समाचार की संपादकीय दृष्टि से समीक्षा की गई है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए 21 खरब 24 अरब 34 करोड़ रुपये के बराबर का बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट में सरकार ने पूंजीगत खर्च के लिए 4 खरब 31 अरब और वित्तीय प्रबंधन के लिए 4 खरब 22 अरब रुपये आवंटित किए हैं। निजी क्षेत्र ने इस सार्वजनिक बजट को लेकर उत्साह व्यक्त किया है, वहीं अर्थविदों ने इसकी समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। 15 जेठ, काठमांडू। सरकार द्वारा पेश किए गए आगामी आर्थिक वर्ष के बजट की समीक्षा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में, हमने अर्थविदों के साथ इस बजट की समीक्षा की है। आज ही अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रस्तुत किया था। निजी क्षेत्र बजट के प्रति उत्साहित नजर आ रहा है। अर्थशास्त्री प्रकाश कुमार श्रेष्ठ, चार्टर्ड अकाउंटेंट सुदर्शनराज पाण्डे और युवा अर्थशास्त्री ऊर्जा थापा के साथ इस बजट पर समीक्षा की गई है। अर्थमंत्री वाग्ले ने बताया कि आगामी आर्थिक वर्ष का बजट 21 खरब 24 अरब 34 करोड़ रुपये के बराबर है। पूंजीगत खर्च के लिए 4 खरब 31 अरब और वित्तीय प्रबंधन के लिए 4 खरब 22 अरब रुपए आवंटित किए गए हैं। बजट पर फिलहाल विभिन्न व्यवसायी और अर्थशास्त्री अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के बजट के माध्यम से तीन संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।
इनमें त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान और पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान को उन्नत किया जाएगा।
बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने कहा, “इन अस्पतालों में विदेशी छात्रों को भी शिक्षा देने की क्षमता विकसित की जाएगी।”
१५ वैशाख, काठमांडू । सरकार ने तीन संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय में विकसित करने की योजना शुरू की है।
आगामी वित्तीय वर्ष २०८३/८४ के बजट वक्तव्य में, वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल, चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान और पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की बात कही।
वाग्ले ने कहा, ‘इन अस्पतालों में विदेशी छात्रों को भी शिक्षा प्रदान करने की क्षमता विकसित की जाएगी।’
अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत करेंगे। इस वर्ष उन्होंने पारंपरिक झोले के बजाय नेपाली कागज की फाइल में बजट तैयार किया है। मंत्रिपरिषद द्वारा पारित होने के पश्चात बजट संघीय संसद की संयुक्त बैठक में पेश किया जाएगा। १५ जेठ, काठमाडौं।
आगामी आर्थिक वर्ष का बजट सार्वजनिक होने वाला है। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा की संयुक्त बैठक में बजट प्रस्तुत करेंगे। इस बार उन्होंने पारंपरिक झोले में नहीं बल्कि नेपाली कागज की फाइल में बजट तैयार किया है। बजट आज ही मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था। मंत्रिपरिषद द्वारा पारित किए जाने के बाद अर्थमंत्री वाग्ले संयुक्त सदन में बजट प्रस्तुत करेंगे।
फाइल तस्वीर समाचार सारांश सबै पक्षबाट जाँचिएको। अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्लेले आर्थिक वर्ष २०८३/८४ को बजेटमा नेपाली सेनाका जवानहरूको आवास सुधारका लागि २ अर्ब रुपैयाँ विनियोजन गरिएको जानकारी दिनुभयो। यसअघि संचालनमा रहेको ‘बंकर टु ब्यारेक’ कार्यक्रमको नाम यसपटक आवास सुधार कार्यक्रममा परिवर्तन गरी बजेट विनियोजन गरिएको छ। १५ जेठ, काठमाडौं। नेपाली सेनाका जवानहरूको आवास स्तरोन्नतिको लागि आर्थिक वर्ष २०८३/८४ को बजेटमा २ अर्ब रुपैयाँ छुट्याइने भएको छ। अर्थमन्त्री स्वर्णिम वाग्लेले बजेट प्रस्तुत गर्दादेखि यो जानकारी दिनुभएको हो। पहिले पनि ‘बंकर टु ब्यारेक’ कार्यक्रमअन्तर्गत सेनाका जवानहरूको आवास सुधारका लागि बजेट विनियोजन हुँदै आएको थियो, तर यस पटक उक्त कार्यक्रमको नाम मात्र परिवर्तन गरी आवास सुधार कार्यक्रमको रूपमा बजेट विनियोजन गरिनेछ।
