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लेखक: space4knews

पीएम कप में एपीएफ पर पुलिस की एकतरफा जीत

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा सहित।

  • नेपाल पुलिस क्लब ने प्रधानमंत्री कप पुरुष राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में एपीएफ क्लब को 185 रनों से भारी जीत दिलाई।
  • पुलिस द्वारा निर्धारित 356 रनों के लक्ष्य का पीछा करता एपीएफ 44 ओवरों में सभी विकेट गंवाकर 170 रन पर ऑल आउट हो गया।
  • पुलिस ने पीएम कप के इतिहास में सर्वाधिक 355 रन बनाए, जो आठ वर्षों बाद एपीएफ द्वारा स्थापित रिकॉर्ड को तोड़ने वाला है।

10 चैत, काठमांडू । नेपाल पुलिस क्लब ने प्रधानमंत्री कप पुरुष राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी पहली जीत हासिल करते हुए एपीएफ क्लब को एकतरफा हराया है।

मंगलवार को माथिल्लो मुलपानी मैदान पर खेले गए मैच में नेपाल पुलिस ने एपीएफ को 185 रनों से पराजित किया। पुलिस द्वारा घोषित 356 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एपीएफ 44 ओवरों में 170 रन पर सभी विकेट गंवा बैठा।

नंदन यादव ने नाबाद 44 रन बनाए जबकि कमलसिंह ऐरी ने 35 रन जोड़े। संदीप जोरा ने 24 और आसिफ शेख ने 18 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान रोहित पौडेल 11 रन पर पवेलियन लौटे।

पुलिस के लिए ललित राजवंशी ने 10 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए। करण केसी, राशिद खान और दिनेश खरेल ने बराबर दो-दो विकेट चटकाए जबकि सागर ढकाल को एक विकेट मिला।

पहले बल्लेबाजी करते हुए पुलिस ने 50 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 355 रनों का विशाल स्कोर बनाया, जो पीएम कप के इतिहास में सबसे बड़ा योगफल है।

यह रिकॉर्ड पहले एपीएफ के नाम था जिन्होंने पीएम कप 2018 में मधेश प्रदेश के खिलाफ 339 रन बनाए थे। आठ वर्षों बाद पुलिस ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

एपीएफ के खिलाफ पुलिस के चार बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़ा। ओपनर दिनेश खरेल, शंकर राना, कप्तान आरिफ शेख और दिलसाद अली ने अर्धशतक पूरा किया।

शंकर ने सर्वाधिक 61 रन बनाए, जबकि दिनेश खरेल ने 60 और कप्तान आरिफ ने 50 रन जोड़े। दिलसाद अली नाबाद 51 रन के साथ मैदान पर रहे। राशिद खान ने 44 रन बनाए।

एपीएफ के कमलसिंह ऐरी और अमरसिंह राउटेल ने दो-दो विकेट लिए, वहीं नंदन यादव, रोहित पौडेल और युवराज खत्री ने एक-एक विकेट हासिल किया।

पुलिस इससे पहले अपने पहले मैच में आर्मी से हार गया था जबकि एपीएफ ने बागमती प्रदेश को हराया था।

झिमरुक–लुङ किनारका बस्ती अब सडक सञ्जालमा जोडिँदै – Online Khabar

झिमरुक–लुङ तटवर्ती बस्तियाँ अब सड़क नेटवर्क से जुड़ रही हैं

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद।

  • झिमरुक और लुङ किनारे किटघाट, दोभै और मच्छी–पिडाल्ने में तीन पक्के पुल निर्माण के अंतिम चरण में हैं।
  • २०८१ असार ७ को शुरूआत में शुरू हुआ किटघाट पुल निर्धारित समय से पहले पूरा हो चुका है।
  • ये पुल तुषारा बेँसी क्षेत्र के निवासियों को सड़क नेटवर्क से जोड़ेंगे जिससे दैनिक जीवन और आपातकालीन सेवाओं में सुविधा होगी।

10 चैत, प्युठान। झिमरुक और लुङ तटवर्ती बस्तियाँ अब विकास की मुख्य धारा में शामिल होने जा रही हैं।

किटघाट (कुटीचौर), दोभै और मच्छी–पिडाल्ने में निर्माणाधीन तीन पक्के पुल अंतिम चरण में पहुँच गए हैं, जिससे दो दशकों से लंबित प्रतीक्षा समाप्त होने वाली है।

बागदुला–मच्छी और बागदुला–बाहाने सड़कों के विपरीत किनारे पर स्थित ये बस्तियाँ नदी के जरिये सबसे बड़ा अवरोध थीं। कच्ची सड़क होने के बावजूद पुल की कमी के कारण वाहन संचालन में बाधा थी। अब पुल निर्माण के साथ ये बस्तियाँ सीधे सड़क नेटवर्क से जुड़ रही हैं, जो दैनिक जीवन और आपातकालीन स्थितियों में बहुत सुविधा प्रदान करेगी।

२०८१ असार ७ को 4 करोड़ 78 लाख रुपयों में शुरू किए गए किटघाट पुल को निर्धारित समय से पहले पूरा कर लिया गया है।

निर्माण कंपनी आशु निर्माण सेवा इस साल असार के भीतर मच्छी–पिडाल्ने पुल भी पूरा करने का लक्ष्य रखती है, जिसकी लागत 7 करोड़ 26 लाख रुपये है।

