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लेखक: space4knews

सिरहा में मोटरसाइकिल की ठोक्क़र से ५ वर्षीय बच्ची की मौत

सिरहा में मोटरसाइकिल की ठोक्क़र से ५ वर्षीया खजिजा खातुन की मौत हो गई है। यह दुर्घटना चोहरवा–सिरहा सड़कखंड के अंतर्गत नरहा ग्रामपालिका–३ खोरिया टोल में हुई थी। जिला पुलिस कार्यालय सिरहा के डीएसपी रमेश बहादुर पाल के अनुसार, मोटरसाइकिल चालक फरार है और उसकी खोज जारी है।

१० वैशाख, सिरहा। चोहरवा–सिरहा सड़कखंड पर हुई इस सड़क दुर्घटना में स्थानीय मोहम्मद देलाल की ५ वर्षीया पुत्री खजिजा खातुन की मृत्यु हुई है। आज दोपहर लगभग १२:२० बजे सिरहा से मिर्चैया की ओर जा रही प्र.२–०१–००३ प ७६९६ नंबर की मोटरसाइकिल ने विपरीत दिशा से पैदल चल रही खजिजा को ठोक दिया। ठोक्क़र लगने से गंभीर रूप से घायल हुई बच्ची को तत्काल उपचार के लिए गोलबाजर स्थित बर्धमान अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना के बाद मोटरसाइकिल पुलिस के नियंत्रण में ले ली गई है।

इरान के साथ युद्ध समाप्ति पर ट्रंप का नजरिया: हमें कोई जल्दबाजी नहीं

१० वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इरान के साथ जारी तनाव को सुलझाने में खुद को जल्दबाजी में नहीं बताया है। गुरुवार को फॉक्स न्यूज से टेलीफोन संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका पर इरान के साथ युद्धविराम को लेकर कोई दबाव नहीं है। ‘हमें किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं है। हम अच्छे समझौते के लिए तैयार हैं,’ ट्रंप ने कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने भी बताया कि अमेरिका विभिन्न माध्यमों से इरान के साथ बातचीत जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इरान से अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। ‘अमेरिका इरानी शासन की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। लेकिन अब तक इरान ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है,’ लेविट ने कहा, ‘इसी कारण राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम के समय को बढ़ाने का निर्णय लिया है।’

वहीं, इरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़िस्कियन ने कहा कि इरान संवाद का सदैव स्वागत करता है लेकिन वर्तमान में वार्ता में विघ्न उत्पन्न हो रहा है।

रारा रनिंग गोल्डकप वैशाख १८ से २२ तक आयोजित किया जाएगा

रारा फुटबल क्लब ने बुधवार राजारानी स्थित रानी ताल परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि १३वाँ रारा रनिंग गोल्डकप फुटबॉल प्रतियोगिता वैशाख १८ से २२ तक धनकुटा के चौबिसे गाउँपालिका के राजारानी में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में आठ टीमें भाग लेंगी और विजेता को सात लाख रुपए जबकि उपविजेता को तीन लाख रुपए पुरस्कार दिया जाएगा, आयोजकों ने बताया। कुल खर्च ३६ लाख ३२ हजार ५०० रुपए अनुमानित है, जिसमें चौबिसे गाउँपालिकाने १४ लाख रुपए का सहयोग दिया है।

प्रतियोगिता राजारानी स्थित पुण्य माविको खेल मैदान में संपन्न होगी। इस में आयोजक रारा फुटबल क्लब के साथ केराबारी फुटबल क्लब मोरंग, गाईघाट युनाइटेड क्लब उदयपुर, डाडाँबजार फुटबल क्लब धनकुटा, सलहेस युथ क्लब सिराहा, बिर्तामोड युनाइटेड क्लब झापा, आरआइ एफसी काठमांडू और धरान फुटबल क्लब सुनसरी की भी भागीदारी रहेगी। आयोजक क्लब के सचिव जीवन कटुवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।

पिछले १२वें संस्करण में जैसे पुरस्कार राशि बढ़ाई गई थी, वैसे ही इस बार भी विजेता को सात लाख और उपविजेता को तीन लाख रुपए पुरस्कार मिलेगा। सर्वोत्कृष्ट खिलाड़ी को २५ हजार, श्रेष्ठ गोलकीपर को १० हजार, उदयीमान खिलाड़ी तथा सर्वाधिक गोलकर्ता को समान रूप से १० हजार रुपए, और प्रत्येक मैच के ‘मैन ऑफ द मैच’ को ७ हजार रुपए पुरस्कार दिए जाएंगे। रारा गोल्डकप की शुरुआत ०५८ साल में धनकुटा से हुई थी।

पिछले १२वें संस्करण की उपाधि झापा के बिर्तामोड युनाइटेड क्लब ने जीती थी, जबकि १०वें और ११वें संस्करण की उपाधि सिराहा के सलहेस फुटबल क्लब के नाम रही थी। १३वें संस्करण के लिए ३६ लाख ३५ हजार रुपए आय और ३६ लाख ३२ हजार ५०० रुपए खर्च होने का अनुमान है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए चौबिसे गाउँपालिका सहित अन्य संगठन भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

एन्ड्रोइड अटोलाई अझ प्रभावकारी बनाउने केही महत्त्वपूर्ण सुझाव र ट्रिकहरू

एन्ड्रोइड अटो को अधिक प्रभावकारी प्रयोगका लागि महत्वपूर्ण सुझाव र ट्रिक्स

एन्ड्रोइड अटोको सेटिङमा गएर नोटिफिकेसनहरूलाई अनुकूलन गर्न सकिन्छ, जसले गर्दा गाडी चलाउँदा ध्यान भंग गर्ने अनावश्यक अलर्टहरू हटाउन सहयोग पुग्छ। एन्ड्रोइड अटोमा एपहरूको सूची व्यवस्थापन गर्न Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Customize Launcher मा जान सकिन्छ। डेभलपर मोड सक्रिय गरेर AA Browser इन्स्टल गर्न सकिन्छ, जसले गाडी पार्क गर्दा भिडियो प्लेब्याकको अनुमति दिन्छ र गाडी चलाउँदा स्वचालित रूपमा बन्द हुन्छ। १० वैशाख, काठमाडौं।