समाचार सारांश समीक्षा के पश्चात् तैयार। प्रतिनिधि सभा की कृषि समिति के सभापति अशोककुमार चौधरी ने कृषि उत्पादन के जरिए राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। चौधरी ने कहा कि सरकार की नीति किसान को अनुदान के आधार पर नहीं बल्कि उत्पादन के आधार पर सम्मानित करने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाकर नेपाल को कृषि में आत्मनिर्भर और निर्यातमुखी बनाया जा सकता है। १५ जेठ, काठमांडू।
प्रतिनिधि सभा की कृषि, सहकारी एवं प्राकृतिक संसाधन समिति के सभापति अशोककुमार चौधरी ने कृषि उत्पादन के माध्यम से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को सरकार की प्राथमिकता बताया है। शुक्रवार को राष्ट्रपति के सरकारी आवास में आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्ट कृषक सम्मान और पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने संबोधन देते हुए कहा कि सरकार ने कृषि को केवल पारंपरिक पेशा नहीं बल्कि सम्मानित, आधुनिक एवं व्यवसायिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हिमालय, पहाड़ और तराई की भौगोलिक विविधता ने हमें कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं दी हैं। आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रभावी कार्यान्वयन से नेपाल न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि कृषि निर्यात में भी सक्षम राष्ट्र बन सकता है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘इस दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है। सरकार ने कृषि को पारंपरिक पेशा मात्र न मानकर इसे सम्मानित, आधुनिक एवं व्यवसायिक पेशे के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लेकर काम शुरू किया है।’’
नेपाल की भौगोलिक विविधता द्वारा कृषि क्षेत्र में असाधारण संभावनाएं उत्पन्न होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रभावी कार्यान्वयन के जरिए कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘अब युवाओं के विदेश पलायन को रोककर गांवों में रोजगार सृजन करना और उत्पादन के माध्यम से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना सरकार की उच्च प्राथमिकता है। राज्य की नीति है कि किसानों को अनुदान के आधार पर नहीं, बल्कि उनके उत्पादन के आधार पर सम्मानित किया जाएगा।’’
१५ जेठ, काठमाडौँ । सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण तथा वितरण कार्यों हेतु ८५ अर्ब ५४ करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। अर्थ मन्त्री डॉ. स्वर्णिम वागले ने आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण और वितरण लाइन निर्माण हेतु यह राशि निर्धारित की गई है। साथ ही, उन्होंने हेटौंडा में २.५ मेगावाट क्षमता वाले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट को पायलट परियोजना के रूप में संचालित कर ग्रीन हाइड्रोजन के वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत करने की योजना का भी विवरण दिया है।
युक्रेन युद्ध की शुरुआत के बाद पहली बार रोमानिया में रूसी ड्रोन गिरने से दो लोगों के घायल होने की खबर आई है। रोमानिया ने इस घटना को रूस की “गंभीर और गैरजिम्मेदार उकसावा” करार देते हुए कड़ी निंदा की है और जल्द से जल्द एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की मांग की है। चार वर्षों से जारी युद्ध के दौरान अब तक रोमानियाई जमीन पर 47 बार रूसी ड्रोन के अवशेष मिले हैं।