यह पुल विशेष रूप से तुषारा बेँसी क्षेत्र के निवासियों को बड़ी राहत देगा। पहले नदी पार करते हुए वाहनों का इंतजार करना पड़ता था, अब यह दूरी सिर्फ भौगोलिक नहीं बल्कि विकास की दूरी भी कम हो रही है।

लुम्बिनी प्रदेश सरकार ने आर्थिक वर्ष २०७९/८० में लगभग 31 करोड़ रुपये आवंटित कर कई वर्षों से रुकी योजना को कार्यान्वित किया है।

प्रदेश सांसद निमा गिरी की पहल पर यह योजना आगे बढ़ी, जिसके अंतर्गत किटघाट, पिडाल्ने और दोभै पुल निर्मित हो रहे हैं।

वर्तमान में किटघाट पुल पूरी तरह से संचालित है। पिडाल्ने पुल लगभग 85% और दोभै पुल लगभग आधा निर्माण पूरा हो चुका है। दोभै पुल पूरा होते ही दोभै से पिपलटारी तक के निवासी सीधे लाभान्वित होंगे और बाहाने–मच्छी सड़क सीधे जुड़ जाएगी।

पुल निर्माण ने दूरी ही नहीं कम की, समय और जोखिम भी घटाया है। बाहाने से मच्छी और तुषारा तक जाने के लिए पहले बागदुला होकर लगभग 11 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, जो अब इतिहास बन रही है। वर्षा के मौसम में नदी के बढ़ जाने से होने वाले जोखिम भरे आवागमन को खत्म किया जाने की उम्मीद है।

पूर्व राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. गोविंदराज पोखरेल के अनुसार, संसाधन अभाव के कारण परियोजना में देरी हुई लेकिन योजना पहले से तैयार थी।

“बजट सुनिश्चित होने के बाद योजना में तेजी आई,” उन्होंने कहा।

इसके साथ ही बागदुला–मच्छी सड़क के लिए 35 करोड़ और बागदुला–अधेरी सड़क के लिए 12 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और कार्य तीव्र गति से चल रहा है। प्रदेश सरकार के मंत्री सरोज थापाले निगरानी करते हुए निर्धारित समय में कार्य पूरा करने निर्देश दिए हैं।

ये तीन पुल स्थानीय लोगों के लिए नए अवसरों का द्वार हैं। ये कृषि उत्पाद बाजार, अस्पताल, विद्यालय और आपातकालीन सेवाओं तक आसान पहुँच का आधार बनेंगे।

झिमरुक–लुङ तटवर्ती बस्तियों के लिए ये पुल एक बड़ी राहत लेकर आएंगे, ऐसी आम जनता की उम्मीद है।

बैतडी में 87 नए क्षयरोगी मिले, परीक्षण की कमी से चुनौती बढ़ी


10 चैत, बैतडी। बैतडी जिले में पिछले एक वर्ष के दौरान 87 नए क्षयरोग संक्रमित पाए गए हैं। नई संक्रमितों में 66 पुरुष और 21 महिलाएं हैं, इसकी जानकारी स्वास्थ्य कार्यालय बैतडी के सूचना अधिकारी खगेन्द्रसिंह कार्की ने दी।

स्वास्थ्य कार्यालय ने चालू वित्तीय वर्ष में 538 लोगों का क्षयरोग परीक्षण करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब तक सिर्फ 203 लोगों का परीक्षण हो पाया है, जिनमें से 87 लोगों में क्षयरोग की पुष्टि हुई है।

“लक्षित संख्या के अनुसार परीक्षण न हो पाना बड़ी चुनौती है,” स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख तीर्थराज भट्ट ने बताया। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न स्थानों में स्वास्थ्य शिविर चलाकर क्षयरोग पहचान अभियानों को तेज किया जा रहा है। साथ ही सुर्नया गाउँपालिका और पुर्चौड़ी नगरपालिका में भी ‘क्षयरोगमुक्त पालिका अभियान’ चलाया जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, नेपाल में प्रतिवर्ष लगभग 67 हजार नए क्षयरोगी सामने आते हैं।

संखुवासभा में एक पुरुष मृत पाया गया

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • संखुवासभा में 60 वर्षीय देबी भक्त दमाई मृत पाए गए हैं।
  • वे चैनपुर नगरपालिका–1, नुनढाकी तातोपानी के निवासी थे।
  • प्रहरी के केन्द्रीय समाचार कक्ष ने मंगलवार को तातोपानी गेट के पास मृत पाए जाने की जानकारी दी है।
  • मामले में आगे जांच जारी है।

10 चैत्र, काठमांडू। संखुवासभा में एक पुरुष मृत पाया गया है।

चैनपुर नगरपालिका–1 नुनढाकी तातोपानी निवासी 60 वर्षीय देबी भक्त दमाई को मृत अवस्था में पुलिस के केन्द्रीय समाचार कक्ष ने सूचित किया है।

