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सांसद मिकरानी ने कहा– शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, सबको समान पहुँच मिलनी चाहिए

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी की सांसद गजला समिम मिकरानी ने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे सभी को समान रूप से उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने मधेश और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता कमजोर होने और मुस्लिम समुदाय अभी भी पिछड़ा हुआ होने का उल्लेख किया। २४ चैत, काठमाडौं।

प्रतिनिधि सभा की बैठक में मंगलवार को उन्होंने कहा, ‘शिक्षा मौलिक अधिकार है। लेकिन मधेश और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर काफी कमजोर है। मुस्लिम समुदाय अभी भी पिछड़ा हुआ है।’ उनके अनुसार शिक्षा सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। नेपाल के संविधान के धारा ३१ के अनुसार प्रत्येक नागरिक को आधारभूत स्तर तक मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।

धारा ३१ की उपधारा २ में कहा गया है, ‘प्रत्येक नागरिक को राज्य से आधारभूत स्तर तक की शिक्षा अनिवार्य और मुफ्त तथा माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा मुफ्त प्राप्त करने का अधिकार होगा।’ विकलांगता वाले एवं आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को कानून के अनुसार मुफ्त उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार होगा। दृष्टि विहीन नागरिकों को ब्रेल लिपि तथा बहिरे और आवाज/बोलने में विकलांग नागरिकों को सांकेतिक भाषा के माध्यम से कानून के अनुसार मुफ्त शिक्षा प्राप्त करने की संवैधानिक व्यवस्था है। नेपाल में रहने वाले प्रत्येक नेपाली समुदाय को अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने और इसके लिए विद्यालय एवं शैक्षिक संस्थान खोलने और संचालित करने का अधिकार भी संविधान सुनिश्चित करता है।