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लेखक: space4knews

कर्पोरेट टी-१० लिगमा आईसीएफसी, क्लाउड फ्याक्ट्री र एनसेलको जित

कर्पोरेट टी-१० लिग में आईसीएफसी, क्लाउड फैक्ट्री और एनसेल की जीत

आईसीएफसी फाइनान्स ने सिप्रदी के खिलाफ ३ विकेट से जीत दर्ज करते हुए टेक्स्पायर कर्पोरेट लिग टी-१० क्रिकेट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। क्लाउड फैक्ट्री ने टेक्स्पायर को ३ विकेट से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की है। एनसेल ने सुबिसु को ३ विकेट से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई है, जबकि सुबिसु ने भी सेमीफाइनल में स्थान सुनिश्चित किया है। १५ वैशाख, काठमाडौं। टेक्स्पायर कर्पोरेट लिग टी-१० क्रिकेट प्रतियोगिता के तीसरे दिन के पहले मैच में आईसीएफसी फाइनान्स ने रोमांचक जीत हासिल की। सिप्रदी के खिलाफ आईसीएफसी फाइनान्स ३ विकेट से विजयी रहा। पहले बल्लेबाजी करने वाली सिप्रदी ने निर्धारित १० ओवरों में ७ विकेट खोकर १३७ रन बनाए थे। टीम के लिए शैलेन्द्र नेपाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ४९ रन बनाए, जबकि निराजन केसी ने नाबाद ३६ रन जोड़े। युगेश न्यौपाने ने भी ३२ रन का योगदान दिया। १३८ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए आईसीएफसी फाइनान्स ने ४ विकेट गंवाकर लक्ष्य पूरा किया। टीम के लिए सुरज तिमल्सिना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद ७३ रन बनाए, जो जीत की मुख्य कुंजी रहा। इसके अलावा सुभाष भण्डारी ने १६ और अरविंद राना ने ११ रन जोड़े। इस जीत के साथ आईसीएफसी फाइनान्स ने प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया है, जबकि सिप्रदी प्रतियोगिता से बाहर हो गई है।

दूसरे मैच में क्लाउड फैक्ट्री ने ३ विकेट से जीत हासिल की। अंतिम तक तनावपूर्ण बने इस खेल में क्लाउड फैक्ट्री ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार प्रदर्शन किया और जीत सुनिश्चित की। पहले बल्लेबाजी करने वाली टेक्स्पायर ने निर्धारित १० ओवरों में ३ विकेट गंवाते हुए ६९ रन बनाए थे। टेक्स्पायर के लिए हृषभ पोखरेल ने सर्वाधिक २० रन और विजय बाबु रेग्मी ने १३ रन बनाए। अतिरिक्त रन भी टीम को अच्छी मदद मिली। ७० रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए क्लाउड फैक्ट्री ने ७.५ ओवर में ४ विकेट खोकर लक्ष्य पूरा किया। चंद्र गुरुङ ने महत्वपूर्ण १७ रन बनाए जबकि सुबोध धुंगेल ने तेजी से १३ रन जोड़े और टीम को जीत की ओर आगे बढ़ाया। अंत में रतिश श्रेष्ठ और बिराज काफ्ले नाबाद रहते हुए जीत सुरक्षित की। गेंदबाजी में टेक्स्पायर के गेंदबाजों ने कोशिश की, लेकिन अंतिम समय में दबाव संभालने में असमर्थ रहे और मैच क्लाउड फैक्ट्री के पक्ष में गया। इस जीत के साथ क्लाउड फैक्ट्री सेमीफाइनल में पहुंच गई है जबकि टेक्स्पायर लीग से बाहर हो गया है।

आज हुए तीसरे मैच में एनसेल ने सुबिसु के खिलाफ ३ विकेट से जीत दर्ज की। अंतिम ओवर तक पहुंचा यह मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा। पहले बल्लेबाजी करने वाली सुबिसु ने निर्धारित १० ओवरों में ४ विकेट खोते हुए ८३ रन बनाए। सुबिसु की ओर से दमन चन्द ने नाबाद ३५ रन की बेहतरीन पारी खेली जबकि विवेक कुमार यादव ने १६ रन जोड़े। ८४ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एनसेल के समाज पौडेल ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए १९ गेंदों में ३७ रन बनाए। इसके अलावा सौरभ शाह ने २५ रन जोड़कर टीम को जीत की ओर अग्रसर किया। इस जीत के साथ एनसेल सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। सुबिसु ने भी सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। सेमीफाइनल और फाइनल मैच कल खेले जाएंगे।

गुराँस की राजधानी तीनजुरे–मिल्के–जलजले क्षेत्र पर्यटकों से भर गया, होटल न मिलने पर लौटना पड़ा

कोशी प्रदेश के तीनजुरे-मिल्के-जलजले क्षेत्र में रंगीन गुराँस खिलकर पर्यटकों की भीड़ से गुलजार हो गया है। होटल एसोसिएशन तेह्रथुम के अध्यक्ष प्रकाश श्रेष्ठ के अनुसार चैत २२ के बाद पर्यटकों का आगमन अत्यधिक बढ़ा है। चैते सामुदायिक वन उपभोक्ता समितियों के अध्यक्ष इन्द्रबहादुर खड्काले गुराँस तोड़ने वालों के खिलाफ वन कानून के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। १५ वैशाख, धनकुटा।

कोशी प्रदेश का प्रमुख पर्यटक स्थल तीनजुरे-मिल्के-जलजले (टीएमजे) क्षेत्र इस समय रंग-बिरंगे गुराँस के फूलों से पूरी तरह सज-धज कर दुल्हन की तरह खूबसूरत नजर आ रहा है। वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति का अनुपम सौंदर्य लिए यह क्षेत्र अब पर्यटकों से भरा हुआ है। गुराँस की राजधानी के रूप में जाना जाता टीएमजे क्षेत्र में बड़ी संख्या में आंतरिक और कुछ बाहरी पर्यटकों की भीड़ हो रही है, जिससे होटलों में जगह नहीं बची है और हजारों पर्यटक आवास न मिलने के कारण वापस लौटने को मजबूर हैं।