मंगलवार को ही तातोपानी गेट के निकट मृत पाया गया, पुलिस ने यह जानकारी दी है।

मामले की जांच अभी जारी है।

कार्रवाई न करने का कारण २४ घंटे के भीतर प्रस्तुत करें – राष्ट्रीय खेलकूद परिषद

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार।

  • राष्ट्रीय खेलकूद परिषद ने अखिल नेपाल फुटबॉल संघ को २४ घंटे के भीतर कार्रवाई न करने का कारण लिखित में प्रस्तुत करने का पत्र भेजा है।
  • राखेप ने एन्फा से चुनाव स्थगित न करने के निर्णय पर जवाब मांगा और २४ घंटे के भीतर सफाई प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
  • राखेप सदस्य सचिव ने एन्फा अध्यक्ष और महासचिव से अर्ली इलेक्सन विषय पर चर्चा कर कार्यकारी समिति ने अंतिम बार स्पष्टीकरण मांगा है।

१० चैत्र, काठमांडू। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) ने अखिल नेपाल फुटबॉल संघ (एन्फा) को २४ घंटे के भीतर कार्रवाई न करने के कारण सहित लिखित जवाब प्रस्तुत करने का पत्र भेजा है।

राखेप के खेलकूद विकास विभाग प्रमुख सरोज कुमार पोखरेल ने बार-बार हुई चर्चाओं और निर्देशों के पालन न होने के कारण २४ घंटे के भीतर सफाई प्रस्तुत करने के लिए पत्र भेजा है।

‘नियामक निकाय के साथ बार-बार हुई चर्चाओं और निर्देशों का पालन न किया गया है, इसलिए परिषद की कार्यकारी समिति की मिति २०८२/१२/०९ की बैठक में ऐन के दफा २८(ड) और दफा २९(१) के अनुसार दिए गए निर्देशों के अनुपालन के बिना प्रचलित कानून के विपरीत कार्य करने के कारण ऐन के दफा २९(२) के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए? इसी के मद्देनजर ऐन के दफा (७) के अनुसार पत्र प्राप्ति की तारीख से २४ घंटे के भीतर सफाई प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है, अतः उचित कारण के साथ लिखित जवाब प्रस्तुत करने का अनुरोध किया जाता है’ पत्र में उल्लेख है।

पहले राखेप ने चैत्र ५ को एन्फा को चुनाव स्थगित किए जाने की लिखित जानकारी तीन दिनों के अंदर देने को कहा था। लेकिन एन्फा ने चैत्र ८ को जवाबी पत्र भेजते हुए चुनाव स्थगित न करने और निर्धारित तिथि चैत्र १३ को चुनाव कराए जाने की सूचना दी।

राखेप सदस्य सचिव राम चरित्र मेहताले सोमवार को एन्फा अध्यक्ष पंकज विक्रम नेम्बांग, महासचिव किरण राई सहित विभिन्न पक्षों को राखेप में बुलाकर अर्ली इलेक्सन विषय पर चर्चा की थी।

उस चर्चा के बाद हुई राखेप कार्यकारी समिति की बैठक ने अंतिम बार एन्फा को २४ घंटे में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया है।

हुम्लामा गोठभित्र पसेर चितुवाले मार्‍यो ४५ भेडा – Online Khabar

हुम्ला में चितुवे ने गोठ में घुसकर ४५ भेड़ें मार डालीं


१० चैत, हुम्ला । हुम्ला के चंखेली गाउँपालिका–५ क्षेत्र के अंतर्गत स्थित एक गोठ में चितुवे ने घुसकर ४५ भेड़ मार डालीं। यह घटना पोरीगाउँ नामक स्थान पर हुई है।

आइतवार रात को चितुवा गोठ में प्रवेश कर ४५ भेड़ों को मारने की जानकारी चंखेली गाउँपालिका–५ के स्थानीय निवासी जसबहादुर तामाङ ने दी।

स्थानीय रतन तामाङ के गोठ में वन से चराकर लाए गए ४५ भेड़ें चितुवे ने हमला करके मार डाला, तामाङ ने बताया।

सेयर बाजार ८ महीने के उच्चतम स्तर पर, १० प्रतिशत से अधिक बढ़े ६ कंपनियाँ

समाचार सारांश

समीक्षा के बाद तैयार किया गया।

  • मंगलवार को नेप्से परिसूचक २९६० अंक पर पहुंचा, जो पिछले साल सावन १३ के बाद का उच्चतम स्तर है।
  • नेप्से में १३६ कंपनियों के शेयर मूल्य बढ़े जबकि ११७ कंपनियों के मूल्य घटे और ११ कंपनियों के मूल्य स्थिर रहे।
  • व्यापार समूह ने ९.१२ प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, जबकि विशाल बाजार का मूल्य ९.९१ प्रतिशत बढ़ा।

१० चैत्र, काठमांडू। मंगलवार को सेयर बाजार का परिसूचक नेप्से लगभग ८ महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को २३.८३ अंकों की बढ़ोतरी के साथ नेप्से २९६० अंक पर पहुंचा, जो पिछले साल सावन १३ के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। कारोबार राशि में थोड़ी गिरावट आई है। पिछले दिन १५ अरब ७८ करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, जबकि आज यह १४ अरब ८३ करोड़ रुपये रहा।

१३६ कंपनियों के शेयर मूल्य में वृद्धि हुई जबकि ११७ कंपनियों के शेयर मूल्य घटे और ११ कंपनियों के मूल्य स्थिर रहे। व्यापार समूह ने ९.१२ प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दिखाई। इस समूह में कुल दो कंपनियां सूचीबद्ध हैं, जिनमें से बाजार की सबसे मजबूत कंपनी विशाल बाजार की कीमत ९.९१ प्रतिशत बढ़ी, जिसके कारण व्यापार समूह की सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज हुई।