युक्रेन की सीमा से सटा नाटो सदस्य देश रोमानिया के एक आवासीय भवन में रूसी ड्रोन गिरने से दो आम नागरिक घायल हुए हैं। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पड़ोसी युक्रेन की सीमा के निकट रूस द्वारा किए गए हवाई हमले के दौरान एक ड्रोन पूर्वी शहर गलाती में स्थित 10 मंजिला भवन की छत से टकराया। रोमानिया की आपातकालीन सेवा विभाग के मुताबिक, ड्रोन में मौजूद विस्फोटक पदार्थ छत पर फटने से दसवीं मंजिल पर भयंकर आग लग गई।
आग लगने के बाद लगभग 70 निवासी सुरक्षित स्थानों पर ले जाए गए। मामूली चोटें आईं दो लोगों का उपचार कराया गया है। चार वर्षों से जारी रूस-युक्रेन युद्ध में रोमानिया के नागरिकों के घायल होने की यह पहली घटना है। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार आत तक 47 बार रूसी ड्रोन के टुकड़े रोमानियाई भूमि पर पाए गए हैं, जिनमें से 12 घटनाएं इस वर्ष की हैं।
रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को रूस की तरफ से की गई “गंभीर और गैरजिम्मेदार उकसावे” बताते हुए कड़ी भर्त्सना की है। रोमानिया ने इस विषय में नाटो के महासचिव को सूचित करते हुए अपनी भूमि में शीघ्र एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने की मांग की है। नाटो के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर रूस के इस कदम की निंदा करते हुए कहा है कि नाटो अपने सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जब रूसी ड्रोन रोमानिया में प्रवेश कर रहे थे, तब रोमानिया ने अपने दो एफ-16 लड़ाकू विमानों को सतर्कता पर रखा था। इस घटना पर रूस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर १० लाख रुपैयाँ तक बढ़ाने की घोषणा की।
अर्थमंत्री वाग्ले ने बजट प्रस्तुत करते हुए संसद सहित सभी राज्य संरचनाओं से रचनात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई और देश तथा विदेश के नेपालीयों के लिए इस वर्ष के बजट को एक प्रभावशाली नीति उपकरण बनने का विश्वास प्रकट किया।
उन्होंने कहा कि युवा जनसंख्या की पूंजी को अवसर के रूप में लेते हुए राजनीतिक अस्थिरता के दुष्चक्र को समाप्त किया जा चुका है।
बजट पेश करने के दौरान प्रारंभ में कराधान क्षेत्र में बड़े नीतिगत सुधारों की भी घोषणा की गई।
अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा, “उद्यम और व्यवसायों को राहत प्रदान करने के साथ-साथ मध्यम वर्ग का विस्तार कर देश की समग्र अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के लिए कर दरों की व्यापक समीक्षा की है। कर भार कम करने के लिए व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर १० लाख रुपैयाँ किया गया है। व्यक्तिगत आयकर की अधिकतम दर को १० प्रतिशत तक घटाया गया है।”
वर्तमान में व्यक्तिगत वार्षिक आय ५ लाख रुपैयाँ तक और दंपती की आय ६ लाख रुपैयाँ तक मात्र १ प्रतिशत कर लगाया जाता है। इसके बाद विभिन्न आय वर्गों के लिए कर दरें बढ़ती हैं।
दंपती के लिए ६ से ८ लाख रुपैयाँ तक १० प्रतिशत, ८ से ११ लाख रुपैयाँ तक २० प्रतिशत, और ११ से २० लाख रुपैयाँ तक ३० प्रतिशत कर लागू होता है।
इसके अलावा कर योग्य आय २० से ५० लाख रुपैयाँ तक होने पर २० लाख रुपैयाँ तक के कर दर में अतिरिक्त २० प्रतिशत तथा ४० लाख रुपैयाँ से अधिक कर योग्य आय पर २० लाख रुपैयाँ तक के कर दर में अतिरिक्त ३० प्रतिशत अतिरिक्त कर का प्रावधान आयकर अधिनियम में उल्लेखित है।
इन कारणों से उच्चतम कर दर ३९ प्रतिशत तक पहुँचती है, जो दक्षिण एशिया में सबसे अधिक है, कर प्रशासन के जानकारों ने बताया।
जनता समाजवादी आंदोलन के बाद सरकार के पहले स्थिर सरकार के पहले बजट को लेकर कई लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है।
तस्वीर स्रोत, Nepal Photo Library
सामाजिक सुरक्षा भत्ता छोड़ने के लिए प्रोत्साहन
अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने सक्षम नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा भत्ता स्वैच्छिक रूप से त्यागने के लिए सरकार द्वारा प्रोत्साहन देने की बात कही।
बजट में इसके लिए ‘जो कर सकते हैं वह छोड़ दें, जो नहीं कर सकते उन्हें जोड़ें’ जैसी योजना घोषित की गई है।
वाग्ले ने प्रवासी नेपालीयों को भी वार्षिक बजट में मतदान का अधिकार देने के लिए कानूनी और तकनीकी व्यवस्थाएँ बनाने की घोषणा की।
साथ ही राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त दलों को अनुदान देने के विषय पर सरकार व्यापक चर्चा कराने का सुझाव भी मिला।
कृषि को प्राथमिकता
बजट घोषणा में सरकार ने कृषि को शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही है।
अर्थमंत्री ने किसानों को २ करोड़ रुपैयाँ तक निवेश करने पर ४० प्रतिशत तक ऋण उपलब्ध कराने के पायलट कार्यक्रम की भी घोषणा की।
यूरोपीय संघ नेपाल को यूरोपियन एविएशन ब्लैकलिस्ट से हटाने की नीति बनाने की भी जानकारी दी गई।
महिला उद्यमियों को ऋण प्रवाह में अतिरिक्त सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।
दुई तिहाई सरकार द्वारा तैयार बजट को व्यापक रुचि
अपने पहले बजट को महत्वाकांक्षी आकार का बताते हुए अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ और अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने इसे प्रभावशाली बताया।
पिछले वर्ष १९.५ खरब रुपैयाँ का बजट था, जिसे बाद में ३ खरब रुपैयाँ कम किया गया था।
मुद्रास्फीति, आपूर्ति श्रृंखला में समस्याएं और मध्य पूर्व में युद्ध ने सरकार के लक्ष्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण बना दिया है, विशेषज्ञों ने कहा।
इस बजट के जरिए मध्यम वर्ग को राहत देने और उद्योग उत्पादन को प्रोत्साहित करने की उम्मीद सत्ताधारी दल के नेताओं ने जताई है।
वित्तीय वर्ष की चालू आर्थिक वृद्धि दर ३.८५ प्रतिशत अनुमानित है, जैसा कि बुधवार को अर्थमंत्री वाग्ले द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण से पता चला।
ईरान युद्ध सहित बढ़ती महंगाई के कारण आने वाले सप्ताह में संसद में पेश होने वाले बजट में कर्मचारियों की वेतन और आयकर सीमा से जुड़ी नीतियों पर अधिक ध्यान केंद्रित होगा।
सामर्थ्य १० मेगावाट से कम वाले जलविद्युत परियोजनाओं के लिए तत्काल विद्युत खरीद समझौता (पीपीए) किया जाएगा, यह जानकारी मंत्री वाग्ले ने दी है। सुखाड़ अवधि में विद्युत उपलब्धता कम होने के बावजूद खरीद दर को ध्यान में रखते हुए विद्युत खरीद समझौता किया जाएगा, उन्होंने बताया।
अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट के माध्यम से यह बताया कि ‘नेपाली नागरिकों के लिए विदेश में निवेश की व्यवस्था में सहजीकरण किया जाएगा।’ अर्थमंत्री वाग्ले ने संघीय संसद की संयुक्त बैठक में आगामी आर्थिक वर्ष का बजट प्रस्तुत किया। १५ जेठ, काठमांडू। सरकार नेपाली नागरिकों को विदेश में निवेश करने की व्यवस्था को सरल और प्रभावकारी बनाने की दिशा में काम कर रही है। अर्थमंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट के दौरान इस संबंध में सहजीकरण करने का ऐलान किया। उन्होंने बजट से संबंधित जानकारी देते हुए कहा, ‘नेपाली नागरिकों को विदेश में निवेश करने की व्यवस्था को आसान बनाने के लिए हम कार्यरत हैं।’ वे वर्तमान में संघीय संसद की संयुक्त बैठक में बजट प्रस्तुत कर रहे हैं।