तेह्रथुम, संखुवासभा और ताप्लेजुङ जिलों के संगम स्थल माने जाने वाले टीएमजे क्षेत्र में चैत के मध्य से लेकर वैशाख तक की अवधि पर्यटन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है। चैत से जेठ तक खिलने वाले गुराँस जंगलों को रंग-बिरंगा कर देते हैं और पहाड़ों को लाल, पीला, गुलाबी तथा सफेद रंगों से सजा देते हैं। तेह्रथुम के वसन्तपुर से शुरू होकर घुर्बिसे, पाँचपोखरी, फेदी, चौकी, मंगलबारे, गुफा, सुके, जोरपोखरी होते हुए ताप्लेजुङ तक फैला यह क्षेत्र गुराँस के वन तथा बीच-बीच में मिलने वाले लामपोखरी और गुफापोखरीजैसे छोटे-बड़े पोखरों से पर्यटकों का मन मोहता है।

गुराँस के खिलने के साथ ही बसन्तपुर चोत्लुङ पार्क से लेकर टुटे देउराली, आरआर गार्डेन, डुंडपानी, घुर्बिसे, पाथिभरा आसपास, पाँचपोखरी और गुफा क्षेत्रों में पर्यटकों की भारी उपस्थिति देखी जा रही है। इस वर्ष पर्याप्त बारिश और अनुकूल मौसम के कारण गुराँस पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक खिल रहा है, स्थानीय लोगों ने बताया। गुराँस की इसी आकर्षकता के चलते पर्यटकों का दबाव तीव्र गति से बढ़ा है।

दार्चुला में पशुपक्षी हत्या मामले में दो गिरफ्तार

दार्चुला में पुलिस ने पशुपक्षी हत्या संबंधी मामले में तेज लुहार और लोकेन्द्र भुल को गिरफ्तार किया है। महाकाली नगरपालिका वार्ड–4 की एक महिला की गाय गायब थी और दोनों आरोपियों को लास्कुखोला में मांस काटते हुए पकड़ा गया। जिला पुलिस कार्यालय के सूचना अधिकारी, पुलिस निरीक्षक विक्रम शाही ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच चल रही है।

15 वैशाख, धनगढी। दार्चुला में जांच के लिए पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। महाकाली नगरपालिका वार्ड–1 के लास्कुखोला से तेज लुहार और लोकेन्द्र भुल को रविवार को गिरफ़्तार किया गया। पुलिस निरीक्षक विक्रम शाही के अनुसार, दोनों को पशुपक्षी हत्या के आरोप में हिरासत में लेकर जांच जारी है।

उनके मुताबिक, महाकाली नगरपालिका वार्ड–4 की एक महिला की गाय गायब थी। दोनों आरोपियों को लास्कुखोला में मांस काटते हुए पाया गया, जिससे संदेह है कि उन्होंने यही गाय काटी होगी। पुलिस ने कहा कि मामले की पूरी जांच की जा रही है।

मध्य पूर्व संघर्ष से नेपाली पानी उद्योगों में उत्पन्न हुआ चिन्ता

पानी उद्योगहरूले प्लास्टिक र इन्धनको मूल्य अकासिएको भन्दै बोतल र जारका पानीको मूल्य बढाइनुपर्ने माग गरेका छन्

तस्बिर स्रोत, Getty Images

प्लास्टिक के कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए पानी उद्योगों ने पानी की कीमतों में भी वृद्धि की मांग की है, जिस पर अधिकारियों ने कहा है कि संबंधित पक्षों की सार्वजनिक सुनवाई के बिना कोई निर्णय लेना संभव नहीं।

बोतल में पानी की अधिकतम मूल्य निर्धारण करने वाली आयोग की सलाह को मानें तो देशभर के पानी उद्योग बंद होने की स्थिति में पहुंच सकते हैं, यह बात नेपाल पानी उद्योग महासंघ के अध्यक्ष ने बताई।

विशेषकर मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अत्यधिक बढ़ गई हैं और बोतल एवं जार उत्पादन के लिए आवश्यक कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि ने उद्योगपतियों को चिंतित कर दिया है।

वर्तमान में प्रति लीटर बोतलबंद पानी की कीमत में कम से कम 5 रुपये और जार पानी की कीमत में 10 से 12 रुपये की वृद्धि की आवश्यकता है, व्यवसायी यह तर्क दे रहे हैं।

थोक और बोतल-जार के लिए पानी मूल्य निर्धारण की जिम्मेदारी रखने वाली आयोग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सुनवाई और संबंधित पक्षों के बीच चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

न्यु डायमन्ड लगातार चार खेल जित्दै पीएम कप एनभीए भलिबल लिगको फाइनलमा प्रवेश

१५ वैशाख, काठमाडौं । न्यु डायमन्ड युथ स्पोर्ट्स क्लबले रेडबुल दशैँ पीएम कप एनभीए महिला तथा पुरुष भलिबल लिग २०८३ अन्तर्गत महिलातर्फको फाइनलमा स्थान बनाउन सफल भएको छ। त्रिपुरेश्वरस्थित दशरथ रंगशालाको कभर्डहलमा मंगलबार सम्पन्न खेलमा न्यु डायमन्डले एपीएफलाई २५-२१, २०-२५, २५-१८, २५-२१ को स्कोरमा हराउँदै विजय हासिल गरेको हो। न्यु डायमन्डले अब लिग चरणको अन्तिम खेलमा नेपाल प्रहरीसँग प्रतिस्पर्धा गर्नेछ। उक्त खेलको नतिजा जे भए पनि न्यु डायमन्ड शीर्ष दुई स्थानमा रहन पक्का भइसकेको छ। चार खेलबाट १२ अंक जोड्दै न्यु डायमन्ड शीर्ष स्थानमा उक्लिएको छ भने दोस्रो स्थानमा रहेको एपीएफसँग ६ अंक रहेका छन्।

