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लेखक: space4knews

पूर्वाधारमा ‘टेकअफ’ लक्ष्य, स्रोतमा प्राथमिकता र आक्रामक सुधार

पूर्वाधार में ‘टेकऑफ’ लक्ष्य, संसाधनों को प्राथमिकता और आक्रामक सुधार

सरकार ने विभिन्न भौतिक मंत्रालयों को एकीकृत करके गठित पूर्वाधार विकास मंत्रालय के लिए आगामी वित्तीय वर्ष में ३ खरब २ अरब रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया है। इस वित्तीय वर्ष में १ हजार किलोमीटर सड़क कालोपत्रण करने और साउन महीने से नागढुंगा सुरंगमार्ग को परिचालन में लाने का लक्ष्य सरकार का है। पूर्वाधार क्षेत्र में निजी निवेश लाने के लिए वैकल्पिक विकास वित्त कोष संचालित करने और निजी क्षेत्र को विद्युत व्यापार की अनुमति देने की भी घोषणा की गई है।

१५ जेठ, काठमांडू। सरकार ने पूर्वाधार निर्माण में देखी गई संरचनात्मक समस्याओं को दूर करते हुए आक्रामक सुधार के कदम उठाने का फैसला किया है। इससे अवरुद्ध पूर्वाधार निर्माण को ‘टेकऑफ’ कराने की उम्मीद है। भौतिक निर्माण से जुड़ी मंत्रालयों को मर्ज कर पूर्वाधार विकास मंत्रालय के नाम एक शक्तिशाली निकाय का गठन किया गया है, जिसे बालेन्द्र शाह नेतृत्व वाली सरकार ने सबसे अधिक बजट प्रदान किया है, जिसकी राशि ३ खरब २ अरब रुपए से ऊपर है।

अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले के अनुसार आगामी वित्तीय वर्ष में सरकार कार्यात्मक सुधारों में तेजी लाएगी। इससे पूंजीगत खर्च की गति और तालमेल पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खरीद प्रक्रिया में सुधार होगा और संसाधनों के प्रबंधन में लचकता अपनाई जाएगी। वैकल्पिक वित्त परिचालित किया जाएगा तथा परियोजना प्रमुख की स्थिरता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लागत और समय पर परियोजना पूर्ण करने के ‘मिशन मोड’ पर कार्य किया जाएगा।

इसी प्रकार, सनसेट कानून लागू करने की घोषणा बजट में की गई है। दीर्घकालीन अधिनियम/कानूनों के बढ़ते हुए समस्याओं को हल करने के लिए निश्चित अवधि के बाद स्वचालित समीक्षा या स्वयं समाप्त होने का प्रावधान सनसेट कानून की अवधारणा है। इसे संसद में पेश किया जाएगा। आगामी वित्तीय वर्ष में मोबिलाइजेशन अग्रिम राशि संबंधित परियोजनाओं में ही खर्च करने की व्यवस्था ट्रैकिंग कर निगरानी की जाएगी।

अर्थ मंत्री वाग्ले के अनुसार हाइब्रिड एनयूटी मॉडल में निर्माण किए जाने वाले पूर्वाधार परियोजनाओं की प्रारंभिक सूची तीन महीने के भीतर तैयार कर ली जाएगी। मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण ईंधन, बिटुमेन सहित निर्माण सामग्री की महंगाई से निर्माण व्यवसायी को हुई समस्या के समाधान के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

इससे पहले बजट की पूर्व संध्या पर नेपाल के निजी क्षेत्र की छाता संस्थाओं ने निर्माण व्यवसायियों को आने वाली चुनौतियों के समाधान की अपील की थी।

पूर्वाधार निर्माण में एकीकृत मॉडल

इस बार के बजट ने पूर्वाधार निर्माण में एकीकृत मॉडल की अवधारणा प्रस्तुत की है। पहले विकास मंत्रालयों के बीच समन्वय की कमी के कारण कार्यशैली में समस्याएं आती थीं। अर्थ मंत्री वाग्ले के अनुसार सड़क, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और आर्थिक पहुंच जैसे पूर्वाधारों को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाएगा। साथ ही यात्रा सुरक्षा में सुधार करते हुए सड़क की गुणवत्ता बढ़ाकर दुर्घटना से होने वाले मानवीय क्षति को कम करने का लक्ष्य भी इसमें शामिल है।

विकास और पर्यावरण के बीच समन्वय

सरकार ने अब विकास और पर्यावरण के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की योजना भी प्रस्तुत की है। अर्थ मंत्री वाग्ले के अनुसार पर्यावरण संरक्षण अधिनियम २०७६ और वन अधिनियम २०७६ में संशोधन किया जाएगा। अनुमोदित पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन रिपोर्ट में उल्लिखित वन क्षेत्रफल या कटान होने वाले वृक्षों की संख्या घटने पर पूरक मूल्यांकन न कराने का प्रावधान लागू होगा। वन क्षेत्र की स्वीकृति और वृक्ष कटान संबंधी निर्णय प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया जाएगा, जैसा बजट में बताया गया है।

उद्योग बजट में कटौती के बावजूद नीतिगत सुधारों से उद्योगपतियों में उत्साह

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०७८/७९ के लिए उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र का बजट १८ प्रतिशत घटाकर ८ अरब ३१ करोड़ रुपये निर्धारित किया है। निवेशकों को सभी सेवाएं एक ही स्थान से उपलब्ध कराने के लिए आगामी तीन महीनों के भीतर ‘निवेश एक्सप्रेस’ अवधारणा लागू करने की घोषणा की गई है। २७३ प्रकार की कच्ची वस्तुओं पर सीमा शुल्क दर कम की गई है और ३६० वस्तुओं पर अंतःशुल्क समाप्त किया गया है।

१५ जेठ, काठमांडू। सरकार ने उद्योग और वाणिज्य क्षेत्र को उत्पादन उन्मुख बनाने का दावा करते हुए बजट में कटौती की है। आगामी आर्थिक वर्ष २०७८/७९ का बजट अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले द्वारा प्रस्तुत किया गया, जो चालू आव के मुकाबले १ अरब ८३ करोड़ रुपये कम है। कुल बजट केवल ८ अरब ३१ करोड़ रुपये विनियोजित किया गया है। उद्योग क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार और निवेश एक्सप्रेस लागू करने के बावजूद बजट १८ प्रतिशत कम किया गया है। सरकार ने निवेशकों को सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए आगामी तीन महीनों में निवेश एक्सप्रेस लागू करने की घोषणा की है। इसके अंतर्गत कंपनी पंजीकरण, वित्तीय सेवाएं, कर प्रक्रियाएं और वीजा आवेदन तक सभी सेवाएं शामिल होंगी। “निवेश बोर्ड से स्वीकृत परियोजनाओं के लिए अन्य निकायों से अतिरिक्त मंजूरी नहीं ली जाएगी,” बजट में उल्लेख है। स्वीकृत परियोजनाओं के लिए निवेश वीजा उपलब्ध कराया जाएगा। शेयर हस्तांतरण, कर भुगतान, संपत्ति मूल्यांकन, ऋण भुगतान, लाभांश वितरण और परिसमापन प्रक्रियाएं भी सुव्यवस्थित की जाएंगी।