एन्ड्रोइड अटो एक शक्तिशाली इन्फोटेनमेन्ट प्रणाली भए तापनि यसका धेरै उपयोगी सुविधाहरू सेटिङभित्र लुकेका हुन्छन्। यी सुविधाहरूको सही प्रयोगले तपाईंको यात्रा सुरक्षित र सहज बनाउन सक्छ। यसका मुख्य सेटिङहरूलाई अनुकूल बनाउने तरिका निम्नानुसार छः

नोटिफिकेसन कस्टमाइज गर्नुहोस्: गाडी चलाउँदा अनावश्यक नोटिफिकेशनहरूले ध्यान भंग गर्न सक्छ। यसलाई नियन्त्रण गर्न फोनको एन्ड्रोइड अटो सेटिङमा गएर आफ्नो आवश्यकताअनुसार अलर्टहरू अन वा अफ गर्न सकिन्छ। एपहरूको सूची व्यवस्थापन गर्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Customize Launcher मा जानुहोस्। यहाँ अनावश्यक एपहरू हटाउन सकिन्छ र धेरै प्रयोग गरिने एपहरूलाई तानेर (Drag) अगाडि राख्न सकिन्छ।

असिस्टेन्ट सर्टकट थप्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Customize Launcher > Add a shortcut to the launcher मा गएर बारम्बार गर्ने कार्यहरू जस्तै घर जाने बाटो खोज्ने वा कुनै सम्पर्क व्यक्तिलाई कल गर्ने कार्यहरूको सर्टकट बनाउन सकिन्छ। मिडिया कन्ट्रोल चालकको छेउमा सार्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto मा गएर चालक बस्ने स्थान (Driver seat location) सेट गर्नुहोस् ताकि म्युजिक नियन्त्रणहरू तपाईंलाई नजिक र सजिलै उपलब्ध होस्।

वालपेपर परिवर्तन गर्नुहोस्: Settings > Connected Devices > Connection Preferences > Android Auto > Use Phone’s Wallpaper in Android Auto विकल्प चयन गर्नुहोस्। यसले तपाईंको फोनको वालपेपरलाई नै गाडीको स्क्रिनमा देखाउनेछ। डिजिटल असिस्टेन्ट रोज्नुहोस्: नयाँ जेमिनी एआई झन्झटिलो लागेमा Manage Your Digital Assistant > Digital Assistants from Google > Google Assistant मा गएर पुरानो गुगल असिस्टेन्ट रोज्न सकिन्छ।

भिडियो प्लेब्याकका लागि AA Browser: गाडी पार्क गरीरहँदा भिडियो हेर्न डेभलपर मोड अन गरी ‘AAAD’ मार्फत AA Browser इन्स्टल गर्न सकिन्छ। यो ब्राउजर गाडी चल्न थालेपछि सुरक्षाका कारण आफैं बन्द हुन्छ। वायरलेस सुविधा र ब्याट्री बचतका लागि: यदि तार (Wired) बाट मात्र चलाउन चाहनुहुन्छ भने: Settings > Apps & notifications > See all apps > Android Auto > Advanced > Additional settings in the app > About मा जानुहोस्। त्यहाँ रहेको Version मा १० पटक ट्याप गरी डेभलपर मोड अन गर्नुहोस् र Three-dot menu > Developer settings मा गई Wireless Android Auto लाई अनचेक गर्नुहोस्। स्क्रिन रिजोल्युसन सुधार्नुहोस्: डेभलपर मोडभित्रै रहेको Three-dot menu > Developer settings मा गएर Video resolution र DPI सेटिङ समायोजन गरी धुंधलो देखिएको स्क्रिनलाई स्पष्ट बनाउन सकिन्छ।

लाङटाङ ट्रेल रन २३ जेठ को दिन आयोजित होगा

रसुवा और नुवाकोट जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दूसरा लाङटाङ ट्रेल रन आगामी २३ जेठ को आयोजित किया जाएगा। प्रतियोगिता रसुवा के क्याङ्जिन गुम्बा से शुरू होकर स्याफ्रुबेसी तक ३२ किलोमीटर की दूरी में आयोजित होगी। पुरुष और महिलाओं के लिए विजेताओं को १ लाख रुपये पुरस्कार दिया जाएगा, जबकि प्रतिभागी खिलाड़ियों को ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

रसुवा–नुवाकोट पर्यटन समाज ने गुरुवार को एक पत्रकार सम्मेलन में इस प्रतियोगिता की जानकारी दी। साहसिक पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ आयोजित इस ट्रेल रन का मार्ग रसुवा के गोसाईकुण्ड नगरपालिका स्थित क्याङ्जिन गुम्बा से शुरू होकर स्याफ्रुबेसी तक लगभग ३२ किलोमीटर होगा। दौड़ मार्ग में स्याङ्गजिन गुम्बा, लाङटाङ गांव, घोडातबेला और लामा होटल शामिल हैं।