त्यसैगरी, मंगलबार सम्पन्न अर्को महिलातर्फको खेलमा त्रिभुवन आर्मी क्लबले सुदूरपश्चिमलाई २५-१५, २५-१०, २५-५ को फराकिलो अन्तरले पराजित गरेको छ। यो उनीहरुको चार खेलमा पहिलो जित हो र यससगैँ आर्मीको ३ अंक भएको छ। हाल एपीएफलाई मात्र नेपाल प्रहरी क्लबसँग खेल्न बाँकी छ भने प्रहरी क्लबले एपीएफ र न्यु डायमन्ड दुबैसँग खेल्ने तालिका रहेको छ।

वर्षातको मौसममा घरको हेरचाह गर्ने १० उपाय – Online Khabar

वर्षा ऋतु में घर की देखभाल के लिए १० महत्वपूर्ण उपाय

वर्षा शुरू होने से पहले घर में कहीं से पानी रिसाव तो नहीं हो रहा यह जांचना बेहद जरूरी है, क्योंकि वर्षा के मौसम में रिसाव होने पर मरम्मत करना कठिन होता है। वर्षा का मौसम कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन इस दौरान घर का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है क्योंकि वर्षा की बूंदों से घर में विभिन्न तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं। इसलिए वर्षा ऋतु में घर की देखभाल के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

१. कपड़ों की देखभाल: वर्षा के समय केवल हम ही नहीं, हमारे कपड़े भीग जाते हैं और भीगने के बाद जल्दी सूखते नहीं, जो सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है। अधिकांश लोग वर्षा में बेड कवर, पर्दे और तौलिए धोने से बचते हैं। लेकिन यह उपाय टिकाऊ नहीं होता क्योंकि कुछ दिनों बाद कपड़ों में दुर्गंध आने लगती है। इसलिए जरूरी कपड़ों को नियमित रूप से साफ करना आवश्यक है। यदि घर पर कपड़े जल्दी नहीं सूखते, तो ड्राई क्लीनिंग कराना एक अच्छा विकल्प है।

२. घर में खुशबू फैलाना: वर्षा का मौसम बैक्टीरिया के विकास के लिए अनुकूल होता है, इसलिए घर को साफ-सुथरा रखने के लिए नियमित समय निकालें। सफाई के बाद घर के प्रत्येक कमरे में कुछ खुशबूदार फूल या पसंदीदा एसेंशियल तेल की कुछ बूंदें रखें, जिससे घर ताजा और मनमोहक सुगंध से भर जाता है।

३. पौधों को बाहर रखना: वर्षा के मौसम में इनडोर पौधों की भी सही देखभाल आवश्यक होती है। बारिश के कारण धूप कम मिलने से पौधों के विकास में बाधा आ सकती है। इसलिए इनडोर पौधों को थोड़े समय के लिए बाहर, विशेषकर बाल्कनी में रखना उचित है। क्योंकि बारिश में पौधों के पत्तों पर कई प्रकार कीट भी बढ़ सकते हैं, और घर के अंदर ले जाने पर यह समस्या बढ़ सकती है। अत्यधिक बारिश में पौधों को भीगी होने से बचाने का प्रबंध करना चाहिए।

४. कार्पेट की देखभाल: वर्षा ऋतु में कार्पेट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कार्पेट नमी और धूल सोख लेता है, जिससे कार्पेट से अजीब सी बदबू आ सकती है। इसे रोकने के लिए रोजाना वैक्यूम क्लीनिंग करनी चाहिए। संभव हो तो वर्षा के दिनों में कार्पेट को हटा कर बाद में लगाना बेहतर होता है।

५. विद्युत उपकरणों की मरम्मत वर्षा से पहले कराएं: वर्षा और तेज हवा विद्युत आपूर्ति में उतार-चढ़ाव लाते हैं, जिससे विद्युत उपकरण प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए वर्षा शुरू होने से पहले ही इलेक्ट्रिशियन से वायरिंग की जाँच कराएं और यदि कहीं समस्या हो तो मरम्मत कराएं। यदि तार गीले हो गए हों तो नए तार लगवाना बेहतर होता है ताकि शॉर्ट सर्किट का खतरा कम हो सके। स्विच बोर्ड के पास अगर रिसाव हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत मरम्मत कराएं।

६. किताबों का संरक्षण: अगर घर में बहुत सारी किताबें हैं तो इन्हें भी वर्षा के प्रभाव से बचाना जरूरी है। किताबें खराब होने के बाद उन्हें वापस पहले जैसी हालत में लाना मुश्किल होता है। इसलिए किताबों के रैक में नेफ्थेलिन बॉल और सिलिका जेल पाउच रखना चाहिए, जो नमी और कीड़ों से बचाव करता है।

७. वर्षा से पहले रिसाव की जांच: वर्षा शुरू होने पर घर में रिसाव हो तो मरम्मत करना कठिन हो जाता है। रिसाव को बड़ा होने से रोकना बेहतर होता है, इसलिए वर्षा से पहले पूरे घर का रिसाव चेक कराकर मरम्मत कराना उचित होता है।

८. घर में अच्छी हवा का संचार सुनिश्चित करें: वर्षा के मौसम में हवा में नमी अधिक होती है, जिससे घर में अवांछित बदबू उत्पन्न हो सकती है। इसे रोकने के लिए उचित वेंटिलेशन जरूरी है। खिड़कियाँ खोलकर क्रॉस वेंटिलेशन करने से घर में ताजी और साफ हवा आती है और नमी से उत्पन्न बदबू नहीं होती।

९. वर्षा के दौरान घर में नवीनीकरण न करें: वर्षा के दिनों में घर में बड़े काम-काज या नवीनीकरण न करना ही बेहतर होता है। ऐसे कार्य केवल सूखे मौसम में ही किए जाएं ताकि काम अच्छी तरह सूखे और टिकाऊ बनें।

१०. फर्नीचर की देखभाल: लकड़ी के फर्नीचर में नमी जमने से फफोल्ला लग सकता है। इसे रोकने के लिए नियमित वैक्सिंग आवश्यक है, जो फर्नीचर को नमी से बचाता है और कीड़े भी नहीं लगते। यदि दरवाजे, ड्रॉर या खिड़कियाँ फफोली होने के कारण ठीक से बंद नहीं होतीं, तो सैंडपेपर से थोड़ा घिसाई कर सुधार कर सकते हैं।

टीएमसी-बीजेपी टकराव, 34 वर्षों के शासन वाले वामपंथी दल की वर्तमान स्थिति क्या है?