नेपाल उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष वीरेंद्रराज पांडे ने निवेश और लाभ वापसी प्रक्रिया में सरलता लाने वाले बजट को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, “बजट विश्वास और निवेश दोनों बढ़ाएगा। विदेशी निवेशकों को लाभ बाहर ले जाने में कठिनाई थी, अब केवल सूचना देकर इसे सम्भव बनाया गया है, जो अच्छा है। कई सिफारिशें भी बजट में शामिल हुई हैं।” औद्योगिक अवसंरचना और ऊर्जा में सहूलियत की नीति को आगे बढ़ाया जाएगा। मोतिपुर और मयूरधाप जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण और संचालन निजी क्षेत्र द्वारा किया जाएगा। विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कर, सीमा शुल्क, आयात-निर्यात और निवेश के सभी निर्णय एक ही केंद्र से लिए जाने के लिए ‘विशेष आर्थिक प्रशासन क्षेत्र’ बनाया जाएगा। उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए विद्युत् डिमांड शुल्क की समीक्षा और विद्युत् शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी। उद्योगों को उपलब्ध कराई जाने वाली जमीन पर निर्मित संरचनाएं बैंकिंग उद्देश्यों के लिए गिरवी रखी जा सकेंगी।

पूंजी अभाव के कारण पूर्ण क्षमता से संचालित न होने वाले उद्योगों के लिए ‘व्यावसायिक पुनरुत्थान ऋण’ की व्यवस्था की गई है। औद्योगिक अवसंरचना के लिए ६५ करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नव उद्यम, नवप्रवर्तन और तकनीक को मुख्य औद्योगिक सुधार के रूप में लेते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवप्रवर्तन में न्यूनतम १ प्रतिशत पूंजीगत व्यय विनियोजित किया गया है। स्टार्टअप के लिए केवल ऋण नहीं बल्कि प्रारंभिक चरण में अनुदान, संभावित उद्यम के लिए सहूलियतपूर्ण ऋण और विस्तार चरण के लिए वृद्धि पूंजी की व्यवस्था की जाएगी। अर्थमंत्री वाग्ले ने कहा, “नवउद्यमों को पहचान, कौशल, बाजार और वित्तीय पहुंच के अनुसार, लाभ आधारित कर छूट, सार्वजनिक खरीद में प्राथमिकता और डिजिटल पंजीकरण के माध्यम से मजबूत किया जाएगा।”

खनन, पेट्रोलियम और पर्यावरणीय प्रबंधन क्षेत्रों के समुचित संचालन के लिए ‘खनन एवं खनिज प्राधिकरण’ की स्थापना की घोषणा की गई है। दैलेख में पेट्रोलियम व्यावसायिक उत्पादन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। धौलाधौली लोहा उद्योग में सरकार की भागीदारी कम कर सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) मॉडल लागू करने की योजना है। खनन और बड़े उद्योगों को विद्युत् पहुंच, सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए ५० करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पारंपरिक बॉयलर की जगह इलेक्ट्रिक बॉयलर लगाने के लिए २२ करोड़ रुपये प्रावधान है।

वैदेशिक वाणिज्य में सहूलियत के लिए कच्चे माल पर सीमा शुल्क दर तैयार वस्तुओं से कम से कम एक श्रेणी कम करने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए २७३ प्रकार के कच्चे माल पर सीमा शुल्क दर कम की गई है और ११ तह के सीमा शुल्क को ७ तह में सीमित किया गया है। व्यापार तथा औद्योगिक लॉजिस्टिक गुरुयोजना के कार्यान्वयन के लिए १ अरब १८ करोड़ रुपये विनियोजित किए गए हैं। उद्योग परिसंघ के अध्यक्ष पांडे ने बताया कि इससे घरेलू उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमने तैयार वस्तुओं और कच्चे माल के सीमा शुल्क में कम से कम ५ से १० प्रतिशत अंतर की मांग की थी, २७३ वस्तुओं के सीमा शुल्क दर घटाकर वह अंतर कायम रखा गया है। यह उत्पादन को प्रतिस्पर्धी बनाएगा।” उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र की मांग के अनुसार अंतःशुल्क (एक्साइज ड्यूटी) विषय भी बजट में शामिल किया गया है। “स्वास्थ्य और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली तथा जैविक ईंधन उपयोग करने वाली वस्तुओं पर ही अंतःशुल्क लगाना चाहिए, अब ३६० वस्तुओं पर अंतःशुल्क समाप्त किया जाएगा,” उन्होंने कहा।

सीमा शुल्क प्रक्रिया में सुधार करते हुए उत्कृष्ट व्यवसायियों के लिए ‘ब्लू लेन’ के माध्यम से तेज जांच-पास प्रणाली लाई जाएगी और कारोबार मूल्य पर आधारित ऑनलाइन जांच-पास प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। नियामक संस्थाओं को मजबूत कर सिंडिकेट, कार्टेलिंग, काला बाजारी, मुनाफाखोरी और अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा को समाप्त किया जाएगा। ईंधन मूल्य स्थिरता के लिए ‘फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट’ का अध्ययन किया जाएगा और पेट्रोल पंपों पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन नीति अपनाई जाएगी।

कर प्रणाली सुधार और विवादास्पद कर निपटान में भी सकारात्मक पहल की गई है। अध्यक्ष पांडे ने बताया, “व्यक्तिगत आयकर की सीमा बढ़ाई गई है और अधिकतम कर दर में १० प्रतिशत की कटौती की गई है। विवादित कर मामलों में १ प्रतिशत भुगतान पर जुर्माना माफ करने का प्रावधान है। इससे व्यवसायियों को अनावश्यक बोझ से राहत मिलेगी।” वित्तीय सुधार के रूप में व्यक्तिगत क्रेडिट स्कोरिंग प्रणाली पहली बार लागू की जाएगी और ‘पीयर-टू-पीयर लेनदेन’ का नियमन होगा। कृषि, उद्योग, पर्यटन और जलविद्युत क्षेत्रों में दीर्घकालिक स्थिर ब्याज दर पर ऋण प्रवाह की नीतिगत रूपरेखा लागू की जाएगी। बैंकिंग क्षेत्र के खराब ऋण प्रबंधन के लिए ‘राष्ट्रीय संपत्ति प्रबंधन कंपनी’ आगामी पुष मासांत तक स्थापित की जाएगी। मंत्री वाग्ले ने यह जानकारी दी।

राप्रपाकी सांसद खुश्बु ओली ने बजट के कार्यान्वयन पर उठाए संदेह

राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी (राप्रपा) की सांसद खुश्बु ओली ने संसद में प्रस्तुत बजट के कार्यान्वयन को लेकर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बजट में वास्तविक स्रोतों का सही मूल्यांकन न किए जाने के कारण इसके कार्यान्वयन में समस्याएं आ सकती हैं। १५ जेठ, काठमाडौं।