प्रतियोगिता बागमती प्रदेश के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सहयोग के तहत प्रदेश खेलकूद विकास परिषद, नेपाल पर्यटन बोर्ड और स्थानीय निकायों के संयुक्त सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसमें महिला और पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिताएं होंगी। दोनों पक्षों के विजेता १ लाख रुपये के पुरस्कार प्राप्त करेंगे। दूसरे से पांचवें स्थान प्राप्त खिलाड़ियों को क्रमशः ७५ हजार, ५० हजार, २५ हजार और १५ हजार रुपये के साथ मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। क्याङ्जिन से भाग लेने वाले नेपाली खिलाड़ियों के लिए शुल्क १५०० रुपये और काठमांडू से भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए ५ हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। विदेशी खिलाड़ियों के लिए क्याङ्जिन से भागीदारी पर ३५ अमेरिकी डॉलर और काठमांडू से १०० अमेरिकी डॉलर शुल्क लगेगा। सार्क देशों के खिलाड़ियों के लिए शुल्क क्रमशः २५०० और ७५०० रुपये रखा गया है। पिछले वर्ष आयोजित पहले संस्करण में पुरुष वर्ग में मिलन कुलुङ राई और महिला वर्ग में सुनसरी रोकाय विजेता रहे थे। आयोजकों के अनुसार, यह प्रतियोगिता लाङटाङ क्षेत्र को न केवल पदयात्रा के लिए बल्कि ट्रेल रन और साहसिक खेल के लिए एक प्रमुख गंतव्य बनाने में मदद करेगी। साथ ही, यह स्थानीय पर्यटन, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव डालेगी।

कार्यक्रम तालिका:
जेठ १९: काठमांडू से स्याफ्रुबेसी तक यात्रा एवं बम्बुस तक पदयात्रा
जेठ २०: बम्बु से लाङटाङ तक पदयात्रा
जेठ २१: लाङटाङ से क्याङ्जिन गुम्बा तक पदयात्रा
जेठ २२: क्याङ्जिन में तैयारी और विश्राम
जेठ २३: मुख्य दौड़ (क्याङ्जिन गुम्बा–स्याफ्रुबेसी, ३२ किमी)
जेठ २४: काठमांडू वापसी यात्रा

महान्यायाधिवक्ता नियुक्ति के खिलाफ रिट याचिका पर सर्वोच्च अदालत में प्रारंभिक सुनवाई शुरू

सर्वोच्च अदालत में योग्यता पूरी नहीं करने वाले व्यक्ति को महान्यायाधिवक्ता नियुक्त किए जाने के खिलाफ तीन अलग-अलग रिट याचिकाओं पर प्रारंभिक सुनवाई शुरू हो गई है। न्यायाधीश कुमार रेग्मी की अतिरिक्त पीठ में आठ और पाँच वकीलों ने अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की हैं। महान्यायाधिवक्ता डॉ. नारायणदत्त कँडेल के पास लगातार 15 वर्ष वकालत का अनुभव नहीं होने के कारण उन्हें पद से हटाने की मांग की गई है। 10 वैशाख, काठमांडू।

योग्यता पूरी नहीं करने वाले व्यक्ति को महान्यायाधिवक्ता नियुक्त किए जाने का आरोप लगाते हुए दायर तीन अलग-अलग रिट याचिकाओं की सुनवाई सर्वोच्च अदालत में जारी है। न्यायाधीश कुमार रेग्मी की पीठ में ये सभी याचिकाएं एक साथ सुनवाई की जा रही हैं। वकील माधव बस्नेत, शिवराज बराल समेत आठ वकीलों ने, जबकि वकील दीपकराज जोशी समेत पाँच वकीलों ने अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की थीं। प्रारंभ में सर्वोच्च अदालत प्रशासन ने इन याचिकाओं को दायर करने से मना किया था। इसके बाद एकल न्यायाधीश की पीठ ने इस आदेश को निरस्त किया और याचिकाएं दर्ज की गईं।

सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के बराबर माने जाने वाले महान्यायाधिवक्ता पद के लिए लगातार 15 वर्ष तक वकालत का अनुभव अनिवार्य है। महान्यायाधिवक्ता डॉ. नारायणदत्त कँडेल लंबे समय तक ब्रिटेन में रहकर व्यवसाय कर चुके हैं और उनके पास लगातार 15 वर्ष का वकालत अनुभव नहीं है, जिसके कारण याचिकाकर्ताओं ने उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हमला, नौ लोगों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के एक अन्वेषण स्थल पर हमले में नौ लोगों की मौत हो गई है। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इस हमला में एक विदेशी कार्यकर्ता को भी अगवा कर लिया गया है। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है और हमलावर फरार हो गए हैं।

चागी जिले में नेशनल रिसोर्सेज लिमिटेड कंपनी के द्वारा संचालित तलाशी और अनुसंधान स्थल पर बुधवार स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजे हमला हुआ। इस स्थल पर तांबा और सोना खोजने का काम होता है, और इस हमले की पुष्टि सूत्रों ने की है।

आतंकवादी छोटे हथियारों और अंडर- बैरल ग्रेनेड लांचर का उपयोग करते हुए हमला किया, साथ ही ईंधन को नुकसान पहुंचाते हुए तीन शिविरों में आग लगा दी गई। जवाबी गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया जबकि अन्य हमलावर फरार हो गए।

सुरक्षा बल तलाशी और जांच अभियान जारी रखे हुए हैं। मृतकों में तीन निजी सुरक्षा गार्ड और छह कामगार शामिल हैं, और अभी तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

महिलाओं में पुलिस और एपीएफ की विजयी शुरुआत

रेडबुल दसवें पीएम कप एनभीए महिला वॉलीबॉल लीग २०८३ में नेपाल पुलिस क्लब और नेपाल एपीएफ क्लब ने विजयी शुरुआत की है। महिलाओं के वर्ग में पुलिस ने एवरेस्ट वॉलीबॉल क्लब को ३-० से पराजित किया है और उषा भंडारी को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया है। एपीएफ ने त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३-१ सेट से हराया है, जबकि महिलाओं के छः शीर्ष टीमें सिंगल राउंड रॉबिन प्रणाली में प्रतिस्पर्धा करेंगी। यह मुकाबला १० वैशाख, काठमाडौं में हुआ।