14 वैशाख, कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हर सड़क और चौराहे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की उपस्थिति नजर आती है। दोनों पार्टियों के झंडे, बैनर और पोस्टर हर जगह लहराए जा रहे हैं।

लेकिन रविवार शाम कोलकाता के दमदम उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कल्चर मोड़ में दृश्य पूरी तरह से अलग था।

जहाँ कहीं भी नजर जाती, वहाँ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के लाल झंडे लिए लोग खड़े थे। यहां सीपीएम की उम्मीदवार दीपसीता धर रोड शो कर रही थीं। दीपसीता जेएनयू विद्यार्थी संघ की पूर्व अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

अपर्णा घोष एक सरकारी कर्मचारी हैं। वह अपने घर के बाहर से यह रोड शो देख रही थीं। जब उनसे पूछा गया – ‘पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्ट पार्टी काफी कमजोर हो चुकी है, फिर भी इस रोड शो में अच्छी भीड़ दिख रही है’,

उन्होंने जवाब दिया, ‘यह महिला बहुत पढ़ी-लिखी और समझदार है। मेरी राय में बंगाल में टीएमसी का विकल्प वामपंथी ही है।’

घोष ने कहा कि टीएमसी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये देती है जबकि बीजेपी ने 3000 रुपये देने का वादा किया है। ‘क्या इससे बंगाल की महिलाएं सशक्त होंगी? यह योजना महिलाओं को निर्बल बनाती है,’ उन्होंने कहा, ‘महिलाओं को शिक्षा और रोजगार चाहिए, दान नहीं। पार्टियां केवल दान के भरोसे लोगों को नागरिक नहीं, अपने मतदाता बनाती हैं।’

वामपंथी के बारे में मतदाताओं की धारणा क्या है?

अपर्णा के घर के पास एक चाय की दुकान है। वहाँ के चाय वाले अन्ना मंडल कहते हैं, ‘वामपंथी रैलियों में खूब लोग आते हैं, लेकिन मतदान के वक्त वे गायब हो जाते हैं। इसलिए मैं वामपंथी रैली की भीड़ से ज्यादा उम्मीद नहीं रखता।’ उन्होंने बताया कि दमदम उत्तर क्षेत्र में टीएमसी, बीजेपी और वामपंथी के बीच त्रिदलीय प्रतिस्पर्धा होगी।

2016 के विधानसभा चुनाव में दमदम उत्तर क्षेत्र से सीपीएम ने जीत हासिल की थी, जबकि 2021 के चुनाव में टीएमसी सफल रही। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सीपीएम एक भी सीट नहीं जीत पाया और उसके वोट प्रतिशत 5 प्रतिशत से नीचे चला गया।

2024 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन दलों के बीच सीट बंटवारे में भी सीपीएम को कोई सीट नहीं मिली। 2011 से पश्चिम बंगाल में सीपीएम लगातार कमजोर होता जा रहा है।

ऐसे परिस्थितियों में इस बार वामपंथी दल कैसे जीतने की उम्मीद कर रहे हैं?

इस सवाल के जवाब में सीपीएम की उम्मीदवार दीपसीता धर ने कहा, ‘हम लोकप्रिय राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह राजनीति लोगों को जागरूक और सशक्त बनाने पर केंद्रित है।’ उन्होंने दावा किया कि अब लोग समझने लगे हैं कि टीएमसी ने बंगाल को कैसा बनाया है। ‘बीजेपी शासित राज्यों की स्थिति भी सब देख रहे हैं। इस बार वामपंथी अच्छा परिणाम दिखाएंगे,’ उन्होंने कहा।

दीपसीता ने आगे कहा, ‘पश्चिम बंगाल में टीएमसी को केवल वामपंथी ही हरा सकते हैं।’

उनके अनुसार, यहां बीजेपी जितनी मजबूत है उतनी ही टीएमसी भी मजबूत है। ‘अगर टीएमसी को हराना है तो बीजेपी को कमजोर करना होगा। फिलहाल लोगों के बीच धारणा फैली है कि टीएमसी को सीपीएम और कांग्रेस नहीं हरा सकते,’ उन्होंने जोड़ा।

सीपीएम के वरिष्ठ नेता बिमान बोस 87 वर्ष के हो चुके हैं, फिर भी वे रोजाना चुनाव प्रचार में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं हर दिन कम से कम 12 से 15 किलोमीटर चलकर प्रचार करता हूँ। इस बार हमारी पार्टी जीरो में नहीं रहेगी।’

सीपीएम के वरिष्ठ नेता बिमान बोस

क्या वामपंथी नेता बीजेपी में शामिल हो गए हैं?

2011 में टीएमसी के सत्ता में आने के बाद कई वामपंथी नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की बातें ज़्यादा होने लगी हैं। वरिष्ठ पत्रकार सायंतन घोष ने अपनी पुस्तक ‘बैटलग्राउंड बंगाल’ में ऐसे उदाहरण दिए हैं।

घोष ने लिखा है:

दक्षिण कोलकाता की एक धुएं से भरी चाय की दुकान में मेरी पहली मुलाकात हिरन चटर्जी (जिन्हें हरु दा कहा जाता था) से हुई। मैं उस वक्त सिर्फ एक स्कूल छात्र था। हरु दा खुली कमीज़ और पुरानी पैंट पहनते थे, लेकिन उनकी आवाज़ में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के अनुभवी ट्रेड यूनियन नेता की ताकत होती थी। वह मीठी चाय के कप और बीड़ी के धुएं के बीच कम्युनिज्म, मजदूरों के संघर्ष और ट्रेड यूनियन के कठोर इतिहास की कहानियाँ सुनाते थे। उनके कथन से ऑटो चालक से लेकर राहगीर तक हर कोई आकर्षित होता था। वह एक ऐसे दुनिया का चित्र दिखाते थे जहाँ लाल झंडा न्याय का वादा करता है। मैं बचपन में उनके बातों को बड़े ध्यान से सुनता था, लेकिन भविष्य में मैं राजनीतिक पत्रकार बनूंगा और उनके विचारों का अनुसरण करूंगा यह नहीं जानता था।