सांसद ओली ने बजट को राजनीतिक प्रदर्शन का माध्यम बनने का खतरा जताते हुए कहा, “जनता में विश्वास कम होने का जोखिम है।” उन्होंने आगे कहा, ‘यदि स्रोत उपलब्ध न होंगे तो बजट केवल आश्वासन देने का काम करेगा, जिससे नीतिगत असफलता हो सकती है।’

अधिकतम प्राथमिकता सभी पक्षों को संतुष्ट करने के लिए दिए गए बजट के कारण सरकार को अल्पकालिक लोकप्रियता मिलने का जोखिम भी है, यह ओली ने बताया। ‘यह बजट विकास का साधन नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रदर्शन का माध्यम बन सकता है,’ उन्होंने कहा।

अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को अवकाश के बाद आजीवन निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा की सुविधा

सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अवकाश के बाद जीवन भर निशुल्क स्वास्थ्य उपचार प्रदान करने का निर्णय लिया है। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट प्रस्तुत करते हुए इस घोषणा की। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को अवकाश के बाद सम्मानजनक जीवनयापन के लिए आजीवन निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार की व्यवस्था की जाएगी।”

मंत्री वाग्ले ने आने वाले ३ वर्षों में कम से कम ८ हजार दर्शक क्षमता वाले १० फुटबॉल स्टेडियमों को फ्लडलाइट के साथ स्तरोन्नति करने तथा प्रमुख ८ शहरों में ५ वर्षों के भीतर आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम बनाने की योजना भी सार्वजनिक की। इसके अलावा विराटनगर, लहान, काठमाडौं, पोखरा, बुटवल, सुर्खेत और धनगढी में कम से कम २ हजार दर्शक क्षमता वाले इनडोर मल्टीपर्पज स्टेडियम बनाने की योजना भी बताई गई।

उनके अनुसार मूलपानी क्रिकेट स्टेडियम, गिरिजाप्रसाद कोइराला क्रिकेट स्टेडियम और कैलाली के फाप्ला क्रिकेट स्टेडियम के डिजाइन का पुनरावलोकन कर निवेश मोडेल तैयार किया जाएगा। खेलकूद के प्रति रुचि और क्षमता वाले छात्रों को प्रारंभिक स्तर से चयन कर आवासीय सुविधाओं सहित प्रशिक्षण प्रदान करने की भी व्यवस्था की जाएगी। सुर्खेत में आयोजित होने वाले १०वें राष्ट्रीय खेलकूद और मधेस में प्रस्तावित ११वें प्रतियोगिता के लिए आवश्यक पूर्वाधार निर्माण के लिए भी बजट विनियोजन किया गया है।

गिलको शानदार शतक मद्दतमा गुजरात आईपीएलको फाइनलमा – Online Khabar

गिल के शानदार शतक ने गुजरात को आईपीएल के फाइनल में पहुँचाया

गुजरात टाइटन्स ने राजस्थान रायल्स को ७ विकेट से हराते हुए आईपीएल २०२६ के फाइनल में जगह बनाई। कप्तान शुभमन गिल ने ५३ गेंदों में १०४ रन की शतकीय पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उपाधि के लिए गुजरात अगले रविवार अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर का सामना करेगा।

शुक्रवार को खेले गए दूसरे क्वालिफायर मैच में राजस्थान द्वारा दिए गए २१५ रन के लक्ष्य को गुजरात ने ८ गेंदें बची रह गईं और ३ विकेट खोकर पूरा कर दिया। गिल ने ५३ गेंदों में १०४ रन की शानदार पारी खेली। साइ सुदर्शन ने ३२ गेंदों में ५८ रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए १६७ रन की अटूट साझेदारी की। राजस्थान के ब्रिजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर और नान्द्रे बर्गर ने एक-एक विकेट लिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए राजस्थान ने २० ओवर में ६ विकेट पर २१४ रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी ने ४७ गेंदों में ८ चौके और ७ छक्के की मदद से ९६ रन बनाए। रविंद्र जडेजा ने नाबाद ४५ रन की पारी खेली जबकि डोनोवन फेरेरा ने केवल ११ गेंदों में ३८ रन की चमकदार पारी खेली और नाबाद रहे। गुजरात के लिए कगिसो रबाडा और जेसन होल्डर ने २-२ विकेट लिए। फाइनल मुकाबला रविवार को गुजरात के घरेलू मैदान पर होगा।

राजनीतिक हैसियत के अनुसार ‘डिपार्चर’ में कटौती किया गया बजट

सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए २१ खरब २४ अरब रुपये का बजट प्रस्तुत करते हुए ७ प्रतिशत आर्थिक विकास का लक्ष्य रखा है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा १० लाख रुपये करने की घोषणा की है। बजट के माध्यम से आंतरिक उत्पादन संरक्षण एवं संवर्धन तथा कौशल विकास सहित ५ नए कर लगाए गए हैं। १५ जेठ, काठमांडू।
इतिहास की सबसे मजबूत सरकार बनने के बाद अर्थव्यवस्था में बड़ा ‘डिपार्चर’ होने की उम्मीद कई लोगों को थी। लेकिन, क्या आपने सड़क या परिवहन में कोई क्रांतिकारी परियोजना देखी? नहीं, देखी नहीं। बल्कि पिछले वर्ष के मुकाबले बजट ही कम हुआ है। जलविद्युत या सिंचाई में ऐसी कोई बड़ी परियोजना दिखी? वह भी नहीं। शिक्षा देश का भविष्य बनाती है। क्या शिक्षा में कोई रूपांतरणकारी योजना आई? आई नहीं। शिक्षा के लिए बजट का अनुपात घटा है। शिक्षा में २० प्रतिशत बजट आवंटित करने की मान्यता है, लेकिन बजट के कुल १० प्रतिशत ही आवंटित हुआ है।
सरकार ने पाँच वर्षों में १५ लाख रोजगार सृजित करने का वचन दिया है, यानी हर वर्ष ३ लाख रोजगार। रोजगार सृजन के लिए बड़ी मात्रा में देशी और विदेशी निवेश आकर्षित होना आवश्यक है। लेकिन, क्या आपने विदेशी निवेश के लिए कोई आकर्षक योजना सुनी? नहीं सुनी। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले बार-बार कहते थे कि वे एक रूपांतरणकारी बजट लाएंगे। जेनेरिक जन आंदोलन के बल पर प्राप्त प्रचण्ड बहुमत वाली इस सरकार के पास इस डिपार्चर का अवसर था, लेकिन अर्थमंत्री वाग्ले ने इस मौके को गंवा दिया है।
अर्थमंत्री वाग्ले ने इस बजट में शुरुआत से ही बदलाव किया है। वह है- बजट लेखन की पारंपरिक शैली छोड़कर नई शैली अपनाना। उद्यम-व्यवसाय को राहत देने और मध्यम वर्ग का विस्तार कर समग्र अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाने के लिए उन्होंने कर दरों के व्यापक पुनरीक्षण की घोषणा की है। उन्होंने व्यक्तिगत आयकर छूट की सीमा १० लाख रुपये करने तथा सर्वोच्च दर ३९ प्रतिशत से घटाकर २९ प्रतिशत करने की घोषणा की है। २७३ प्रकार की कच्ची सामग्रियों के कर कम किए गए हैं, ११ स्तर के करों को ७ स्तर में लाया गया है, ३६० वस्तुओं पर अंतःशुल्क हटा दिया गया है, ऐसे आकर्षक पहलुओं का उल्लेख बजट वक्तव्य में है। लेकिन कर संबंधी कानूनी व्यवस्था वाली आर्थिक विधेयक देखने पर पता चलता है कि यह सुधार नहीं, बल्कि प्रतिगामी कर नीति है।
नेपाल ने २०५४ साल में विभिन्न नामों से रंगीन कर हटा कर एक-एकल बिक्री कर के रूप में वैट शुरू किया था। लेकिन इस बजट ने मीठे नामों के पीछे फिर से पाँच नए रंगीन कर लगाए हैं। वे हैं – आंतरिक उत्पादन संरक्षण एवं संवर्द्धन शुल्क, कौशल विकास शुल्क, स्वच्छ अवसंरचना शुल्क, शिक्षा समता शुल्क और स्वास्थ्य संवर्द्धन शुल्क।
अर्थमंत्री वाग्ले ने ६० सरकारी संस्थानों को बंद, हस्तांतरण या पुनर्गठन करके सरकार को चुस्त-दुरुस्त बनाने की घोषणा की है, जो एक सकारात्मक कदम है। लेकिन इससे बचाए गए बजट को बढ़ाए गए खर्च को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। निवेश बढ़ाने के लिए घोषित कार्यक्रम कोई नई योजना नहीं हैं।
सरकार ने आगामी वर्ष के लिए ७ प्रतिशत आर्थिक विकास लक्ष्य रखा है, जिसे प्राप्त करने के लिए निवेश का विस्तार आवश्यक है। एक ओर सरकार की खर्च करने की क्षमता कमजोर है, वहीं दूसरी ओर निजी निवेश को भी प्रोत्साहित नहीं किया गया। ऐसे में आर्थिक विकास के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा।