रेडबुल दसवें पीएम कप एनभीए महिला और पुरुष वॉलीबॉल लीग २०८३ में महिलाओं की श्रेणी में दो विभागीय टीमों नेपाल पुलिस क्लब और नेपाल एपीएफ क्लब ने विजयी शुरुआत की है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला के कवर हॉल में गुरुवार से शुरू हुए इस लीग में पिछली विजेता पुलिस ने बुटवल की एवरेस्ट वॉलीबॉल क्लब को सीधे सेट में पराजित किया। प्रतिस्पर्धात्मक पहला सेट टाईब्रेक में पुलिस के पक्ष में २६-२४ रहा, जबकि उसके बाद दो सेट २५-१६ और २५-१७ से आरामदायक जीत हासिल की। पुलिस की उषा भंडारी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

इसी तरह, महिलाओं के वर्ग में गुरुवार सुबह हुए पहले मैच में एपीएफ ने दूसरी विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३-१ सेट में हराया। प्रतिस्पर्धात्मक पहला सेट २५-२३ से एपीएफ के पक्ष में रहा, जिससे उसने खेल में बढ़त बनाई। लेकिन आर्मी ने दूसरा सेट २५-१७ से जीतकर खेल को १-१ कर दिया। इसके बाद एपीएफ ने तीसरे और चौथे सेट दोनों २५-१९ से जीते और मैच को अपने नाम किया। एनभीए लीग में महिलाओं के वर्ग में श्रेष्ठ ६ टीमें सिंगल राउंड रॉबिन प्रणाली के तहत मुकाबला करेंगी, जबकि पुरुष वर्ग में ८ शीर्ष टीमें भाग ले रही हैं। पुरुष वर्ग में भी गुरुवार को दो मैच होंगे।

नेटफ्ल्क्सि वेब-सिरिज ‘ग्लोरी’ मा पूर्वमिस नेपाल निकिता चाण्डक

पूर्वमिस नेपाल निकिता चाण्डक नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘ग्लोरी’ में आईं

पूर्वमिस नेपाल निकिता चाण्डक को नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘ग्लोरी’ में देखा जा सकेगा। चाण्डक ने इंस्टाग्राम के माध्यम से 1 मई से ‘ग्लोरी’ देखने का आग्रह किया है और यह उनकी पहली वेब सीरीज है। यह सीरीज थ्रिलर और बदले की कहानी पर आधारित है तथा एटोमिक फिल्म्स द्वारा निर्मित है।

काठमांडू। पूर्वमिस नेपाल एवं अभिनेत्री निकिता चाण्डक को नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘ग्लोरी’ में देखा जाएगा। चाण्डक ने स्वयं इंस्टाग्राम पर इस संबंध में जानकारी दी है। यह हिंदी वेब सीरीज निकिता का डेब्यू होगी, जिसे 1 मई से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जाएगा। निकिता ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘मेरे लिए यह ‘रेड सीजन’ जैसा लग रहा है, शायद इसलिए क्योंकि यह मेरा ‘नेटफ्लिक्स सीजन’ है। कृपया 1 मई से नेटफ्लिक्स पर ‘ग्लोरी’ देखें। यह मेरी पहली वेब सीरीज है।’

पोस्ट पर उन्हें बधाई और शुभकामनाओं का तांता लगा हुआ है। यह सीरीज एटोमिक फिल्म्स द्वारा निर्मित है और थ्रिलर तथा बदले की कहानी पर आधारित है। हालांकि, सीरीज में निकिता की भूमिका कैसी और कितनी बड़ी है, यह उन्होंने स्पष्ट नहीं किया है।

नikita नेपाल की चर्चित मॉडल, अभिनेत्री और सुन्दरी प्रतियोगिता विजेता हैं। उन्होंने मिस नेपाल 2017 का खिताब जीता था और उसी वर्ष मिस वर्ल्ड में नेपाल का प्रतिनिधित्व भी किया था। उन्होंने अभिनय की शुरुआत नेपाली फिल्म ‘साङ्लो’ से की थी। पिछले कुछ वर्षों से वह मुंबई, भारत में रह रही हैं और अभिनय, विज्ञापन तथा डिजिटल प्रोजेक्ट्स में सक्रिय हैं। पिछले वर्ष उन्होंने संजय लीला भंसाली के आगामी फिल्म में अभिनय करने की बात कही थी। वह राजकुमार राव के साथ एक विज्ञापन फिल्म में भी प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनका आखिरी नेपाली फिल्म ‘राजागञ्ज’ था, जिसे निर्देशक दीपक रौनियार ने निर्देशित किया था। यह फिल्म वेनिस में विश्व प्रीमियर हुई थी।

युवा कलाकार डेविड महर्जन को शिवा-रागिनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया

१० वैशाख, काठमाडौं। युवा कलाकार डेविड महर्जन को शिवा-रागिनी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिवाता प्रेम प्रतिष्ठान ने अपने वार्षिक उत्सव में महर्जन को यह पुरस्कार प्रदान किया। इसी अवसर पर प्रतिष्ठान ने नक्साल स्थित नेपाल ललित कला प्रज्ञाप्रतिष्ठान के चन्द्रमान मास्के हॉल में युवा कलाकारों की चित्रकला प्रदर्शनी भी आयोजित की है। महर्जन को इसी प्रदर्शनी के एक कार्यक्रम में १० हजार रुपए के पुरस्कार से नवाजा गया।

कार्यक्रम में प्रतिष्ठान की अध्यक्ष एवं नेपाल ललित कला प्रज्ञाप्रतिष्ठान की पूर्व कुलपति रागिनी उपाध्याय, नेपाल प्रज्ञाप्रतिष्ठान के कुलपति प्राज्ञ नारद मणि हार्तम्छाली मुख्य अतिथि तथा संगीता थापा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। सामाजिक सद्भाव, शिक्षा और मौलिक कला संस्कृति के उत्थान के लिए २०७३ साल में स्थापित इस प्रतिष्ठान ने अब तक ३५ से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं को छात्रवृत्ति प्रदान की है।