2011 तक आते-आते, जब ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 34 साल के वामपंथी शासन को गिरा दिया, हरु दा पर एक संदिग्ध मामला आने की चर्चा हुई। उन्होंने इस बारे में कभी खुलकर बात नहीं की, सवालों से कंधे लगभग उठाते रहे।

2017 में दुर्गा पूजा के लिए कोलकाता लौटे तो वह ऑटो चालकों के उस यूनियन—जिसे कभी सीपीएम का गढ़ माना जाता था—टीएमसी का किला बन चुका था। हरु दा कहीं नजर नहीं आए। मैंने सोचा, वे शहर के किनारे कहीं खो गए होंगे। बंगाल की बदलती राजनीति ने कितना असर डाला, यह सोचने लगा। लेकिन एक शाम, मैंने उन्हें फिर से चाय की दुकान पर देखा—उम्र बढ़ने के बाद भी उतनी ही जोश के साथ कहानियाँ सुनाते हुए। लेकिन अब उनकी बातें बीजेपी की ममता हटाने की मुहिम की थीं। मैं चौंका, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘ममता को हराने वाली एकमात्र ताकत बीजेपी ही है।’

वामपंथी की चुनौतियाँ

वरिष्ठ पत्रकार घोष ने अपनी पुस्तक ‘बैटलग्राउंड बंगाल’ में आगे लिखा है:

मुझे विश्वास नहीं हुआ कि हरु दा, जो कट्टर कम्युनिस्ट थे, अब बीजेपी के लिए रैली कर रहे थे। मेरा आश्चर्य देख वे हँसे और बोले — ‘हम वाम से दायें तरफ आए हैं।’

उनके ये शब्द केवल निजी परिवर्तन नहीं थे, बल्कि बंगाल में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत थे, जहाँ वामपंथी के लाल झंडे की जगह बीजेपी का केसरिया रंग फैल रहा है।

लेकिन वृंदा करात वामपंथी नेताओं के बीजेपी में जाने की बात से सहमत नहीं हैं। वह कहती हैं, ‘वामपंथी मतदाता टीएमसी के भय की वजह से बीजेपी की तरफ चले गए होंगे, लेकिन काडर का जाना मैं मानती नहीं।’

वरिष्ठ पत्रकार सुमन भट्टाचार्य करात पर असत्य प्रस्तुति का आरोप लगाते हैं। ‘पश्चिम बंगाल विधानसभा में बीजेपी के उपनेता शंकर घोष कहाँ से आए? स्पष्ट है—सीपीएम से। वे अभी भी चेग्वेरा का टैटू रखते हैं। सुपेंद्र अधिकारी के साथ रहने वाले बंकिम घोष सीपीएम सरकार में मंत्री रहे।’

‘आरामबाग से सीपीएम के सात बार सांसद रहे अनिल बसु के बेटे क्या बीजेपी में नहीं हैं? दमदम से सीपीएम सांसद अमिताभ नंदी के बेटे क्या बीजेपी में नहीं हैं? सीपीएम ट्रेड यूनियन के नेशनल सेक्रेटरी रहे तपन सेन के बेटे क्या बीजेपी में नहीं हैं? मेरी समझ में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सीपीएम को वोट और नेताओं में कब्जा कर लिया है।’

भट्टाचार्य के अनुसार, 2011 में ममता बनर्जी ने वामपंथी प्रभुत्व खत्म किया, तब लगा था कि बंगाल की राजनीति टीएमसी और वामपंथ के बीच सीमित रहेगी। लेकिन 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद परिवर्तन की लहर शुरू हो गई। ‘बीजेपी धीरे-धीरे बंगाल में उभरने लगी, जिसका दाम वामपंथ ने अपनी घटती पकड़ के रूप में भोगा।’

2019 के लोकसभा चुनाव में वाम मोर्चे ने पश्चिम बंगाल में एक भी सीट नहीं जीती और वोट प्रतिशत सिर्फ 7 फीसदी रह गया।

2021 के विधानसभा चुनाव और भी निराशाजनक रहे। इतिहास में पहली बार लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस—जिन्होंने दशकों तक बंगाल की राजनीति को संभाला था—दोनों शून्य पर आ गए। टीएमसी 213 सीटें जीत गई जबकि बीजेपी 77 सीटें हासिल कर उभरी।

वामपंथी पार्टी कार्यालय में भी सन्नाटा

कोलकाता की अलीमुद्दीन स्ट्रीट पर स्थित सीपीएम मुख्यालय में चुनाव के दौरान भी सन्नाटा है। वहां कुछ वृद्ध लोग बैठे बीड़ी पी रहे हैं या कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं।

87 वर्षीय बिमान बोस इसी कार्यालय में रहते हैं। 30 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर छोड़कर पार्टी में शामिल हुए थे और तब से सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि सीपीएम की स्थिति खराब होने का कारण टीएमसी के उदय और उनकी पहचान की राजनीति को ठीक से संभाल न पाना है।

भावानुवाद: बीबीसी हिन्दी

पूर्वाधार व्यवस्थापन में समय पर कार्यान्वयन के लिए संसदीय समिति का निर्देश

पूर्वाधार विकास समिति ने अल्पकालीन व अव्यवस्थित पूर्वाधार परियोजनाओं के प्रबंधन को समय पर पूरा करने हेतु सरकार को निर्देश दिया है। समिति के अध्यक्ष आशिष गजुरेल ने कहा कि आगामी परियोजनाओं में पिछले दोषों को पुनः न दोहराया जाए इसके लिए नीतिगत सुधार आवश्यक हैं। समिति ने राष्ट्रीय गर्व की परियोजनाओं की प्रगति तथा समस्याओं के समाधान के लिए एक उपसमिति का गठन किया है। १५ वैशाख, काठमांडू।