जापान सरकार और यूएनएफपीए के सहयोग से जाजरकोट के भेरी नगरपालिका में स्तरोन्नत भुर स्वास्थ्य चौकी का गुरुवार को संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य जाजरकोट और रौतहट जिले में जलवायुजन्य जोखिमों का सामना करते हुए मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना है। यूएनएफपीए नेपाल के कार्यवाहक प्रतिनिधि श्रीराम हरिदास ने कहा, “यह स्वास्थ्य चौकी पुनर्निर्मित भवन मात्र नहीं है।” १५ जेठ, काठमांडू। जाजरकोट जिले के भेरी नगरपालिका में भुर स्वास्थ्य चौकी का उद्घाटन किया गया। नेपाल सरकार, यूएनएफपीए, और जापानी राजदूतावास ने गुरुवार को संयुक्त रूप से स्तरोन्नत भुर स्वास्थ्य चौकी का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम जापान सरकार की आर्थिक सहायता तथा यूएनएफपीए द्वारा संचालित ‘नेपाल में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवा और अनुकूलन क्षमता में सुधार’ परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया है।
इस पहल का लक्ष्य नेपाल के अत्यधिक जोखिमप्राप्त समुदायों में मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है। परियोजना के तहत स्वास्थ्य संस्थाओं की भौतिक मरम्मत, आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता वृद्धि की गई है, जिससे जलवायु-अनुकूल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत होते हैं। विशेष रूप से यह परियोजना जाजरकोट और रौतहट जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर आवश्यकताओं को पूरा करती है, जहाँ गर्भवती महिला और नवजात शिशु प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन और शीतलहर से उच्च जोखिम में रहते हैं।
प्राकृतिक आपदाओं और जलवायुजन्य जोखिमों के बावजूद मातृ और नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह परियोजना सुदृढ़ की गई १० स्वास्थ्य संस्थाओं में से एक है। आगामी आपातकालीन स्थितियों की पूर्व तैयारी और आवश्यक सामग्री की रक्षा हेतु ‘मेडिकल कैंप किट’ सहित चिकित्सकीय जीवनरक्षक सामग्री प्रबंधन में भी सहयोग प्रदान किया गया है। स्थानीय स्तर पर जलवायु के अनुकूल संचालन और सेवा प्रवाह को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य संस्थान संचालन और प्रबंधन समितियों के लिए जलवायु अनुकूलन निर्देशिकाएँ बनाई गई हैं।
विशेष समारोह में उक्त स्वास्थ्य संस्थान को अत्यावश्यक चिकित्सा उपकरण औपचारिक रूप से सौंपे गए, तथा धीमे Health चौकी, साक्ला Health चौकी, लिम्सा आधारभूत अस्पताल और भगवती Health चौकी को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यूएनएफपीए नेपाल के कार्यवाहक प्रतिनिधि श्रीराम हरिदास ने कहा, ‘यह स्वास्थ्य चौकी पुनर्निर्मित भवन मात्र नहीं है, यह तथ्य, निवेश और सरकारी सहयोग के संयोजन से हासिल संभावनाओं का प्रत्यक्ष उदाहरण है। नेपाल की महिलाएं आपदा और संकट में सुरक्षित, पूर्णतः संचालित तथा सहज पहुँच योग्य स्वास्थ्य संस्थानों की हकदार हैं।’
परियोजना की एक अन्य उपलब्धि स्थानीय और प्रादेशिक स्तर पर दिग्गज योजना निर्माण और बजट प्रबंधन में सहायता प्रदान करना है, जिसके तहत स्वास्थ्य संस्थाओं का वस्तुस्थिति मूल्यांकन, नीति विश्लेषण और जलवायु अनुकूलन हेतु लागत अनुमान सहित स्वास्थ्य कार्ययोजना तैयार की गई है। आज आयोजित कार्यशाला में नीति निर्माता, स्वास्थ्य प्रणाली प्रबंधक और समुदाय प्रतिनिधि एकत्रित हुए तथा इन निष्कर्षों और कर्णाली प्रदेश में आगामी दिनों में जलवायु-अनुकूल स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने के उपायों पर व्यापक चर्चा की गई। कार्यक्रम में भेरी नगरपालिका के प्रमुख चंद्रप्रकाश घर्ती ने बताया कि नगरपालिका के प्रत्येक विकास योजना में जलवायु अनुकूलन अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाएगा। नेपाल में जापानी राजदूतावास के मिशन उपप्रमुख शिन्तो यासुहारा ने नेपाल के जोखिमपूर्ण समुदायों के संरक्षण में जापान के सतत समर्थन की प्रतिबद्धता जताई। परियोजना से प्राप्त अनुभव और मॉडल उन जिलों के बाहर भी दीर्घकालीन और स्थायी प्रभाव आने की उम्मीद जताई गई। समारोह में एक अन्तरक्रिया सत्र भी आयोजित हुआ, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी, माताएँ और समुदाय के सदस्य आपदा और आपातकालीन स्थिति में मातृ स्वास्थ्य सेवा प्राप्त व प्रदान करने के अनुभव साझा कर रहे थे।