इस वर्ष की प्रदर्शनी में ३१ युवा कलाकारों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां शामिल हैं। आयोजकों के मुताबिक प्रदर्शनी १५ बैशाख तक खुला रहेगा। युवा कलाकारों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने और कला क्षेत्र में नई ऊर्जा जोड़ने के लिए यह प्रदर्शनी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जलवायु सम्मेलन सम्पन्न, ९ बिंदु वाले गोक्षो घोषणापत्र जारी

१० वैशाख, गोक्षो, सोलुखुम्बु। जलवायु न्याय के लिए हिमालयी और पर्वतीय देशों का नेतृत्व नेपाल को करना चाहिए, इस विषय पर ९ बिंदु वाले गोक्षो घोषणापत्र के साथ सोलुखुम्बु के खुम्बु क्षेत्र में जलवायु सम्मेलन सम्पन्न हुआ है। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार को गोक्षो में आयोजित इस सम्मेलन के बाद यह घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें जलवायु कूटनीति को सुदृढ़ करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिमालयी मुद्दों को प्राथमिकता से उठाने पर ज़ोर दिया गया है।

सोलुखुम्बु के खुम्बु पासाङ्ल्यामु गाउँपालिका और जलवायु न्याय एवं पर्यटन विकास में सक्रिय संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस गोक्षो जलवायु सम्मेलन के बाद यह घोषणापत्र जारी किया गया। विषय विशेषज्ञों सहित टीम काठमांडू से निकलकर लुक्ला-नाम्चे-खुमजुङ-मचेर्मो के रास्ते गोक्षो पहुँची थी। प्रतिनिधि सभा की पूर्व उपसभापति एवं सांसद इंदिरा राना ने घोषणापत्र पढ़ते हुए कहा कि नागरिक स्तर से जलवायु न्याय के लिए सरकार पर दबाव डालने में आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न समस्याओं को केवल सरकार अकेले नहीं रोक सकती। प्रभावित इलाकों में जाकर नागरिकों के साथ सहयोग करना होगा।” उन्होंने कहा, “सरकार और संसद को इस घोषणापत्र के सुझावों पर ध्यान देना चाहिए।” हिमनदी विशेषज्ञ अरुणभक्त श्रेष्ठ ने कहा कि हिमतालों के खतरे से निपटने के लिए यह सम्मेलन महत्वपूर्ण था। सम्मेलन में युवाओं की नेता टासी लाजुम, नवीकरणीय ऊर्जा शोधकर्ता कुशल गुरुङ, अधिकार कार्यकर्ता सीमा श्रेष्ठ, अधिवक्ता सारोज घिमिरे, और संचारकर्मी बबिता बस्नेत सहित ने घोषणापत्र के बिंदु पढ़कर समर्थन जताया।

टीम ने खुमजुङ में महिलाओं के साथ सामुदायिक संवाद और परिवार सर्वेक्षण किया, साथ ही जलवायु परिवर्तन द्वारा उत्पन्न खतरों पर गोक्षो में स्थित हिमतालों का निरीक्षण भी किया। घोषणापत्र में वर्तमान ऊर्जा संकट के समाधान के लिए लैंगिक संवेदनशील और पर्यावरण-अनुकूल स्थायी ऊर्जा समाधान अपनाने का सुझाव सरकार को दिया गया है। इस घोषणापत्र के साथ अध्ययन प्रतिवेदन स्थानीय गाउँपालिका, प्रदेश और संघीय सरकारों तथा नीति निर्माताओं के साथ संघीय संसद को भी प्रस्तुत किया जाएगा, जैसा कि आयोजक संस्था बाल कृष्ण बस्नेत ने बताया।

“स्थानीय स्तर पर सहयोग कर जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को सीधे समझा गया है। गोक्षो क्षेत्र में हिमतालों से जोखिम बढ़ने की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी गई है,” बस्नेत ने कहा। घोषणापत्र में जलवायु कार्य को न्यायपूर्ण, समावेशी और अधिकार आधारित बनाने की प्रतिबद्धता जताई गई है, तथा सभी स्तरों पर महिलाओं, आदिवासियों, युवाओं एवं सीमांत समुदायों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, नेपाल पर्वतारोहण संघ, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता बीवाईडी, एनसीएल, नेपाल एयरलाइंस, टान सहित अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग करके सम्मेलन आयोजित किया गया।

कान्समा पुग्न ‘एलिफेन्ट्स इन द फग’ ले हिँडेको अथक यात्रा

कान्स फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित ‘एलिफेंट्स इन द फग’ की संघर्षपूर्ण यात्रा

समाचार सारांश

AI द्वारा तैयार, संपादकीय समीक्षा की गई।

  • नेपाली कथा प्रधान फिल्म ‘एलिफेंट्स इन द फग’ पहली बार ७९वें कान्स फिल्म महोत्सव के ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ सेक्शन में चयनित हुई।
  • फिल्म में किन्नर समुदाय की प्रमुख ‘पिरती’ की कहानी प्रस्तुत की गई है, जो अपनी बेटी की तलाश में प्यार और जिम्मेदारी के बीच चयन करने पर मजबूर होती हैं।
  • निर्देशक अविनाशविक्रम शाह ने बताया कि फिल्म को ईमानदारी से बनाया गया है और दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए उत्साहित हैं।

७९वें कान्स फिल्म महोत्सव के ‘अन सर्टेन रिगार्ड’ सेक्शन में चयनित फिल्म ‘एलिफेंट्स इन द फग’ के निर्माता अनुप पौडेल कहते हैं, ‘ऐसा लग रहा है कि सपना पूरा हो गया है।’