इसी तरह बैंकिंग समूह ०.६७ प्रतिशत, विकास बैंक १.३८ प्रतिशत, फाइनेंस ०.५१ प्रतिशत, हाइड्रोपावर १.३२ प्रतिशत, निवेश समूह ०.११ प्रतिशत, उत्पादन एवं प्रसंस्करण समूह ०.८६ प्रतिशत बढ़े हैं। वहीं होटल एवं पर्यटन समूह ०.१७, जीवन बीमा ०.३७, माइक्रोफाइनेंस ०.४६, निर्जीवन बीमा ०.३८ और व्यापार समूह ०.१६ प्रतिशत घटे हैं।

६ कंपनियों के शेयर मूल्य में १० प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। १० प्रतिशत बढ़ी कंपनियों में रिलायंस स्पिनिंग मिल्स, सालपा विकास बैंक, सोलु हाइड्रोपावर, हिमालयन पावर पार्टनर, भुजुंग हाइड्रोपावर और होटल फॉरेस्ट इन शामिल हैं।

फर्स्ट माइक्रोफाइनेंस का मूल्य सबसे ज्यादा ६.५६ प्रतिशत गिरा। मनकामना इंजीनियरिंग हाइड्रोपावर का मूल्य ५.११ प्रतिशत और मेरो माइक्रोफाइनेंस का मूल्य ४.५३ प्रतिशत घटा। आज सबसे अधिक कारोबार करने वाली कंपनियों में राधि विद्युत, एपी पावर, एचआईडीसीएल प्रमोटर, ङादी ग्रुप और शिवम् सीमेंट शामिल हैं।

निर्माण व्यवसायी की अनदेखी के कारण हरिचौर–मल्म–पाण्डवखानी सड़क अधूरी

समाचार सारांश

  • हरिचौर–मल्म–पाण्डवखानी सड़क निर्माण का ठेका २०७९ भदौ में २५ करोड़ २० लाख रुपये में हुआ था, लेकिन तीन वर्षों में भी काम ७० प्रतिशत ही पूरा हो पाया है।
  • सड़क डिविजन कार्यालय बागलुङ के सूचना अधिकारी विष्णु लामिछाने ने समय पर काम न होने के कारण दूसरी बार मियाद बढ़ाने की जानकारी दी।
  • वल्र्डवाइड÷लोपूर्ण जेवी निर्माण कंपनी के जिम्मे लेने के बाद सड़क स्तरोन्नति होने पर गलकोट नगरपालिका, बडिगाड और निसीखोला गाउँपालिका सीधे सड़क मार्ग से जुड़ेंगे।

९ चैत, गलकोट (बागलुङ) । दो वर्षों में काम पूरा करने के समझौते के बावजूद हरिचौर–मल्म–पाण्डवखानी सड़क निर्माण व्यवसायी तीन वर्षों से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्य समाप्त नहीं कर पाए हैं।

यह सड़क एक निर्वाचन क्षेत्र के रणनीतिक सड़क योजना के अंतर्गत आती है, जिसकी स्तरोन्नति नहीं हो पाने के कारण स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। इस सड़क का निर्माण २०७९ साल भदौ में ठेका के रूप में हुआ था।

समझौते के अनुसार काम पूरा होता तो यह सड़क २०८१ साल भदौ तक हस्तांतरित हो जानी चाहिए थी। आठ किलोमीटर लंबी इस सड़क के कालोपत्रण के लिए दो बार समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है, फिर भी केवल ७० प्रतिशत भौतिक प्रगति ही हुई है।

सड़क डिविजन कार्यालय बागलुङ के सूचना अधिकारी विष्णु लामिछाने ने बताया कि काम समय पर पूरा न होने के कारण दूसरी बार मियाद बढ़ानी पड़ी है।

सड़क निर्माण का जिम्मा वल्र्डवाइड÷लोपूर्ण जेवी निर्माण कंपनी को दिया गया था। स्थानीय लोगों ने पिछले कात्तिक में निर्माण व्यवसायी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया था।

शुरुआत में ही भुक्तानी की समस्याओं के कारण निर्माण व्यवसायी ने काम में देरी दिखाई। सितंबर २०७९ में इस परियोजना का ठेका २५ करोड़ २० लाख रूपये में हुआ था।

इस सड़क खंड के अंतर्गत हरिचौर से मल्म तक आठ किलोमीटर सड़क का स्तरोन्नति, ढलान और कालोपत्र करने का काम ठेके के अंतर्गत था। इस सड़क के सही ढंग से बनने के बाद बागलुङ के गलकोट नगरपालिका, बडिगाड और निसीखोला गाउँपालिका सड़क मार्ग से सीधे जुड़ पाएंगे, जिससे आवागमन सुगम होगा।

पहले चरण में आर्मी, टाइम्स और गोल्डेनगेट का दबदबा जारी

समाचार सारांश: हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग 2026 के पहले चरण में त्रिभुवन आर्मी क्लब, टाइम्स और गोल्डेनगेट ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए समान 13 अंक हासिल किए हैं। अंक अंतर के आधार पर आर्मी प्रथम स्थान पर, टाइम्स दूसरे और गोल्डेनगेट तीसरे स्थान पर हैं। आठ टीमों की इस लीग में शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में प्रवेश करेंगी और विजेता को ₹4 लाख नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