पूर्वअर्थमन्त्री पौडेल ने बजट कार्यान्वयन में चुनौतियाँ बताईं

१५ जेठ, काठमाडौँ। पूर्वअर्थमन्त्री एवं नेकपा एमाले के उपाध्यक्ष विष्णुप्रसाद पौडेल ने सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को महत्त्वाकांक्षी बताया है। संघीय संसद में अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले द्वारा प्रस्तुत बजट की सबसे बड़ी चुनौती इसके कार्यान्वयन को लेकर पाई गई है, ऐसे उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। पौडेल ने कहा, ‘हम पर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ भी प्रभाव डाल रही हैं। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय माहौल काफी प्रतिकूल है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘बाहरी ऋण और अनुदान की व्यवस्था करना इस समय आसान नहीं है। ऐसी परिस्थितियों में बजट तैयार करना आवश्यक था।’ इसके बावजूद संशोधित बजट का आकार २५ प्रतिशत बढ़ने के बाद भी इसे पूरा करना सरल नहीं होगा, पौडेल ने यह बात स्पष्ट की। बजट के आकार में वृद्धि के बावजूद यदि उसके अनुसार संसाधन प्रबंधन नहीं किया गया तो कार्यान्वयन प्रभावित होगा, ऐसी उनकी राय है।

इरान ने काव्हा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप में बाज़ी मारी (तस्वीरें)

समाचार सारांश

सम्पादन में समीक्षा किया गया।

  • इरान ने काजाखस्तान को ३–१ सेट से हराकर काव्हा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप का खिताब जीता।
  • त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवरडहॉल में शुक्रवार को हुए फाइनल मैच में इरान बिना हार के विजेता बना।
  • इरान ने लगातार दूसरे संस्करण में अपराजित रहते हुए खिताब जीतकर मध्य एशिया में अपने प्रभुत्व को कायम रखा।

१५ जेष्ठ, काठमांडू। इरान ने बिना कोई हार किए काव्हा महिला वॉलीबॉल चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया।

त्रिपुरेश्वर के दशरथ रंगशाला कवरडहॉल में शुक्रवार को सम्पन्न फाइनल मैच में इरान ने काजाखस्तान को ३-१ सेट से पराजित करते हुए लगातार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

सन २०२४ में काठमांडू से शुरू हुई इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण में इरान तीसरे स्थान तक सीमित था।

लेकिन इसके बाद के दो संस्करणों में इरान अपराजित रहते हुए खिताब जीतकर मध्य एशिया में अपनी बढ़ती पकड़ को मजबूत करने में सफल रहा है।

तस्वीरें

 

 

 

 

स्रोत दबाबले विकास बजेट स्थिर, साधारण खर्च र ऋण भुक्तानी चाप

स्रोतों के दबाव के बीच विकास बजट स्थिर, सामान्य खर्च व ऋण भुगतान पर जोर

समाचार सारांश

समीक्षित एवं संपादित।

  • अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने संघीय संसद में आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के लिए २१ खरब २४ अरब ३४ करोड़ रुपये के बजट का प्रस्तुतीकरण किया है।
  • सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के कुल बजट में पूंजीगत खर्च के लिए ४ खरब ३१ अरब १० करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
  • बजट में प्रशासनिक खर्चों में कटौती के लिए ३१ गैरजरूरी सरकारी निकायों के उन्मूलन की घोषणा की गई है।

१५ जेठ, काठमांडू। कुल बजट में पूंजीगत खर्च का हिस्सा घटाते हुए सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का बजट सार्वजनिक किया है।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने संघीय संसद की संयुक्त बैठक में प्रस्तुत किया गया बजट २१ खरब २४ अरब ३४ करोड़ रुपये का है।

सरकार ने चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के संशोधित अनुमान की तुलना में बजट का आकार २५.२ प्रतिशत बढ़ाया है, फिर भी पूंजीगत खर्च में वृद्धि नहीं हुई है।

आगामी वर्ष पूंजीगत खर्च के लिए कुल बजट का २०.३ प्रतिशत, अर्थात ४ खरब ३१ अरब १० करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

चालू वर्ष के बजट में पूंजीगत खर्च का हिस्सा २०.८ प्रतिशत था। सरकार ने बजट में सुधार के कई आकर्षक कार्यक्रम शामिल किए हैं, लेकिन संरचनात्मक समस्याएं अब भी बरकरार हैं।

क्योंकि कुल स्रोतों का ७९.७ प्रतिशत बजट सामान्य खर्च और ऋण भुगतान में खर्च होना आवश्यक है, इसलिए अर्थशास्त्रियों द्वारा अर्थमंत्री के प्रस्तुत बजट से पूरी संतुष्टि होना स्वाभाविक नहीं है।