यह पहला मौका है जब कोई नेपाली कथा प्रधान फिल्म कान्स में चयनित हुई है।

अविनाशविक्रम शाह द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म जंगल के बीच बसे एक छोटे नेपाली गाँव की कहानी बताती है, जहाँ जंगली हाथी रहते हैं। फिल्म में किन्नर समुदाय की अगुआ ‘पिरती’ की कथा है, जो सामान्य जीवन बिताने का सपना देखती हैं, लेकिन अपनी बेटी के खो जाने पर उसकी तलाश में निकलती हैं। इस दौरान उन्हें प्रेम और जिम्मेदारी के बीच चयन करना पड़ता है।

ईमानदारी और आवाज

इस चयन के साथ नेपाली सिनेमा ने नई ऊंचाई छुई है। हाल के वर्षों में नेपाली फिल्में वेनिस, बर्लिन और बुसान जैसे अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में भी प्रदर्शित हो चुकी हैं।

निर्देशक शाह इस सफलता से उत्साहित हैं। वे कहते हैं, ‘यह वर्षों की मेहनत का फल है। फिल्म में एक ट्रांस महिला मां की कहानी है। मैं जानना चाहता हूँ कि दर्शक पात्र और उनके प्रतिनिधित्व करने वाले समुदाय को कैसे स्वीकार करते हैं।’

‘मैंने यह फिल्म पूरी ईमानदारी के साथ बनाई है,’ शाह कहते हैं, ‘अब देखना चाहता हूँ कि दर्शक इसका कैसे स्वागत करते हैं।’

सन् २०२२ में शाह और पौडेल कान्स में शॉर्ट फिल्म ‘लोरी’ लेकर गए थे, जिसे ‘स्पेशल मेंशन’ पुरस्कार मिला था। उन्होंने बताया कि इसी अनुभव ने ‘एलिफेंट्स इन द फग’ के मार्ग को आसान बनाया।

उस समय फिल्म विकास के चरण में थी और कान्स के ‘ला फाब्रिक’ प्रोजेक्ट मार्केट में भी शामिल थी। वहीं उन्होंने फ्रांसीसी निर्माता से मुलाकात की। ‘लोरी’ की सफलता ने नए प्रोजेक्ट को गति दी और अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग पर भरोसा दिलाया।

फिल्म विकास के दौरान यह अमेरिका के ‘ग्लोबल मिडिया मेकर्स’ और बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के ‘एसियन प्रोजेक्ट मार्केट’ में भी जगह प्राप्त कर चुका था। शाह ने इसकी लेखन यात्रा सन् २०२१ से शुरू की थी।

लेखक के रूप में उनकी फिल्में पहले भी अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में प्रदर्शित हो चुकी हैं, लेकिन निर्देशक-लेखक के रूप में यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

उनकी फिल्में आमतौर पर सीमांत समुदायों पर केंद्रित होती हैं। यह फिल्म भी उसी क्रम की है। मां-बेटी का रिश्ता भी एक महत्वपूर्ण विषय है। ‘लोरी’ जैविक संबंधों को दिखाती है, जबकि इस फिल्म में अपनाए गए रिश्तों की कहानी है।

परंपरागत कास्टिंग से परे

सीमांत समुदाय के कलाकारों के साथ काम करते समय नई दृष्टि मिलती है, लेकिन चुनौतियाँ भी कम नहीं होतीं। सबसे बड़ी चुनौती कलाकार चयन की रही। ट्रांस समुदाय के कलाकारों की तलाश में लगभग दो साल लगे।

निर्माताओं ने नेपाल भर के एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों और संस्थानों से संपर्क किया।

शाह कहते हैं, ‘मैं गैर-व्यावसायिक कलाकारों के साथ काम करना चाहता था। ट्रांस महिला की भूमिका में जैविक रूप से पुरुष कलाकार को रखना नहीं चाहता था क्योंकि इससे पात्र की वास्तविकता बिगड़ती है।’

३० प्रतिभागियों के साथ कार्यशाला आयोजित की गई। इसके बाद चयन प्रक्रिया शुरू हुई। पांच चरणों वाली इस कार्यशाला में नाट्यकर्मी सुदाम सीके ने प्रशिक्षण दिया।

मुख्य पात्र ‘पिरती’ का चयन अंत तक अनिश्चित था, लेकिन धीरे-धीरे कलाकार ने पात्र को समझते हुए बेहतरीन अभिनय किया। शाह के अनुसार ट्रांस कलाकारों ने केवल अभिनय नहीं किया, कई बार मार्गदर्शन भी दिया।

कान्स और उम्मीदें

इस वर्ष का कान्स महोत्सव १२ मई से २३ मई तक होगा। पहली बार नेपाली फीचर फिल्म का वहाँ प्रदर्शन होने पर फिल्म क्षेत्र उत्साहित है। शाह के अनुसार यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि एक आवाज भी है।

‘शायद इस आवाज ने चयन समिति को छुआ होगा,’ वे कहते हैं, ‘तकनीकी रूप से भी फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर की है।’ निर्माता पौडेल कहते हैं कि फिल्म की कहानी स्थानीय ही नहीं बल्कि वैश्विक है। ‘फिल्म में नया नजरिया है,’ वे बताते हैं।

कान्स में चयन होना देश के लिए गर्व का क्षण है। यह दर्शाता है कि नेपाली सिनेमा की आवाज़ विश्व स्तर पर पहचानी जानी चाहिए। लेकिन नेपाल में ऐसी फिल्मों का वाणिज्यिक संघर्ष आम है।

शाह और पौडेल दोनों इसे भली-भांति जानते हैं, इसलिए फिल्म को रोचक बनाने का प्रयास किया गया। ‘लेखन के दौरान मैंने व्यापक दर्शक वर्ग को ध्यान में रखा,’ शाह कहते हैं, ‘कुछ हद तक फिल्म तेज गति में और विधागत शैली में लिखी गई है।’