जाजरकोट के भेरी नगरपालिक में भूड़ स्वास्थ्य चौकी को एक नए रूप में आज गुरूवार को जापान सरकार और यूएनएफपी की समर्थन से संयुक्त रूप से उद्घाटन किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य मातृ तथा नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए, जाजरकोट और रौतहट जिलों में जलवायु संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखकर कार्य करना है। यूएनएफपी नेपाल के कार्यवाहक प्रतिनिधि श्रीराम हरिदास ने कहा, “यह स्वास्थ्य चौकी केवल पुनर्निर्मित भवन नहीं है।” १५ जेठ, काठमाडौँ – जाजरकोट के भेरी नगरपालिक में भूड़ स्वास्थ्य चौकी का औपचारिक उद्घाटन हुआ। नेपाल सरकार, यूएनएफपी और जापानी दूतावास ने संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन किया। यह पहल ‘नेपाल में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य सेवा सुधार और अनुकूलन क्षमता विकास’ परियोजना का हिस्सा है, जिसे जापान सरकार ने वित्तीय सहायता प्रदान की है और यूएनएफपी द्वारा कार्यान्वित किया गया है।
यह परियोजना नेपाल के अत्यंत जोखिमयुक्त समुदायों में मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसने स्वास्थ्य सेवा केन्द्रों के भौतिक सुधार, आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था, और स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता विकास को भी संपन्न किया है, जिससे जलवायु-प्रतिरोधी प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण स्थापित हुआ है। विशेष रूप से, इस पहल ने जाजरकोट और रौतहट में गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशुओं को नदी बाढ़, ठंडे मौसम जैसे प्राकृतिक आपदाओं तथा जलवायु जोखिमों से उत्पन्न खतरों के प्रति स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण कमियों को संबोधित किया है।
प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु से जुड़ी खतरों के बावजूद, इस परियोजना ने भूड़ स्वास्थ्य चौकी समेत १० स्वास्थ्य संस्थाओं को मजबूत बनाकर मातृ एवं नवजात देखभाल की निरंतरता सुनिश्चित की है। आपातकालीन तैयारी के लिए जरूरी चिकित्सकीय जीवनरक्षक सामग्री जैसे ‘चिकित्सा शिविर किट’ उपलब्ध कराई गई है, जिससे आवश्यक पूंजी का सुसंगत भंडारण संभव हुआ है। स्थानीय स्तर पर जलवायु-अनुकूल संचालन प्रबंधन और सेवा प्रदान में सशक्तीकरण हेतु स्वास्थ्य संस्थान प्रबंधन समितियों के लिए जलवायु अनुकूलन मार्गनिर्देश तैयार किए गए हैं।
विशेष समारोह में स्वास्थ्य संस्थाओं को आवश्यक मूलभूत चिकित्सकीय उपकरण औपचारिक रूप से हस्तांतरित किए गए, जबकि धीमे, साक्ला स्वास्थ्य चौकी, लिम्सा प्राथमिक अस्पताल और भगवती स्वास्थ्य चौकी को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यूएनएफपी नेपाल के कार्यवाहक प्रतिनिधि श्रीराम हरिदास ने कहा, “यह स्वास्थ्य चौकी केवल पुनर्निर्मित भवन नहीं है; यह तथ्य, निवेश और सरकार के सहयोग के संयुक्त प्रयास से हासिल परिणामों का प्रत्यक्ष उदाहरण है। नेपाली महिलाएं आपदा और संकट के समय भी पहुंच योग्य, पूर्णतः संचालित एवं सुरक्षित स्वास्थ्य संस्थान प्राप्त करने की हकदार हैं।”