अर्थशास्त्री प्रो. डॉ. रेशम थापा ने आंतरिक ऋण लेकर बजट विस्तार करने की प्रवृत्ति को दीर्घकालिक रूप में उचित नहीं बताया है।

उनके अनुसार, राज्य का खर्च सामान्यतः उत्पादकशील नहीं होता। निजी क्षेत्र के निवेश को आंतरिक ऋण के माध्यम से सरकार द्वारा हड़पना अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी नहीं होता।

अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आगामी वर्ष के लिए १२ खरब ७० अरब रुपये के चालू खर्च का अनुमान लगाया है, जो चालू वर्ष से ९० अरब रुपये अधिक है। चालू वर्ष कुल बजट का ५९.८ प्रतिशत चालू खर्च पर खर्च किया गया है।

सरकार ने इस वर्ष कर्मचारी वेतन में वृद्धि की है। कुछ सामाजिक भत्ते भी दोगुने किए गए हैं, लेकिन सामाजिक सुरक्षा व्यय में कटौती नहीं की गई।

पूर्व अर्थमंत्री डॉ. प्रकाशरण महत ने राजस्व लक्ष्य एवं विदेशी ऋण प्राप्ति के लक्ष्य को व्यवहारिक न होने का आकलन किया है। वेतन वृद्धिलाई सकारात्मक मानते हुए उन्होंने स्रोत प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण बताया है।

इस वर्ष सरकार ने ६ खरब से अधिक घाटा बजट प्रस्तुत किया है। बजट की आकर्षक योजनाएं और नारे इस चुनौती को छिपाते हैं, लेकिन पूर्व मंत्री के अनुसार कार्यान्वयन में कठिनाइयां दिखेंगी। वे कहते हैं, ‘राजस्व जुटाना भी कठिन है और खर्च क्षमता सीमित है। भले ही हम दो-तिहाई सरकार हों, संभवता यह पूरा करना मुश्किल होगा।’

सरकार ने आगामी वर्ष के २१ खरब २४ अरब के बजट के लिए राजस्व संग्रह १४ खरब ५ अरब रुपये अनुमानित किया है। विदेशी अनुदान ६१ अरब ७४ करोड़ रुपये रखा गया है, जो चालू वर्ष के ५३ अरब ४५ करोड़ रुपये से अधिक है।

अर्थमंत्री ने इन अनुमानों को असंभव बताते हुए आलोचना की है। आगामी वर्ष सरकार ने आंतरिक ऋण के रूप में ४ खरब १० अरब और बाहरी ऋण के रूप में २ खरब ४७ अरब रुपये शामिल करने का लक्ष्य रखा है।

राष्ट्रीय योजना आयोग ने आगामी वर्ष के लिए १८ खरब ९० अरब रुपये की सीमा निर्धारित की थी। अर्थशास्त्री और आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. प्रकाश श्रेष्ठ ने यथार्थवादी और कार्यान्वयन योग्य बजट बनाने की आवश्यकता बताई है।

उन्होंने कहा कि नई सरकार, नए जनादेश और नई कार्ययोजना के साथ बजट का आकार बढ़ाया गया है। यदि यह बजट खर्च हो सके तो असंभव नहीं है।

वे कहते हैं, ‘पिछले दिनों की तरह बजट लाकर विस्तार किया जाएगा लेकिन कार्यान्वयन में कमी के कारण मध्यावधि मूल्यांकन में कटौती की जाएगी, जो समस्या उत्पन्न करेगी।’

सुधार प्रयास से आशावादी बजट

सरकार ने इस बार सुधार को प्राथमिकता दी है। पूर्व अर्थमंत्री रामेश्वर खनाल ने बजट समीक्षा करते हुए कहा, ‘बजट में सुधारात्मक कार्यक्रम प्रमुख विशेषता हैं।’

सरकार ने मध्यम वर्ग को बढ़ावा देने के तहत आयकर के निचले सीमा को हटाकर अधिकांश व्यक्तियों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की है। कर्मचारी वेतन वृद्धि को विशेषज्ञों ने सकारात्मक कदम माना है।

सरकार ने औद्योगिक कच्चे माल के कस्टम दरों को कम से कम एक स्तर नीचे किया है, जिससे २७३ वस्तुओं का कस्टम दर घटेगा। साथ ही ३६० वस्तुओं पर लगा आंतरिक शुल्क समाप्त कर दिया गया है।

कस्टम बिंदु पर लगने वाले विभिन्न करों को एकीकृत कर हरित कर में सम्मिलित किया गया है। पूंजीगत लाभ कर को अंतिम रूप दिया गया है। मूल्य वर्धित कर वापसी प्रणाली स्वचालित बनाने की घोषणा भी हुई है।

कर पालन को दंड के रूप में नहीं बल्कि विकास का साथी बनाने का वादा करते हुए अर्थमंत्री ने कहा कि कानूनी अस्पष्टता और करदाता अज्ञानता से उत्पन्न लंबित कर विवादों का समाधान किया जाएगा।

जरूरत से अधिक सरकारी संगठन संरचना को समाप्त कर चुस्त बनाए जाने की योजना सरकार की है। इसके तहत ३१ निकाय समाप्त किए जाएंगे, ६ मर्जर, ६ हस्तांतरण और १८ निकाय की पुनर्संरचना की जाएगी।

सरकार ने लागत में कमी और दक्षता वृद्धि के लिए संस्थागत सुधार, निवेश प्रोत्साहन, आर्थिक सुधार और सहज सेवा वितरण के लिए नीति और कानूनी व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। कार्यगत सुधार पूंजीगत खर्च में गति और ताल लाने का वचन अर्थमंत्री का है।

उद्यमी अंबिकापुरसाद पौड़ेल ने पूंजीगत खर्च के पूर्ण उपयोग के लिए अर्थमंत्री से पहल करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में बजट सुनकर कई बार प्रसन्नता हुई, लेकिन अब और अधिक उत्साहित हैं। उन्होंने लिखा, ‘मेरा केवल एक ही इच्छा है कि पूंजीगत खर्च पूरी तरह से हो, कर कानून में कोई द्विविधा न हो और पिछले कर बकाया को ७० प्रतिशत से घटाकर ७ प्रतिशत रखा जाए।’

पूर्व अर्थ राज्यमंत्री उदयशमशेर राणा ने ६ खरब ५७ अरब ऋण वृद्धि के साथ प्रस्तुत बजट में केवल ४ खरब ३१ अरब पूंजीगत खर्च आवंटित किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक ऋण २२.४१ प्रतिशत बढ़ा है, लेकिन बजट उत्पादन, रोजगार और व्यापार घाटा घटाने में कमजोर है।

२२ प्रतिशत बड़ा बजट आकार विशेषज्ञों को महत्वाकांक्षी दिखा, लेकिन कार्यान्वयन क्षमता के आधार पर कई सवाल उठने की संभावना है, यही उनका मत है।

बजट प्रस्तुत करने के बाद प्रधानमंत्री ने लिखा – ‘निश्चिंत रहें!’