10 चैत्र, काठमांडू। हिमालयन जावा नेशनल बास्केटबॉल लीग 2026 (HJNBएल) के पहले चरण के समाप्त होने पर विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब, गत विजेता टाइम्स और गोल्डेनगेट ने दबदबा बनाए रखा है। आठ टीमों की इस लीग में प्रत्येक टीम ने अब तक 7-7 मैच खेले हैं और ये तीनों टीमें समान 13 अंक के साथ शीर्ष स्थान पर हैं।

पिछले वर्ष आयोजित न होने वाली हिमालयन जावा बास्केटबॉल लीग में भाग न लेने वाली आर्मी ने इस बार लिनिंग बास्केटबॉल चैंपियनशिप के विजेता के रूप में HJNBएल में जगह बनाई है। आर्मी ने शानदार प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान बनाए रखा है। अंक समान होने के बावजूद अंक अंतर के कारण आर्मी पहले, टाइम्स दूसरे और गोल्डेनगेट तीसरे स्थान पर हैं। तीनों टीमों ने केवल एक ही मैच हारा है।

पिछले विजेता टाइम्स ने पहले मैच में गोल्डेनगेट से हार का सामना किया था, लेकिन उसके बाद लगातार 6 मैच जीते हैं। आर्मी ने भी बेहतरीन शुरुआत करते हुए अभी तक केवल टाइम्स से हार माना है। गोल्डेनगेट ने भी एकमात्र एक मैच हार है, जो आर्मी के खिलाफ था। ये तीनों टीमें पहले चरण में एक-दूसरे को हराने के साथ-साथ बाकी पांच टीमों के खिलाफ जीत हासिल कर चुकी हैं।

गगन थापा – Online Khabar

गगन थापा: पार्टी एकता के लिए महाधिवेशन पर केंद्रित होना जरूरी

समाचार सारांश

AI द्वारा तैयार किया गया। संपादकीय समीक्षा की गई।

  • नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन कुमार थाप ने पार्टी की पूरी पंक्ति को महाधिवेशन की ओर केंद्रित होने का आह्वान किया।
  • सभापति थाप ने महाधिवेशन में पूर्वाग्रह न रखने और सभी को सहभागी बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
  • उन्होंने कहा कि महाधिवेशन का नेतृत्व वे स्वयं कर रहे हैं और इसे अब रोकना संभव नहीं होगा।

१० चैत्र, काठमांडू । नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन कुमार थाप ने स्पष्ट किया है कि अब पार्टी की पूरी पंक्ति महाधिवेशन की दिशा में केंद्रित होनी चाहिए।

मंगलवार को पार्टी के केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि महाधिवेशन की प्रक्रिया उन्हीं के नेतृत्व में चल रही है और अब इसे रोकना संभव नहीं।

थाप ने पिछले महाधिवेशन में किसने भाग लिया या नहीं, इस बात को लेकर पूर्वाग्रह नहीं रखने की बात कही।

‘एक विशेष परिस्थिति में विशेष महाधिवेशन संपन्न हुआ। उससे नया नेतृत्व चुना गया। हमने उस चुनाव में भागीदारी की। अब विशेष अधिवेशन से पहले और बाद में किसने हिस्सा लिया या नहीं, इस पर कोई मतभेद नहीं रखेंगे,’ सभापति थाप ने कहा।

उनका कहना है कि महाधिवेशन में सभी को समान रूप से सहभागी कराकर सहमति और एकता के साथ आगे बढ़ा जाएगा।

‘मैंने सभापति के रूप में इस गाड़ी को चलाया है। अब इसे कोई रोक नहीं सकता। खासकर कि किसने विशेष अधिवेशन में हिस्सा लिया या नहीं, इस बात पर पूर्वाग्रह नहीं रहेगा,’ उन्होंने बताया, ‘मैंने उपसभापति और कुछ अन्य नेताओं से भी अपील की है कि हम सभी को समेट कर आगे बढ़ेंगे।’

पशुपतिनाथ बाहिनी के ११ सुरक्षाकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया

समाचार सारांश

एआईद्वारा तैयार, संपादकीय समीक्षा।

  • २२वें स्थापना दिवस के अवसर पर सशस्त्र पुलिस महानिरीक्षक राजु अर्याल ने पशुपतिनाथ बाहिनी के ११ सुरक्षाकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया।
  • पुरस्कार प्राप्त करने वालों में SSP नेत्रबहादुर कार्की, DSP ताराबहादुर केसी, इंस्पेक्टर मदन अधिकारी और अन्य आठ सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
  • पुरस्कार प्राप्त सुरक्षाकर्मियों के नाम व पद आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर सार्वजनिक किए गए हैं।

१० चैत, काठमांडू। उत्कृष्ट कार्य के लिए पशुपतिनाथ बाहिनी में तैनात ११ सशस्त्र पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया है।

२२वें स्थापना दिवस के अवसर पर मंगलवार को सशस्त्र पुलिस महानिरीक्षक (IGP) राजु अर्याल ने ११ कर्मियों को सम्मानित किया। सभी ११ को रिकॉर्ड में दर्ज कर सम्मानित किया गया।

