जानना आवश्यक है। उन्हें किस तरह की सहायता की आवश्यकता है और वह सहायता कैसे प्रदान की जा सकती है, इसे समझना महत्वपूर्ण है। इन पहलुओं को समझने के लिए बालमनोचिकित्सक डॉ. अरुणराज कुँवर से ‘बीबीसी हाथेमालो’ के लिए मनिका विश्वकर्मा ने किया गया साक्षात्कार सुनें।