पूर्वाधार विकास समिति ने मंगलवार को सिंहदरबार में हुए प्रतिनिधि सभा की बैठक में विकास एवं निर्माण परियोजनाओं को तत्काल व्यवस्थित करने हेतु सरकार को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शुरू होने वाली परियोजनाओं में पूर्व की त्रुटियों को दोहराने से बचने के लिए नीतिगत सुधार अनिवार्य हैं। नियम, प्रक्रिया एवं कार्यान्वयन स्तर पर मौजूद अस्पष्टता और खामियों का गहन अध्ययन कर समिति सरकार को ठोस सुझाव और दिशा-निर्देश प्रदान करेगी, उन्होंने बताया।

गजुरेल ने कहा कि विकास एवं निर्माण के संदर्भ में सरकार को समिति के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। मंत्रियों और सचिवों को संसदीय समिति में उपस्थित होकर स्पष्ट जवाब देना होगा। उन्होंने कहा, ‘अल्पकालीन एवं रोक-टोक में पड़ी पूर्वाधार परियोजनाओं का प्रबंधन किया जाना चाहिए और समय रहते काम पूरा किया जाना चाहिए। आगामी परियोजनाओं में पूर्व की गलतियां दोहराई नहीं जानी चाहिए।’

समिति ने किसी भी दबाव में नहीं आकर स्वतंत्र रूप से कार्य करने की प्रतिबद्धता भी जताई। ‘सरकार के मंत्री और सचिवों को भी समिति में आकर जवाब देना होगा। संसदीय समिति की निगरानी में मंत्री और सचिव के अनुपस्थिति की कोई गुंजाइश नहीं है,’ उन्होंने कहा। समिति ने राष्ट्रीय गौरव की परियोजनाओं की प्रगति, सामने आईं समस्याएं तथा उनके समाधान के लिए एक रिपोर्ट तैयार करने हेतु उपसमिति गठन किया है।

ट्रम्प ने रक्षा खर्च 40% बढ़ाया, सामाजिक सुरक्षा में बड़ी कटौती की पेशकश की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए 15 खरब अमेरिकी डॉलर के सैन्य बजट का प्रस्ताव रखा है। ट्रम्प ने घरेलू कार्यक्रमों में 73 अरब डॉलर की कटौती करते हुए मेडिकेड और मेडिकेयर को राज्य सरकारों की जिम्मेदारी में देने की योजना बनाई है। बजट ने आंतरिक सुरक्षा विभाग और आईसीई के लिए बड़ी धनराशि आवंटित करते हुए सामूहिक राष्ट्रनिकाला अभियान को प्राथमिकता दी है।

15 वैशाख, काठमाडौं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आगामी आर्थिक वर्ष के लिए 15 खरब (1.5 ट्रिलियन) अमेरिकी डॉलर के विशाल सैन्य बजट का प्रस्ताव रखा है। शुक्रवार को जारी इस वार्षिक बजट प्रस्ताव ने पिछले वर्ष की तुलना में रक्षा खर्च में लगभग 40 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की है। व्हाइट हाउस ने इस बजट के माध्यम से ‘शक्तिमार्फत शांति’ (पीस थ्रू स्ट्रेंथ) के अपने मुख्य सिद्धांत की पुनः पुष्टि करते हुए सैन्य शक्ति और कानून प्रवर्तन को उच्च प्राथमिकता दी है।

ट्रम्प का यह 2027 का बजट प्रस्ताव 2026 की तुलना में रक्षा खर्च में केवल 455 अरब डॉलर की वृद्धि करने का लक्ष्य रखता है। ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (ओएमबी) के निदेशक रसेल भाउट ने प्रस्तावना में लिखा है, ‘2027 का बजट गैर-रक्षा खर्चों को नियंत्रित करते हुए संघीय सरकार में सुधार की राष्ट्रपति की परिकल्पना को आगे बढ़ाता है।’ इस बजट का सबसे बड़ा आकर्षण ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल रक्षा प्रणाली है।

सामाजिक सुरक्षा और घरेलू कार्यक्रमों में कटौती करते हुए ट्रम्प ने घरेलू कार्यक्रमों के लिए 73 अरब डॉलर की कटौती का प्रस्ताव रखा है। इस कटौती से जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में समानता बनाए रखने वाले कार्यक्रम प्रभावित होंगे। बजट में शरणार्थी पुनर्वास और विदेशी सहायता कार्यक्रमों में भी व्यापक कटौती की गई है। ट्रम्प ने स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम ‘मेडिकेड’ और ‘मेडिकेयर’ को संघीय सरकार से हटाकर राज्य सरकारों की जिम्मेदारी में देने की योजना प्रस्तुत की है, जो विवादास्पद है।

सरकारद्वारा दुई अध्यादेश जारी गर्न राष्ट्रपतिलाई सिफारिस

सरकार ने राष्ट्रपति के समक्ष दो अध्यादेश जारी करने की सिफारिश की

सरकार ने सहकारी और संवैधानिक परिषद से जुड़े दो अध्यादेश जारी करने के लिए राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष सिफारिश की है। यह सिफारिश सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में की गई। राष्ट्रपतिके प्रेस सलाहकार किरण पोखरेल ने बताया, “मंत्रिपरिषद से दो अध्यादेशों की सिफारिश हुई है।” १५ वैशाख, काठमाडौं।

सरकार ने राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष दो अध्यादेश जारी करने की सिफारिश की है। सोमवार की मंत्रिपरिषद बैठक में सहकारी एवं संवैधानिक परिषद से संबंधित दो अध्यादेश जारी करने के लिए राष्ट्रपति को सिफारिश भेजी गई। किरण पोखरेल ने कहा, “अभी अध्ययन प्रक्रिया जारी है।” ये अध्यादेश आज ही राष्ट्रपति कार्यालय शितलनिवास भेजे गए हैं।