यह फिल्म मुख्यतः पारिवारिक ड्रामा है, लेकिन थ्रिलर के तत्व भी इसमें दर्शकों को बांधने की उम्मीद है।

हाल के वर्षों में पारिवारिक ड्रामा नेपाली बक्स ऑफिस पर सफल रहे हैं। ‘पूर्णबहादुरको सारंगी’ और ‘परान’ जैसी फिल्में इस प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। फिल्म की विश्व प्रीमियर के बाद नेपाल में रिलीज की तैयारी है। निर्माता टीम अन्य अंतरराष्ट्रीय महोत्सवों में भी इसे ले जाने का योजना बना रही है।

नेपाल में संभवतः निर्माता कंपनी टी-फोक नवंबर के आस-पास रिलीज की तारीख तय करेगी, हालांकि अंतिम निर्णय बाकी है। अंत में शाह और पौडेल ने नए फिल्मकारों को भी संदेश दिया।

‘अपना काम जारी रखिए,’ शाह कहते हैं, ‘मुश्किलें आएंगी पर ये अस्थायी हैं। ईमानदार बनिए। कान्स या वेनिस देखकर फिल्म मत बनाइए। ज्यादा से ज्यादा फिल्में देखिए।’ पौडेल ने कहा, ‘धैर्य और लगन जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण है अपनी आवाज़ से जुड़ा रहना।’

मिठाई बेचकर खुशहाली पाने हरिबहादुर तामाङ

१० वैशाख, इलाम । २०५० साल में जब हरिबहादुर तामाङ ने अपना दुकान शुरू किया था, तब इलाम के फिक्कल बाजार में इतनी भीड़-भाड़ नहीं थी। सड़कें संकरी थीं, बस थोड़ी सी बस्ती और छोटे-छोटे मकान थे। उन्होंने बताया, ‘गांव में सड़कें नहीं थीं। बाजार में खाने-पीने की दुकानें कम थीं। जो लोग आते थे, वे सीधे मेरे दुकान पर खाजा और खाना खाते थे।’ वह सूर्योदय नगरपालिका–१० के फिक्कल बाजार में लगातार तीन दशकों से मिठाई का कारोबार चला रहे हैं। स्वदेश में मेहनत करके मिठाई बेचकर खुशहाली कमा रहे हैं। सुबह से लेकर ०५८ साल तक उनका व्यापार बढ़ता गया। इसी दौरान तराई में घर खरीदा और फिक्कल के नजदीक नए चौक में तीन स्थान जमीन भी खरीदी। अपनी दो बेटियों को पढ़ाकर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भेजने में सफल रहे। सबसे छोटी बेटी को काठमांडू में रखते हुए चार्टर्ड अकाउंटेंसी और बीएबीएस में पढ़ाई का खर्च भी यह दुकान चला रही है। ‘झापाकी बिर्तामोड में खरीदा घर और नए चौक की जमीनें उन व्यापारों की देन हैं जो उस समय हुए थे,’ उन्होंने बताया, ‘०५० साल में फिक्कल आकर २२ हजार लगाकर दुकान शुरू की थी। महीने के २०० रुपए किराया देना पड़ता था। पांच रुपए में पेट भरने वाला खाजा बेचकर भी पैसे कमाए। बेटियों को स्थिरता दी है। मिठाई बेचकर खुशी कमाई है।’
आज भी उनका दुकान (जनता मिष्ठान्न भण्डार) चल रहा है, लेकिन पहले जैसा मुनाफा नहीं है। तामाङ कहते हैं, ‘महंगाई बढ़ गई है। सामान खरीदने के लिए इंतजाम कर रहा हूं। ग्राहक आते हैं, लेकिन प्रतिस्पर्धा अधिक हो गई है। दुकानों की संख्या बढ़ गई है। फिर भी ६०-७० हजार रुपये बचत कर सकता हूं।’ उन्होंने अपनी ईमानदार सोच और लगातार मेहनत से तीन बेटियों का उज्जवल भविष्य बनाया बताया। ‘सबसे बड़ी बेटी को काठमांडू में नर्सिंग पढ़ाकर अमेरिका भेजा, मझली बेटी ऑस्ट्रेलिया में है और सबसे छोटी काठमांडू में चार्टर्ड अकाउंटेंसी और बीएबीएस पढ़ रही है। मुझे संतोष है,’ भावुक होकर उन्होंने कहा। बेटियों की पढ़ाई के खर्च के लिए उन्होंने बिर्तामोड में बनाए घर को भी बेच दिया।
समय के साथ व्यवसाय का स्वरूप बदला। फिक्कल में पशुपतिनगर स्टेन के पास दुकान से फिक्कल बाजार के इलाम स्टेन के नीचे स्थानांतरण को २० वर्ष हो चुके हैं। खाजे की कीमत पांच रुपए से बढ़कर अब १५० रुपए हो गई है। समोसा, सेलरोटी, पुरी, लड्डू, खुर्मा, रसगुल्ले, जेली और भुजिया जैसे विभिन्न व्यंजन मिलने वाले इस दुकान में अब दो कर्मचारी काम करते हैं। उन्होंने कहा, ‘प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है, ग्राहकों की आदतें बदल गई हैं। आजकल शराब बेचने वाले कई हैं, लेकिन मैंने कभी मदिरा, तंबाकू, सिगरेट नहीं बेची।’
वह २०४२ के करीब झापाकि काँकडभिट्टा में रिक्शा चलाते थे। छह सौ मजदूरों का विश्वास जीतकर रिक्शा संघ के कोषाध्यक्ष भी बने। कुछ समय होटल में काम करने के बाद मिठाई का व्यापार शुरू किया। आज भी अपनी दुकान में व्यस्त हैं। उम्र बढ़ने के बावजूद काम के प्रति उनकी लगन कम नहीं हुई। ‘काम किए बिना नहीं चलता, पर आज के युवा इस तरह मेहनत करना पसंद नहीं करते,’ उन्होंने कहा।
प्राचीन गोर्खे बाजार उस समय का व्यापारिक केंद्र था, जहां से सामान खरीदकर भारी बोझ उठाकर लाना पड़ता था। ‘सुबह ही भारी सामान लेकर फिक्कल चलना पड़ता था। हम अक्सर हरिबहादुर के मिठाई दुकान पर खाजा खाने जाते थे। ये लोग पुराने जमाने के हैं। आज भी उसी ढंग से व्यापार करते हैं,’ गोर्खे के ७६ वर्षीय वीरबहादुर राई ने बताया, ‘मैं जब भी फिक्कल जाता हूं, हरिबहादुर के दुकान से समोसा खाए बिना वापस नहीं आता।’