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ‘निश्चिंत रहें।’ लिखकर एक छोटा पोस्ट किया है। विपक्षी दल संसद में संबोधन न करने और जवाबदेही नहीं होने के आरोप लगाते हुए लगातार प्रधानमंत्री शाह से सवाल पूछ रहे हैं। प्रधानमंत्री शाह ने बजट पेश किए जाने वाले संघीय संसद की संयुक्त बैठक और गणतंत्र दिवस समारोह में भी संबोधन नहीं दिया। १५ जेठ, काठमांडू। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद से सार्वजनिक कार्यक्रमों में संबोधन नहीं दिया है। उन्होंने अब तक संसद की बैठक में भी कोई संबोधन नहीं किया है। प्रायः वे अपने विचार सोशल मीडिया के माध्यम से ही व्यक्त करते हैं। संसद में संबोधन न करने, प्रश्नों से बचने या जवाबदेह न होने के कारण विपक्षी दल लगातार उनसे सवाल कर रहे हैं। इसी बीच, उन्होंने शुक्रवार शाम एक पोस्ट साझा किया, जिसमें लिखा था, ‘निश्चिंत रहें।’ लगभग दो तिहाई बहुमत वाली सरकार का नेतृत्व करने वाले शाह दिनभर सिंहदरबार में मौजूद थे। उसी दिन संघीय संसद की संयुक्त बैठक में बजट भी पेश किया गया था। बजट पेश करते हुए संसद की बैठक में उपस्थित शाह ने शाम को ‘निश्चिंत रहें’ लिखा। उनकी इस पोस्ट पर कुछ ही मिनटों में हजारों लाइक और कमेंट आए। शाह ने आज सुबह गणतंत्र दिवस समारोह में भी संबोधन नहीं दिया था।

तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा ओपन लिड क्लाइम्बिङमा रोनक र स्वस्तिका विजेता बने

समाचार सारांश: रोनक उप्रेती र स्वस्तिका चौधरीले तेस्रो तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा ओपन लिड क्लाइम्बिङ प्रतिस्पर्धामा विजेता बन्न सफल भए। यस वर्ष पहिलो पटक टप-रोप विधिको सट्टा प्राविधिक रूपमा चुनौतीपूर्ण लिड क्लाइम्बिङ विधामा प्रतियोगिता आयोजना गरिएको थियो। सगरमाथाको पहिलो सफल आरोहणको सम्झनामा आयोजना गरिएको यस प्रतियोगिताले नेपालमा साहसिक आरोहण खेलको विकास र प्रवर्द्धन गर्ने लक्ष्य राखेको छ। घटना स्थान: काठमाडौं, १५ जेठ।
तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा ओपन लिड क्लाइम्बिङको तेस्रो संस्करणमा रोनक उप्रेती र स्वस्तिका चौधरीले पुरुष तथा महिला वर्गमा शीर्ष स्थान हासिल गरे। शुक्रबार काठमाडौंस्थित एस्ट्रेकमा सम्पन्न प्रतियोगितामा रोनक पुरुषतर्फ र स्वस्तिका महिलातर्फ च्याम्पियन घोषित भए। नेपाल राष्ट्रिय पर्वतारोहण पथप्रदर्शक संघ (एनएनएमजिए) र यूएस नेपाल क्लाइम्बर्स एसोसिएसनको संयुक्त आयोजना गरिएको यस प्रतियोगितामा दुवै लिङ्गका प्रतिस्पर्धी सहभागी थिए।
पुरुषतर्फ रोनक उप्रेती प्रथम स्थानमा रहे भने मिर्को लेरोस दोस्रो र तेन्जिङ बर्तिन राई तेस्रो स्थानमा रहेका छन्। महिलातर्फ स्वस्तिका चौधरीले च्याम्पियन भएको छ, दोस्रो स्थान याङ्किला शेर्पा र तेस्रो स्थान पञ्चमाया तामाङले प्राप्त गरेका छन्। दुवै वर्गका विजेताहरूले रु ५० हजार, दोस्रो स्थानधारीले रु ३० हजार, र तेस्रो स्थानधारीले रु २० हजार नगद पुरस्कार पाएका छन्। प्रतियोगिताको फाइनल चरणमा १२ खेलाडी पुगेका थिए, जसमा प्रत्येक लिङ्गका ६ खेलाडी थिए। पुरुष वर्गमा एक विदेशी पर्वतारोहणकर्ता पनि फाइनलमा थिए।
फाइनल कार्यक्रममा प्रतिनिधिसभा सदस्य मिङ्मा ग्याबु शेर्पा प्रमुख अतिथिका रूपमा उपस्थित थिए भने विशेष अतिथिका रूपमा तेन्जिङ नोर्गे शेर्पाका छोराले, जाम्लिङ तेन्जिङ नोर्गेले सहभागिता जनाए। कार्यक्रममा पर्यटन विभागका महानिर्देशक रामकृष्ण लामिछाने, नेपाल पर्वतारोहण संघ (एनएमए) अध्यक्ष फुर गेल्जे शेर्पा, यूएस नेपाल क्लाइम्बर्स एसोसिएसन च्याप्टर संयोजक लक्षुमन तामाङ तथा नेपाल क्लाइम्बिङ स्पोर्ट्स एसोसिएसनका महासचिव सन्तोष मादेन लगायतको समेत उपस्थिति थियो। नेपाल राष्ट्रिय पर्वतारोहण पथप्रदर्शक संघका अध्यक्ष तुलसिंह गुरुङले पहिलो पटक लिड क्लाइम्बिङ विधामा प्रतियोगिता आयोजना गर्दा यस वर्षको प्रतियोगिता विशेष भइसकेको बताए। यसअघि दुई संस्करण टप-रोप क्लाइम्बिङ विधामा आयोजना हुँदै आएका थिए।
प्रतियोगिताको उद्देश्य नेपालमा साहसिक आरोहण खेल प्रवर्द्धन गर्नुका साथै विश्वप्रसिद्ध आरोही तेन्जिङ नोर्गे शेर्पा र सर एड्मण्ड हिलारीको योगदानलाई सम्मान गर्नु रहेको आयोजकले जनाएका छन्। तेन्जिङ नोर्गे शेर्पाको सम्झनामा यो प्रतियोगिता सन् १९५३ मे २९ तारिखमा सगरमाथाको पहिलो सफल आरोहणको सम्झनामा सुरु गरिएको हो। अध्यक्ष गुरुङका अनुसार मे २९ को ऐतिहासिक दिनलाई लक्षित गरी यस वर्ष प्रतिस्पर्धा विशेष रूपमा आयोजना गरिएको हो। ‘यसअघि मे २९ लाई प्रायः र्‍याली, प्रमाणपत्र वितरण तथा औपचारिक कार्यक्रममार्फत मात्र मनाइन्थ्यो,’ उनले भने, ‘तर यस वर्ष पहिलो पटक प्राविधिक रुपमा लिड क्लाइम्बिङ प्रतियोगिता आयोजना गरिएको छ जसले नेपालको क्लाइम्बिङ क्षेत्रमा सकारात्मक योगदान पुऱ्याउनेछ।’ उनले इतिहाससँग सम्बन्धित यो महत्वपूर्ण दिनमा भएको प्रतियोगिताले तेन्जिङ नोर्गेको साहस र पर्वतारोहण क्षेत्रमा उहाँको योगदानप्रति उच्च सम्मान देखाएको बताए। आयोजकहरूको भनाइ अनुसार यस प्रतिस्पर्धाले नेपालमा विकासशील साहसिक आरोहण खेल संस्कृतिलाई अझ प्रोत्साहित गर्दै युवा पुस्तालाई साहसिक खेल र पर्वतारोहणतर्फ प्रेरित गर्ने अपेक्षा गरिएको छ।