सम्मानित कर्मियों में सशस्त्र पुलिस के SSP नेत्रबहादुर कार्की, DSP ताराबहादुर केसी, इंस्पेक्टर मदन अधिकारी, सई पवन पाण्डे, असई भक्तबहादुर केसी, असई झरबहादुर चन्द, वरिष्ठ हवल्दार उत्तम बस्नेत, हवल्दार नवराज लामिछाने, हवल्दार बासुदेव लामिछाने, सहायक हवल्दार राम लामा और जवान किशनकुमार सिंह शामिल हैं।

बजट की कमी के कारण विद्यालय भवन निर्माण अधूरा रह गया

समाचार सारांश

लेखकीय समीक्षा के बाद AI द्वारा तैयार।

  • विहादी गाउँपालिका–4 वहाकी के लिम्सिङ स्थित रम्बादेवी माता आधारभूत विद्यालय भवन निर्माण पिछले तीन वर्षों से अधूरा है।
  • शिक्षा मंत्रालय द्वारा आबंटित 36 लाख रुपये के बजट पर भवन निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण काम रोक दिया गया।
  • भवन अधूरा होने के कारण 19 विद्यार्थी टिन के आवरण वाले कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं, जिससे अभिभावक चिंतित हैं।

10 चैत, पर्वत। विहादी गाउँपालिका में स्थित एक आधारभूत विद्यालय का भवन पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा है।

विहादी गाउँपालिका–4 वहाकी के लिम्सिङ में स्थित रम्बादेवी माता आधारभूत विद्यालय का आठ कमरों वाला पक्का भवन वित्तीय समस्याओं के कारण अधूरा है।

राष्ट्रपति शैक्षिक सुधार कार्यक्रम के तहत शिक्षा मंत्रालय ने 36 लाख रुपये का बजट आवंटित कर भवन निर्माण शुरू किया था, लेकिन अतिरिक्त बजट की व्यवस्था न हो पाने के कारण निर्माण कार्य रुक गया।

भवन के न बनने के कारण छात्र कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय में चार कक्षाएं चल रही हैं, जिनमें 19 छात्र पढ़ते हैं, प्रधानाध्यापक शिवानी पुन ने बताया।

शिक्षक शिवानी पुन के अनुसार विद्यार्थियों को टिन से ढके हुए ज़मीन तल वाले कमरे में पढ़ने के लिए मजबूर किया गया है।

टिन की छत वाले कमरे में छोटे बच्चों को रखे जाने से, आंधी-तूफान आने पर टिन उड़ने का खतरा रहता है, जो अभिभावकों और शिक्षकों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है, प्रधानाध्यापक पुन ने बताया।

१८ दिनदेखि न्याय पर्खिरहेको इनिसाको शव, कहाँ पुग्यो अनुसन्धान ?

१८ दिन से न्याय की प्रतीक्षा में इनिसा का शव, जांच किस मोड़ पर पहुंची?

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा की गई।

  • १६ वर्षीय इनिसा विक के साथ हुए बलात्कार एवं हत्या मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी है।
  • केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) की टीम ने जांच पूरी कर काठमांडू लौट चुकी है, और जिला पुलिस कार्यालय सुर्खेत तीन लैब रिपोर्टों के इंतजार में है।
  • पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने तक इनिसा के शव का अंतिम संस्कार न करने का फैसला लिया है तथा पूरे देश में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी हैं।

१० चैत्र, सुर्खेत। १६ वर्षीया बालिका इनिसा विक के साथ हुए बलात्कार और हत्या मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। २३ फागुन को हुई उनकी मौत के बाद इनिसा का शव १८ दिनों से कर्णाली प्रदेश अस्पताल के शव गृह में रखा हुआ है।

इनिसा का शव १८ दिनों से न्याय की प्रतीक्षा में है। पीड़ित परिवार ने तय किया है कि उनकी बेटी को न्याय मिलने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं होगा।

‘मेरी बेटी इस दुनिया में नहीं है, हम उसका शव लेकर क्या करें? हत्यारों को सजा मिले बिना हम शव नहीं देंगे।’ इनिसा के पिता इन्द्रबहादुर विक ने कहा, ‘न्याय में देरी मतलब न्याय न मिलना है। हमें जल्दी न्याय चाहिए।’

देशभर में इनिसा के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रदर्शन और दबाव कार्यक्रम जारी हैं। घटना के १८ दिनों बाद भी वास्तविक तथ्य सार्वजनिक न होने पर परिवार असंतुष्ट है।

न्याय में देरी की वजह से दुबई में काम कर रहे इन्द्रबहादुर का छुट्टी का समय समाप्त होने लगा है। ‘मेरी छुट्टी खत्म हो गई है। नौकरी के लिए पैसा खर्च करके दुबई गया था। वेतन सेवा अच्छी है,’ उन्होंने कहा, ‘यहां बेटियां का अंतिम संस्कार नहीं हुआ, वहां बुलाने लगे हैं।’

बेटी की गैरमौजूदगी के बावजूद भाइयों और परिवार के लिए विदेश जाना जरूरी है। लेकिन वे बेटी को न्याय मिलेगी, इस बात पर संदेह करने लगे हैं। ‘पुलिस ने अभी तक घटना के बारे में खुलासा नहीं किया है। मामला रहस्यमय लगता जा रहा है,’ इन्द्रबहादुर ने बताया।

घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार ने सामूहिक बलात्कार और हत्या का आरोप लगाते हुए पकड़े गए चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या और बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने २३ फागुन को बलात्कार के आरोप में घटना स्थल से १६ वर्षीय किशोर को हिरासत में लिया था। उस किशोर के बयान के आधार पर तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लेकर जांच जारी है।

जांच पूरी कर सीआईबी लौटा

इनिसा विक मामले की जांच के लिए सुर्खेत आई केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) की टीम काठमांडू लौट गई है।

जिला पुलिस कार्यालय सुर्खेत के सूचना अधिकारी डीएसपी महोनजंग बुढथापाले बताया, ‘सीआईबी टीम ने जांच पूरी कर रविवार को काठमांडू वापस चली गई। हम जांच के अंतिम चरण में हैं। दो लैब रिपोर्टों का इंतजार कर रहे हैं।’

इनिसा की सच्चाई की जांच के लिए देशभर के स्कूलों, छात्रों और सामाजिक संगठनों के प्रदर्शन के बाद सुर्खेत पुलिस ने २८ फागुन को सीआईबी से अतिरिक्त सहयोग मांगा था। २९ फागुन से पुलिस निरीक्षक के कमांड में सीआईबी की विशेषज्ञ टीम जांच में लगी हुई थी।

पहले चरण की पूरी जांच जिला पुलिस द्वारा पूरी की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो की सहायता से जांच की गई है। जिला पुलिस कार्यालय ने भी अलग से जांच टीम बनाई हुई है।

इस मामले में सीआईबी समेत नेपाल पुलिस की चार टीमें जांच कर चुकी हैं।

जांच किस मोड़ पर है?

इनिसा मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सीआईबी ने अपनी रिपोर्ट भी सुर्खेत पुलिस को सौंप दी है।

डीएसपी बुढथापाले कहा, ‘सारी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। हम तीन रिपोर्ट – टॉक्सीकोलॉजिकल, विसेरा और बायोसिरोलॉजिकल – का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट आते ही जांच समाप्त की जाएगी। पोस्टमार्टम, सीआईबी और डिजिटल रिपोर्ट आ चुकी हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट भी जल्द आएगी।’

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलपूर्वक संभोग के बाद संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोट और रक्तस्राव से मौत हुई बताई गई है।

घटना स्थल से पकड़े गए युवक ने बताया कि इनिसा के साथ शारीरिक संबंध के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण वह बेहोश हो गया। बाकी तीन ने कहा वे केवल मदद के लिए वहां आए थे।

उनके बयान और सुरक्षा कैमरे की समय-सीमा, कॉल डिटेल मेल खाने की पुष्टि पुलिस ने की है।

चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा

इनिसा मामले में चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तैयारी है। हिरासत में लिए गए सभी के बयान और परीक्षण रिपोर्ट सरकारी वकील कार्यालय को सौंपने की योजना है।

‘जांच का ९९ प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। आने वाला एक-दो दिन में सभी रिपोर्ट सरकारी वकील को भेज देंगे,’ जांच में लगे एक पुलिस अधिकारी ने बताया।

पकड़े गए १६ वर्षीय युवक और इनिसा के बीच कुछ समय से प्रेम संबंध था और फागुन २३ की सुबह शहीद पार्क के पास जंगल में सहमति से गए थे।

किशोर ने बयान दिया है कि सहमति से उनके बीच शारीरिक संपर्क हुआ और इनिसा के यौनांग से रक्तस्राव हुआ जिससे वह अचानक बेहोश हो गया। ‘इनिसा ने बोलना बंद कर दिया, मैं घबरा गया और दोस्तों को कॉल किया,’ उसने कहा।

बाकी तीन युवक मदद के लिए ही वहां गए थे। बयान और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार समयसीमा मेल खाती है। हालांकि उनकी संलिप्तता पुष्टि नहीं हुई है।

तीनों ने समय रहते पुलिस को घटना की सूचना न देने के कारण उनके खिलाफ भी मुकदमा चलाने की पुलिस की योजना है।

विवाह और आत्मानुभूति

वि. सं. २०५० के दशक में हम विवाह बंधन में बंधे। हमारा विवाह अंतरजातीय प्रेम पर आधारित था। हम दोनों किशोरावस्था में थे, लेकिन सामाजिक स्तर, पारिवारिक संरचना और सम्मान के प्रति सजग थे। प्रेम के सामने किसी भी बात को बाधा नहीं बनने देना, उस वक्त की हमारी अनुभूति थी और हमें विश्वास है कि वह निर्णय सही था। हम अपने संबंधों के प्रति दृढ़ और संतुष्ट हैं। उस समय उम्र के कारण हम अधपके लगते थे, लेकिन जिम्मेदारी, स्नेह और नैतिकता में हमारी समझ आवश्यक थी।

विवाह के कुछ वर्षों बाद हमारी बेटी का जन्म हुआ और छह वर्ष के अंतराल में पुत्र भी हुआ। दादा-दादी, नाना-नानी, और चाचा-ताऊ के संयुक्त संरक्षण में बच्चों की परवरिश संभव हुई। बेटी ने एसएलसी उत्तीर्ण करने के बाद कक्षा ११ के लिए काठमांडू के स्कूली होस्टल में पढ़ाई शुरू की। समय बीतता गया, बच्चों ने शिक्षा पूरी की। बेटी ने स्नातक की डिग्री हासिल की। हमारे संतान विनम्र, नैतिक और व्यवहारिक व्यक्ति बने और किसी भी गलत राह पर नहीं गईं, जिससे हम प्रसन्न हैं। हम खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि यह स्थिति बनी।