खेल संघ विवाद समाधान के लिए सात सदस्यीय कार्यदल का गठन

राष्ट्रीय खेलकुद परिषद ने राष्ट्रीय खेल संघों में उत्पन्न विवादों को सुलझाने के लिए भान बहादुर चंद के संयोजन में सात सदस्यीय कार्यदल का गठन किया है। कार्यदल में राखेप के सदस्य कमल भट्टराई, सुवर्ण श्रेष्ठ, रंजना प्रधान, युवा एवं खेलकुद मंत्रालय के प्रतिनिधि, सरोज कुमार पोखरेल और सानुराज केसी शामिल हैं। कार्यदल को राष्ट्रीय खेलकुद विकास अधिनियम, २०७७ की धारा ४२ के अनुसार ४५ दिनों के भीतर समस्या समाधान के लिए सुझाव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

१० वैशाख, काठमांडू। राष्ट्रीय खेलकुद परिषद (राखेप) ने देश के विभिन्न राष्ट्रीय खेल संघों में देखे गए विवादों के समाधान के उद्देश्य से भान बहादुर चंद की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कार्यदल का गठन किया है। राखेप की कार्यकारी समिति ने मंगलवार को हुई बैठक में राखेप सदस्य सचिव राम चरित्र मेहताको के नेतृत्व में इस कार्यदल गठन की जानकारी दी है।

हाल ही में नेपाली खेल क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त संघों से लेकर संघों के आंतरिक विवादों समेत विभिन्न समस्याएं सामने आई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए गठित इस कार्यदल में राखेप कार्यकारी समिति के सदस्य कमल भट्टराई, सुवर्ण श्रेष्ठ और रंजना प्रधान सदस्य हैं। इसके साथ ही युवा एवं खेलकुद मंत्रालय का एक प्रतिनिधि, सरोज कुमार पोखरेल और सानुराज केसी भी कार्यदल के सदस्य हैं।

राष्ट्रीय खेलकुद विकास अधिनियम, २०७७ की धारा ४२ के तहत गठित इस कार्यदल को खेल संघों की समस्याओं का समाधान करने हेतु ४५ दिनों के भीतर सुझाव देने का समय दिया गया है। विभिन्न राष्ट्रीय खेल संघों और महासंघों में आवधिक चुनाव, संगठन संरचना निर्माण, लेखा प्रबंधन, आर्थिक पारदर्शिता और संस्थागत संचालन सहित विषयों में उत्पन्न समस्याओं ने खेल क्षेत्र के विकास, सुशासन और अंतरराष्ट्रीय छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। ऐसे विवादों की पहचान कर समाधान के उपाय सुझाने तथा खेल क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास और सुधार के लिए आवश्यक सुझाव प्रदान करने हेतु यह कार्यदल गठित किया गया है।

काठमाडौंको वायु प्रदूषणले ‘निकै अस्वस्थ’को तह पार गर्‍यो

काठमाडौंको वायु प्रदूषण ‘धेरै अस्वस्थ’ स्तरमा पुगेको

काठमाडौंको वायु प्रदूषण आज अत्यन्त अस्वस्थ स्तरमा पुगेको छ र वायु गुणस्तर सूचकांक (एक्युआई) २४७ कायम भएको छ। हाल नेपाल विश्वका प्रदूषित देशहरूमा दोस्रो स्थानमा छ, जहाँ पहिलो स्थान पाकिस्तानको छ। नेपाल सरकारको सूचकांकअनुसार एक्युआई २०१–३०० लाई धेरै अस्वस्थ र ३०१ माथि खतरनाक मानिन्छ।

१० वैशाख, काठमाडौं। काठमाडौंको वायु प्रदूषण अत्यन्त खराब अवस्थामा पुगेको छ। आज उपत्यकामा वायु प्रदूषणले धेरै अस्वस्थ स्तर पार गरेको छ। स्विट्जरल्यान्डको IQAir बाट रियल टाइममा मापन गर्दा आज बिहान वायु गुणस्तर सूचकांक (एक्युआई) २४७ रहेको थियो, जुन समाचार तयार गर्ने समयमा २१६ मा झरेको छ। एक्युआई २०१ देखि ३०० बीचको स्तरलाई धेरै अस्वस्थ मानिन्छ।

नेपाल अहिले विश्वका प्रदूषित देशहरूको सूचीमा दोस्रो स्थानमा छ, जहाँ पाकिस्तान पहिलो स्थानमा छ। राजधानी काठमाडौं उपत्यकामा बाक्लो तुवाँलो देखिएको छ। नेपाल सरकारले स्वीकृत गरेको वायु गुणस्तर सूचकांक अनुसार ०–५० राम्रो, ५१–१०० मध्यम, १०१–१५० संवेदनशील समूहका लागि अस्वस्थ, १५१–२०० अस्वस्थ, २०१–३०० धेरै अस्वस्थ र ३०१ माथि खतरनाक स्तर मानिन्छ।