ह्विस्की, रम र ब्रान्डीमा भन्सार र अन्त:शुल्क स्थिर

ह्विस्की, रम और ब्रांडी के भंसार और अंत शुल्क दर स्थिर रखी गईं

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शराब युक्त पेय पदार्थों के भंसार और अंत शुल्क दरों में बड़े बदलाव किए बगैर अधिकांश दरें यथावत् रखी हैं। आर्थिक विधेयक २०८३ के अनुसार बीयर का अंत शुल्क प्रति लीटर २५५ रुपये और वाइन का ४९० रुपये निर्धारित किया गया है। ब्रांडी, व्हिस्की और रम के अंत शुल्क को स्थिर रखा गया है, जबकि विदेशी आयातित शराब पर ८० प्रतिशत भंसार शुल्क लागू किया गया है। १५ ज्येष्ठ, काठमांडू।

सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शराब युक्त पेय पदार्थों पर निर्धारित भंसार और अंत शुल्क दरों में विशेष परिवर्तन नहीं किया है। आगामी वर्ष के लिए सरकार ने आर्थिक विधेयक २०८३ के माध्यम से बीयर के अंत शुल्क में मामूली वृद्धि की है, जबकि अन्य की दरें अपरिवर्तित रखी गई हैं। आर्थिक विधेयक २०८३ के तहत ५ प्रतिशत तक माल्ट से निर्मित बीयर पर प्रति लीटर २५५ रुपये का अंत शुल्क कायम रखा गया है।

इसी प्रकार, ५ प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली बीयर पर भी वही शुल्क लागू है। वर्तमान में इस प्रकार की बीयर का अंत शुल्क २४० रुपये है। सरकार ने १२ प्रतिशत तक अल्कोहल वाली स्पार्कलिंग वाइन पर प्रति लीटर ४९० रुपये और १२ से १७ प्रतिशत अल्कोहल वाली वाइन पर भी वही दर निर्धारित की है। वाइन पर सरकार ने अंत शुल्क में ३० रुपये की वृद्धि की है, वर्तमान वित्तीय वर्ष में यह शुल्क ४६० रुपये है।

ऊर्जा बजट में प्राथमिकताएं: प्रसारण लाइन और प्राधिकरण विभाजन पर चर्चा

समाचार सारांश सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष के बजट में ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए नेपाल विद्युत् प्राधिकरण को तीन कंपनियों में विभाजित करने की घोषणा की है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों के संगठन नेपाल ने बजट को सकारात्मक माना है, लेकिन नए विद्युत् खरीद समझौते को खोलने के मुद्दे पर स्पष्टता न होने की बात कही है। प्राधिकरण के पूर्व उपकार्यकारी निदेशक प्रवल अधिकारी ने प्रसारण लाइन के बजट को सकारात्मक माना, लेकिन प्राधिकरण के विभाजन और अनुमति पत्र रद्द करने के निर्णय पर संशय व्यक्त किया है।

१५ जेठ, काठमांडू। सरकार ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के बजट में ऊर्जा और सिंचाई क्षेत्र में बड़े निवेश और संरचनात्मक सुधार करने की घोषणा की है। ऊर्जा उत्पादन, प्रसारण और वितरण के लिए ८५ अरब ५४ करोड रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसके तहत हेटौंडा–ढल्केवर–इनरुवा ४०० केवी प्रसारण लाइन का कार्यान्वयन किया जाएगा और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रसारण लाइन विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। राहुघाट, तनहुँ, माथिल्लो त्रिशूली–३ बी समेत कई जलविद्युत परियोजनाओं को तीव्रता देने तथा बुढीगण्डकी और दूधकोशी जलाशययुक्त योजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना है।

नेपाल विद्युत् प्राधिकरण को उत्पादन, प्रसरण और वितरण/व्यापार के लिए तीन कंपनियों में विभाजित करने की घोषणा भी की गई है। निजी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय विद्युत् व्यापार एवं प्रसारण लाइन निर्माण में भागीदारी के लिए नीति बनाई गई है। बजट में ग्रीन हाइड्रोजन, बैटरी स्टोरेज, इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा आधारित उद्योग को भी प्राथमिकता दी गई है। आगामी वर्ष ६७० मेगावाट जलविद्युत् और ३७० मेगावाट सौर ऊर्जा जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सिंचाई क्षेत्र में १५,८०० हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर सिंचाई सुविधा का विस्तार करने का लक्ष्य रखा गया है। सिक्टा, बबई, सुनकोशी–मरिण, महाकाली और रानी–जमरा–कुलरिया जैसी जलस्रोत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अरबों रुपये का बजट आवंटित किया गया है। नदी नियंत्रण, भूमिगत तथा लिफ्ट सिंचाई विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

निजी ऊर्जा उत्पादकों ने इस बजट को सरकार की नीति में सुधार, रूपांतरणकारी और ऐतिहासिक बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संगठन नेपाल (इप्पान) के उपाध्यक्ष उत्तम भ्लोन लामाले ऊर्जा क्षेत्र के बजट को सकारात्मक बताया। उन्होंने ऊर्जा और जलविद्युत क्षेत्र के वन संबंधी विषयों के शामिल होने को रूपांतरणकारी करार दिया। लामाले इस बजट को ‘कोर्स करेक्शन और परिवर्तनकारी’ बताया।

सरकार द्वारा नए विद्युत खरीद समझौतों (पीपीए) को खोलने विषय पर स्पष्टता न देने से अस्पष्टता पैदा हुई है, उनका कहना है। ‘‘सरकार ने नया पीपीए खोलने का उल्लेख किया है जो ३०,००० मेगावाट का है, लेकिन इसका समय स्पष्ट नहीं है,’’ उन्होंने कहा। निजी क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बिजली व्यापार में शामिल करने के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से और जानकारी की आवश्यकता बताई।