परियोजना की एक और उपलब्धि स्थानीय और प्रदेश स्तर पर स्थायी योजना तथा बजट प्रबंधन में मदद करना है, जिसके लिए मूल्यांकन, नीतिगत विश्लेषण और जलवायु अनुकूलन के लिए लागत अनुमान सहित स्वास्थ्य कार्य योजना तैयार की गई है। आज आयोजित कार्यशाला में नीति निर्माता, स्वास्थ्य प्रणाली प्रबंधक और समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होकर इन परिणामों और कर्णाली प्रदेश में जलवायु-प्रतिरोधी स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के तरीकों पर चर्चा की। भेरी नगरपालिकाका प्रमुख चन्द्रप्रकाश घर्ती ने सभी नगरपालिका विकास योजनाओं में जलवायु अनुकूलता को अनिवार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। जापानी दूतावास के उप प्रमुख शिनटो यासुहारा ने भी नेपाल के संवेदनशील समुदायों की सुरक्षा में जापान की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। परियोजना से सृजित ज्ञान और मॉडल कार्यान्वित जिलों के अलावा भी दीर्घकालीन एवं टिकाऊ प्रभाव डालने की उम्मीद है। कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मी, माताएं और समुदाय के सदस्य आपदा तथा आपातकाल की स्थितियों में मातृ स्वास्थ्य सेवा में पहुंच और सेवा देने के अपने अनुभव साझा किए।
क्यूबा की उपविदेश मंत्री जोसेफिना भिडाल ने कहा है कि दो देशों के बीच वार्ता प्रक्रिया बाधित होने के बाद अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप का खतरा बढ़ गया है। अमेरिकी अदालत ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर गैरसैनिक विमान गिराने का आरोप दर्ज करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और तीव्र हो गया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रुनो रोड्रिगेज ने अमेरिका के सैन्य कदमों को लेकर गंभीर रक्तपात और हजारों लोगों की मौत की चेतावनी दी है। १५ जेठ, काठमाडौं।
जोसेफिना भिडाल ने नेशनल कैपिटल में आयोजित संसदीय सुनवाई में आरोप लगाया कि वाशिंगटन क्यूबा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताकर आक्रमण का बहाना ढूंढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने क्यूबा को ईंधन सप्लाई करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगा कर सख्त नाकाबंदी लागू की है, जिससे क्यूबा में तीव्र ऊर्जा संकट और दशकों में सबसे खराब आर्थिक मंदी आई है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मार्च से जारी द्विपक्षीय संवाद में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई है। हालांकि, क्यूबा ने अमेरिका को भरोसेमंद न मानते हुए आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करने की स्पष्ट नीति अपनाई है। वर्तमान में अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव और गहरा गया है। अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर १९९६ में मियामी स्थित क्यूबा नागरिक संगठन को चलाने के लिए दो गैरसैनिक विमान गिराने का आदेश देने का आरोप लगाकर हत्या का मुकदमा दायर किया है, जिसे क्यूबा ने सैन्य आक्रमण का बहाना बताया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रुनो रोड्रिगेज ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका कोई सैन्य कदम उठाएगा तो भारी रक्तपात होगा और हजारों क्यूबा तथा अमेरिकी नागरिकों की जान जाएगी।
परीक्षण के दौरान ब्लू ओरिजिन के रॉकेट में हुआ बड़ा विस्फोट
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संयुक्त राज्य अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के केप कनावेरल में स्थित प्रक्षेपण स्थल पर गुरुवार रात को ब्लू ओरिजिन कंपनी के ‘न्यू ग्लेन’ रॉकेट में बड़ा विस्फोट हुआ है।
अरबपति व्यापारी जेफ बेजोस ने वर्ष 2000 में अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली ब्लू ओरिजिन कंपनी की स्थापना की थी।
यह रॉकेट ‘हॉटफायर टेस्ट’ के नाम से जाने वाले उड़ान पूर्व परीक्षण के दौरान था। विस्फोट के बाद कोई भी घायल या मृत नहीं हुआ है।
कंपनी ने इस घटना को “असामान्य” घटना के रूप में वर्णित किया है।
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