इसके पहले, वैशाख ८ की मंत्रिपरिषद बैठक में संसद अधिवेशन बुलाने के लिए राष्ट्रपति के समक्ष सिफारिश की गई थी। इसके अनुरूप राष्ट्रपतिद्वारा वैशाख १७ के लिए संसद अधिवेशन बुलाया गया था। लेकिन बाद में सरकार ने वैशाख १० को अधिवेशन स्थगित कराने के लिए राष्ट्रपति को पुनः सिफारिश की।

सरकार की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रपति ने अधिवेशन स्थगित कर दिया था। प्रतिनिधि सभा आह्वान करने के बाद भी स्थगित करते हुए सरकार ने संवैधानिक परिषद में नियुक्ति के लिए अध्यादेश जारी करने की सिफारिश राष्ट्रपति के समक्ष की है। संवैधानिक परिषद में नियुक्ति के लिए ६ सदस्य रहते हैं जिसमें प्रधानमंत्री, सभामुख, राष्ट्रिय सभा के अध्यक्ष, उपसभामुख, प्रधान न्यायाधीश और विपक्षी दल के नेता शामिल होते हैं। सोमवार को कांग्रेस ने प्रतिनिधि सभा में अपने दल के नेता के रूप में भीष्मराज आङ्देम्बेलाई चयन किया, जिससे संवैधानिक परिषद पूर्ण हुई है।

इटहरी के डाइवर्सन में स्कूटर दुर्घटना में एक की मृत्यु

१५ वैशाख, सुनसरी। सुनसरी के इटहरी उपमहानगरपालिका–५ में स्कूटर दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। मृतक भोक्राहा–६ के ३५ वर्षीय राजवीरन उराँव बताए गए हैं, जिन्हें सुनसरी के प्रहरी नायब उपरीक्षक चन्द्रबहादुर खड्काले पुष्टि की है।

गत रात पूर्व–पश्चिम राजमार्ग के अंतर्गत इटहरी–५ कलंकी में निर्माणाधीन ‘डाइवर्सन’ क्षेत्र में को २ प ४५८९ नंबर की स्कूटर अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उराँव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए धरान स्थित बिपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, पुलिस ने बताया।

२४ घंटे में ट्रैफिक पुलिस ने २,७४६ चालकों के खिलाफ किया कार्रवाई

ट्रैफिक पुलिस ने पिछले २४ घंटे में २,७४६ वाहन चालकों को विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई से कुल २९ लाख ६४ हजार ५०१ रुपये राजस्व एकत्रित हुआ है। मादक पदार्थ सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और यात्रियों से पुलिस को सूचना देने की अपील ट्रैफिक पुलिस ने की है।

१५ वैशाख, काठमांडू। ट्रैफिक पुलिस ने पिछले २४ घंटे में काठमांडू उपत्यका के विभिन्न स्थानों पर जाँच के दौरान २,७४६ वाहन चालकों को दंडित किया है। इसमें मादक पदार्थ (मादक पदार्थ सेवन) कर वाहन चलाने वाले ७९, राइड शेयरिंग के २२५, रेड लाइट उल्लंघन के १७५, अधिक गति के १४८, लेन क्रॉसिंग के ३२४, फुटपाथ पर वाहन चलाने के १४९, हॉर्न निषेध उल्लंघन के ५५, ओवरटेकिंग और चढ़ाने-उतराने के नियम उल्लंघन के ५४ तथा अन्य कारणों से १,५३७ चालकों को शामिल किया गया है, बताया ट्रैफिक पुलिस प्रवक्ता एवं पुलिस उपरीक्षक नरेशराज सुवेदी ने।

उन्होंने कहा, ‘पिछले २४ घंटे में उपत्यका में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल २,७४६ चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। उक्त कार्रवाई से २९ लाख ६४ हजार ५०१ रुपये राजस्व संग्रह हुआ है।’ मादक पदार्थ सेवन कर वाहन चलाना कानूनी अपराध एवं दंडनीय है, इसलिए यदि कोई चालक मादक पदार्थ या नशीली वस्तु सेवन करता प्रतीत हो तो यात्री तुरंत नजदीकी पुलिस थाने, ट्रैफिक कंट्रोल रूम की हॉटलाइन नंबर १०३ या पुलिस की हॉटलाइन नंबर १०० पर सूचना देने का ट्रैफिक पुलिस ने आग्रह किया है।

कानमा रौं हुनुले के-के गर्छ ? समुद्र शास्त्रको यस्तो व्याख्या

कान में बाल होना क्या दर्शाता है? समुद्र शास्त्र की व्याख्या

क्या आपके कान में बाल उग आए हैं? यदि नहीं, तो भी आपने कई लोगों के कानों में ऐसे बाल जरूर देखे होंगे। वास्तव में, कान में बाल होना एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है। कान में बाल होना या न होना जैविक रूप से हमारे स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव नहीं डालता। लेकिन समुद्र शास्त्र कान में बालों के बढ़ने को एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखता है, जो व्यक्ति के स्वभाव, स्वास्थ्य, करियर, प्रेम जीवन और बुद्धिमत्ता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देने का विश्वास रखता है।

समुद्र शास्त्र वह प्राचीन विधा है जो व्यक्ति के शरीर के बाहरी अंगों और उनकी संरचना के आधार पर उसके स्वभाव और भविष्य का विश्लेषण करता है। इसे ज्योतिष शास्त्र का एक अंग भी माना जाता है। समुद्र शास्त्र के अनुसार, कान में बालों का उगना खुशहाल जीवन, समृद्धि और धन-संपदा का सूचक होता है। ऐसे व्यक्ति न केवल मेहनती होते हैं, बल्कि अत्यंत ईमानदार भी होते हैं।