नेपाल विद्युत् प्राधिकरण के पूर्व उपकार्यकारी निदेशक प्रवल अधिकारी ने आगामी आर्थिक वर्ष २०८३/८४ के ऊर्जा और विद्युत क्षेत्र के बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रसारण लाइन के बजट को ‘‘अत्यंत सकारात्मक’’ बताया, लेकिन प्राधिकरण के विभाजन और अनुमति पत्र रद्द करने के निर्णय पर ‘‘चिंता और संशय’’ व्यक्त किया। अधिकारी ने कुछ पहलुओं को उत्साहजनक सराहा, परन्तु कार्यान्वयन में चुनौतियां और कुछ नीतियाँ विवादास्पद हो सकने का संकेत दिया।

अधिकारी ने इस बजट का सबसे मजबूत पक्ष प्रसारण लाइनों में निवेश को बताया। कुल ८५ अरब के ऊर्जा बजट में से ७० अरब निर्माणाधीन प्रसारण लाइनों और सब-स्टेशन के लिए आवंटित किए गए हैं, जिसे उन्होंने ‘‘अत्यंत प्रशंसनीय’’ कदम कहा। ‘‘नेपाल की ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती प्रसारण लाइन है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने २०३५ तक के लिए तय ऊर्जा रोडमैप के अनुसार वार्षिक ८५ अरब रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें ७० अरब का आवंटन लक्ष्य के करीब पहुंचना है। यह निजी क्षेत्र और उत्पादन हो रही बिजली के प्रवाह में बड़ी सहायता करेगा।’’

बजट में विद्युत खरीद समझौता की परियोजना अनुमति पत्र के रद्द करने और नई प्रक्रिया शुरू करने के प्रावधान पर अधिकारी ने सवाल उठाए। प्राधिकरण के अनुसार, लगभग १३४ परियोजनाएं हैं जिनकी क्षमता करीब २,९०० मेगावाट है। ‘‘क्यों निर्माण शुरू नहीं हो सका या वित्तीय प्रबंधन में असमर्थता क्यों हुई, इसका विश्लेषण किए बिना अनुमति पत्र रद्द करने से समय और संसाधन बर्बाद हो सकते हैं। नई अनुमति लेना और पीपीए प्रक्रिया सरकार के १० वर्ष में ३०,००० मेगावाट लक्ष्य को पूरा करने में बाधा बन सकती है। राज्य को सहायता देकर निर्माण में लाना बुद्धिमानी होगी,’’ उन्होंने सुझाव दिया।

सरकार द्वारा विद्युत प्राधिकरण के उत्पादन, प्रसारण और वितरण में विभाजन की घोषणा पर अधिकारी ने कहा, ‘‘पहले भी इस विषय पर बात हुई, लेकिन ९७ प्रतिशत विद्युतीकरण के साथ एक लाभार्थी संस्था को कर्मचारी सुविधाओं आदि का अध्ययन किए बिना विभाजित करना व्यवहारिक चुनौतियां लाएगा।’’

बजट ने पहली बार जलाशययुक्त परियोजनाओं में निजी क्षेत्र को १०० प्रतिशत निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए ४० प्रतिशत शेयर सर्वसाधारण को देने का प्रावधान रखा है। अधिकारी ने इसे सकारात्मक शुरुआत कहा। हालांकि, बिजली किसे और किस मूल्य पर मिलेगी इसकी गारंटी न होने पर निजी क्षेत्र के लिए बड़े जलाशययुक्त परियोजनाओं में निवेश आकर्षक नहीं होगा, उन्होंने बताया।

बजट में सूखे मौसम के लिए प्रतिस्पर्धात्मक पीपीए करने का प्रावधान है, लेकिन बरसात के मौसम की बिजली के संबंध में चुप्पी रहने पर अधिकारी ने चिंता जताई। ७० अरब रुपये के प्रसारण लाइन आवंटन ने ऊर्जा क्षेत्र में आशा जागाई है, लेकिन अनुमति पत्र रद्द करने की नीति और प्राधिकरण के विभाजन से अन्योल पैदा हुआ है, अधिकारी ने कहा। बुढीगण्डकी जैसे बड़े आयोजन में प्रशासनिक संरचना के साथ-साथ निवेश के स्पष्ट तरीके भी आवश्यक हैं।

निजी अस्पतालों के मरीजों से ३ प्रतिशत स्वास्थ्य समता शुल्क के रूप में कर वसूला जाएगा

सरकार ने आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ के बजट के माध्यम से निजी अस्पतालों के मरीजों से तीन प्रतिशत ‘स्वास्थ्य समता शुल्क’ नामक कर वसूली करने की घोषणा की है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णीम वाग्ले ने संसद में बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि निजी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा लिए जाने वाले सभी सेवा शुल्कों पर यह कर लागू होगा।

१५ जेठ, काठमाडौँ। सरकार ने निजी अस्पतालों में उपचार करवा रहे मरीजों से तीन प्रतिशत कर वसूलने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत आर्थिक वर्ष २०८३/०८४ के बजट में स्वास्थ्य समता शुल्क के तहत तीन प्रतिशत कर लगाए जाने की घोषणा की गई है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णीम वाग्ले ने बजट वक्तव्य में कहा, ‘निजी क्षेत्र में संचालित स्वास्थ्य संस्थान जो भी सेवा शुल्क मरीजों से वसूल करते हैं, उन सभी पर तीन प्रतिशत की दर से स्वास्थ्य समता शुल्क लागू किया जाएगा।’

सद्भाव और तारा ने जीती 12वीं नेपाल अंतर्राष्ट्रीय अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप की उपाधि

नेपाल के सद्भाव आचार्य ने भारत के भीभान उभायकार को हराते हुए 12वीं नेपाल अंतर्राष्ट्रीय अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप की उपाधि बचा ली। महिला वर्ग में नेपाल की तारा कार्की चित्रकार ने कुल स्कोर 241 के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। इस प्रतियोगिता में नेपाल ने सर्वाधिक 3 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 5 पदक जीते हैं। 15 जेठ, काठमांडू।

पूर्व विजेता नेपाल के सद्भाव आचार्य ने 12वीं नेपाल अंतर्राष्ट्रीय अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप की खिताब जीतने में सफलता हासिल की। उन्होंने आज इवन-पार 72 के स्कोर के साथ कुल 9-अंडर 207 के नतीजे में भारत के भीभान उभायकार को 4 स्ट्रोक से हराते हुए उपाधि रक्षा की। सद्भाव ने टीम तथा व्यक्तिगत दोनों ही श्रेणियों में दो स्वर्ण पदक जीते। पिछली संस्करण में भी उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते थे।

आज 2-अंडर 70 का स्कोर बनाकर कुल 5-अंडर 211 के साथ भारत के भीभान द्वितीय स्थान पर रहे। नेपाल के राहुल विश्वकर्मा 3-अंडर 213 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में नेपाल की तारा कार्की चित्रकार ने कुल 25-ओवर 241 स्कोर के साथ समझना खत्री को 14 स्ट्रोक से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

प्रतियोगिता में नेपाल, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और भूटान सहित 5 दक्षिण एशियाई देशों के 52 खिलाड़ी भाग लेने पहुंचे थे। प्रतियोगिता के आयोजन में विभिन्न संघ तथा संस्थानों का सहयोग रहा।