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सभामुख डोल प्रसाद अर्याल ने बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना निर्माण में तत्परता और समयसीमा सुनिश्चित करने का सुझाव दिया

सभामुख डोल प्रसाद अर्याल ने बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना के निर्माण के लिए निश्चित समयसीमा निर्धारित करते हुए तेज़ी लाने का प्रस्ताव रखा है। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ ने परियोजना के निर्माण में सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना एक १२ सौ मेगावाट क्षमता वाली राष्ट्रीय गौरव की परियोजना है, जिसकी अनुमानित लागत ३ खर्ब ७४ अरब रुपये है। २६ चैत्र, काठमाडौं।

सभामुख डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल ने बूढीगण्डकी जलविद्युत परियोजना के निर्माण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। ऊर्जा मंत्री विराजभक्त श्रेष्ठ और आयोजनाके मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण रजौरिया के साथ बिहीवार अपने कार्यालय में हुई बैठक में उन्होंने इस परियोजना के निर्माण कार्य को निश्चित समयसीमा के भीतर पूरा करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, ‘यह राष्ट्रीय गौरव की परियोजना है। यह न केवल विद्युत उत्पादन करेगी, बल्कि पर्यटन, कृषि उत्पादों के बाजार विस्तार और रोजगार सृजन से भी जुड़ी है। अब और विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’

सभामुख अर्याल ने आयोजन को प्राथमिकता देते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी से शीघ्र कार्यवाही करने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट कार्य योजना बनाने पर बल दिया जिसमें कार्य प्रारंभ करने और समाप्ति की तारीखों का निर्धारण हो। बैठक में ऊर्जा मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि परियोजना निर्माण में तेजी लाने के लिए सरकार की ओर से सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्रालय के सह सचिव रुद्रसिंह तमाङ ने भी आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। धादिङ के सांसद बोधनारायण श्रेष्ठ ने कहा कि बड़ी परियोजनाओं को विशेष प्राथमिकता मिलने से सरकार की समृद्धि के प्रति गंभीरता स्पष्ट होती है। बूढीगण्डकी जलविद्युत आयोजना १२ सौ मेगावाट क्षमता वाली जलाशय आधारित परियोजना है, जो गोरखा तथा धादिङ जिलों की सीमा क्षेत्र में स्थित है। इसकी अनुमानित लागत ३ खर्ब ७४ अरब रुपये है।