समुद्र शास्त्र के मुताबिक, जिन व्यक्तियों के कान में थोड़े-थोड़े और बिखरे हुए बाल होते हैं, वे शांत स्वभाव के होते हैं और विवादों से दूर रहकर शांतिपूर्ण जीवन बिताते हैं। जिनके कानों में बाल घने और मजबूत होते हैं, वे आत्मविश्वासी होते हैं और जीवन के विभिन्न पहलुओं में एक अलग दृष्टिकोण रखते हैं। वैसे ही, जिनके कानों के बाल घने होते हैं, उनका स्वास्थ्य भी अच्छा माना जाता है।

ऐसे व्यक्तियों की प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है, जिससे वे विभिन्न रोगों से सुरक्षित रहते हैं। साथ ही, उनकी आयु भी लंबी होती है। समुद्र शास्त्र के अनुसार, जिनके कानों में हल्के और नरम बाल होते हैं, उन्हें अत्यंत बुद्धिमान माना जाता है। ऐसे व्यक्ति बड़े काम करने और सफल होने की योग्यता रखते हैं तथा जीवन के विभिन्न पक्षों को अच्छी तरह समझते हैं। लेकिन जिनके कानों के बाल अत्यधिक घने और उलझे हुए होते हैं, वे अक्सर समस्याग्रस्त होते हैं। उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं और वे कभी भी किसी चीज़ से संतुष्ट नहीं होते। विशेष रूप से उन्हें शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

सुन की सिक्री लूटने वाले गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार

प्रतीकात्मक तस्वीर


समाचार सारांश

OK AI द्वारा तयार। सम्पादकीय समीक्षा पछि।

  • सुन की सिक्री लूटने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने काठमांडू के पैयुँटार से गिरफ्तार किया है।
  • गिरफ्तार किए गए व्यक्ति नुवाकोट और सोलुखुम्बु के 19 से 44 वर्ष के पांच सदस्य हैं।
  • पुलिस के अनुसार गिरोह ने चैत माह से विभिन्न स्थानों पर महिलाओं की सिक्री झपटकर लूटपाट की है।

15 वैशाख, काठमांडू। सुन की सिक्री लूटने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में नुवाकोट के ककनी नगरपालिका-3 के 21 वर्षीय सविन तामाङ, वहीं के 26 वर्षीय विमल तामाङ, उसी क्षेत्र के 21 वर्षीय सुजन तामाङ, नुवाकोट के विदुर नगरपालिका के 44 वर्षीय सतिस अमातय और सोलुखुम्बु के 19 वर्षीय रितिका माझी शामिल हैं।

गत चैत 12 तारीख को मातातीर्थ स्थित फन पार्क में चल रही एक महिला की गर्दन की सिक्री मोटरसाइकिल पर आए दो व्यक्तियों ने झपट कर फरार हो गए थे।

19 चैत को नैकाप में चल रही 70 वर्षीय महिला की गर्दन की सिक्री झपटते हुए एक समूह फरार हो गया था।

6 वैशाख को चन्द्रागिरी में चल रही एक महिला की सिक्री मोटरसाइकिल से आए समूह ने झपटी थी।

पुलिस के अनुसार अब तक गिरफ्तार किए गए समूह का यही वह गिरोह है जो इन सिक्री झपटने की घटनाओं में शामिल था। इन्हें काठमांडू के पैयुँटार क्षेत्र से पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार सदस्यों के पास से 12.90 ग्राम सोना, बड़ा रैंच, छोटा रैंच, खुकुरी और पेचकस बरामद किया गया है।

सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्डा को कहा कृतघ्न, बोले- ‘यदि वे सांसद न बने होते तो परिणिति से विवाह नहीं होता’

आम आदमी पार्टी के सात सांसदों द्वारा भारतीय जनता पार्टी में सामूहिक प्रवेश के बाद राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। राघव चड्डा ने ‘आप’ को विषैले कार्यस्थल करार देते हुए भ्रष्ट व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए। सौरभ भारद्वाज ने चड्डा को कृतघ्न बताते हुए कहा कि उनका विवाह पार्टी द्वारा दिए गए पद की वजह से ही संभव हुआ। 15 वैशाख, काठमांडू।

आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों द्वारा पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद राजनीतिक गतिरोध गहरा गया है। इस विषय पर राघव चड्डा और ‘आप’ के नेता सौरभ भारद्वाज के बीच विवाद व्यक्तिगत हमले तक पहुंच गया है। चड्डा ने ‘आप’ की कार्यशैली को ‘विषाक्त कार्यस्थल’ करार देते हुए कहा कि वहां काम करने की स्वतंत्रता नहीं है तथा पार्टी वर्तमान में कुछ भ्रष्ट लोगों के नियंत्रण में है।

चड्डा ने बताया कि उन्होंने पार्टी के लिए 15 साल समर्पित किए, लेकिन संसद में बोलने और काम करने पर प्रतिबंध के कारण उन्हें नया रास्ता चुनना पड़ा। इसके जवाब में सौरभ भारद्वाज ने चड्डा को कृतघ्न कहा। भारद्वाज ने यह भी टिप्पणी की कि चड्डा का विवाह भी पार्टी द्वारा दिए गए पद के कारण संभव हुआ। उन्होंने सामाजिक मीडिया पर चड्डा को कृतघ्न कहते हुए लिखा, ‘यदि आपका विवाह आज परिणिति चोपड़ा से हो पाया है तो वह केवल इसलिए क्योंकि ‘आप’ ने आपको राज्यसभा सांसद बनाया।’

इस बयान ने भारतीय राजनीति और सामाजिक मीडिया में बड़ी बहस छेड़ दी है। भारद्वाज ने चड्डा के कदम को विश्वासघात बताया और कहा कि पार्टी छोड़ते समय चड्डा ने न्यूनतम नैतिकता का पालन भी नहीं किया, जैसे नोटिस अवधि। राघव चड्डा और अभिनेत्री परिणिति चोपड़ा का विवाह सितंबर 2023 में राजस्थान में संपन्न हुआ था। उस समय ‘आप’ के प्रमुख अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे और उन्होंने चड्डा को आशीर्वाद दिया था। अब वह सौहार्दपूर्ण रिश्ता पार्टी विवादों में व्यक्तिगत आरोपों में बदल गया है।