छोटी बेटी अपने स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान एक दिन मुझसे निकट आकर बोली, “मम्मी, आपसे कुछ बात करनी है।” शुरुआत में मुझे थोड़ी चिंता हुई। मन में कई प्रश्न उठे। कुछ समय चुप्पी रहने के बाद उसने बताया कि वह प्रेम संबंध में है। तभी मेरे मन में प्रश्न उठे- वह लड़का कौन है? उसका व्यक्तित्व कैसा है? उसका परिवार कैसा है? हमने यह सोचने लगे कि आने वाले दिनों में स्थिति को कैसे संभालना है। पिता को विश्वास दिलाने में समय लगा। लेकिन अंततः वे मान गए। बेटी ने उस लड़के से स्नातक दीक्षांत समारोह में परिचय कराया, जब वह वहां उपस्थित था। उस समय बेटी के पिता इस अप्रत्याशित मुलाकात से चकित रह गए। वे कम बोलने वाले, पढ़े-लिखे और करीबी लोगों तक ही सीमित रहने वाले व्यक्ति हैं।

उन्हें बेटी के प्रेम संबंध को स्वीकार करने में ज्यादा समय नहीं लगा। भले ही बेटी विवाह योग्य आयु में थी, हम उसे अभी भी छोटी लगती थी। हम स्वयं को परिपक्व समझते थे, लेकिन बेटी को शादी के लिए योग्य नहीं मानते थे। उस समय हम केवल सत्य को एक सपने की तरह देखते थे। पिछले दशहरा पर लड़का पक्ष से बेटी के विवाह के लिए विवाह प्रस्ताव आ गया। बातचीत शुरू हुई। गत फाल्गुन २८ को बेटी का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। बेटी खुशी-खुशी विदा हुई। हमें लगा कि हमने अपनी जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई।

जीवन में कई बातें किताब से नहीं, अनुभव से सिखाई जाती हैं। सच्चे मित्र और परिवार के अर्थ भी इसी प्रकार समझ में आते हैं। कई बार जो रिश्तेदार होते हैं, वे वास्तव में रिश्तेदार नहीं होते, जबकि कुछ रिश्तेदारों से अधिक आत्मीय, सहायक और सम्मानजनक भी होते हैं। ऐसी बातें सोचने पर मजबूर करती हैं – पूर्ण रूप से सच्चे और आत्मीय संबंध की कद्र करो और जीवन की मिठास का अनुभव करो, इसमें कोई तुम्हें रोक नहीं सकता।

(लेखिका पूजा खड्का, गोरखा मॉडल सेकेंडरी स्कूल, लमही-६, दाङ में कार्यरत शिक्षिका हैं।)

चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज में सुरक्षा कार्यों के लिए प्रशिक्षित कुत्ते तैनात

फाइल तस्वीर


समाचार सारांश

  • चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने तकनीक का उपयोग कर नियमित गश्ती, स्विप, एम्बुशिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
  • निकुञ्ज प्रशासन चार प्रशिक्षित कुत्तों, ड्रोन, सीसीटीवी, वाहन ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग कर रहा है।
  • तकनीक के उपयोग से वन्यजीव तस्करी नियंत्रण और अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है।

१० चैत्र, चितवन। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक का प्रयोग शुरू कर दिया है। नियमित सुरक्षा गश्ती, स्विप और एम्बुशिंग के साथ-साथ तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

निकुञ्ज के सूचना अधिकारी अविनाश थापामगर के अनुसार, कार्यालय लंबी, मध्यम और छोटी दूरी पर नियमित गश्ती, सूचनात्मक परिचालन और संयुक्त जांच सेल भी संचालित कर रहा है।

वर्तमान में निकुञ्ज प्रशासन ने चार प्रशिक्षित कुत्तों को सुरक्षा कार्यों के लिए तैनात किया है। इसके अलावा, रियल टाइम मॉनिटरिंग, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, वाहन ट्रैकिंग रिकॉर्ड सिस्टम जैसी तकनीकों के जरिए निकुञ्ज की सुरक्षा व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि पैदल, साइकिल, हाथी, डोंगा और वाहनों से भी गश्ती की व्यवस्था चल रही है।

तकनीक के इस्तेमाल से तस्करों पर नियंत्रण पाने में खास सफलता मिली है।

उन्होंने कहा, “तकनीक के प्रयोग से वन्यजीव जुड़े अपराधों में संलिप्त लोगों को पकड़ने और तस्करी कम करने में सफलता मिली है।”

इससे जंगल में वन्यजीवों के आंसू के साथ घूमने वाले लोगों को नियंत्रित करने में भी सहायता मिली है। वन्यजीव संरक्षण में तकनीक के प्रयोग के साथ साझेदार संगठनों का भी बड़ा योगदान है।

स्थानीय स्तर पर युवा परिचालन समिति, नेपाली सेना और निकुञ्ज के कर्मचारियों की अथक मेहनत से ही तस्करी में कमी संभव हो पाई है, उन्होंने बताया।