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प्रचण्ड की चेतावनी: संविधान में छेड़छाड़ हुई तो सड़क और संसद से करेंगे कड़ा विरोध

२८ चैत, काठमाडौं। नेपाली कम्युनिष्ट पार्टी (नेकपा) के संयोजक पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ ने संविधान में छेड़छाड़ कर जनता के अधिकारों को छीनने का प्रयास किए जाने पर सड़क एवं संसद दोनों जगहों से कड़ा विरोध करने की चेतावनी दी है। यह चेतावनी उन्होंने शनिवार को पार्टी कार्यालय पेरिसडाँडा में अखिल नेपाल महिला संघ (क्रान्तिकारी) संपर्क समन्वय प्रदेश समितिद्वारा आयोजित कार्यक्रम में दी।

‘हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि संविधान के अंदर रहकर सरकार वर्तमान में राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी के नेतृत्व में है, यदि सरकार रचनात्मक और सकारात्मक काम करती है तो हम उसे सकारात्मक नजरिए से देखेंगे,’ प्रचण्ड ने कहा। ‘लेकिन यदि संविधान में छेड़छाड़ होने लगी, नेपाल के राष्ट्रीय हित पर कहीं भी प्रभाव पड़ा या जनता को मिले अधिकारों को छीना गया तो हम सदन और सड़क दोनों से इसका कड़ा प्रतिरोध करेंगे।’

प्रचण्ड ने वर्तमान में विद्यार्थियों के अधिकार तथा कर्मचारी ट्रेड यूनियन अधिकारों को लेकर सरकार द्वारा उठाए जा रहे सवालों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘जनता ने लंबे संघर्ष, बड़े त्याग और बलिदान से प्राप्त अधिकारों और जन वर्ग के हकों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ स्वीकार्य नहीं है।’

प्रचण्ड ने स्पष्ट किया कि वे संविधान संशोधन के पक्ष में हैं, लेकिन संशोधन का उद्देश्य जनता के अधिकारों को बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हम संविधान संशोधन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसका लक्ष्य महिलाओं के अधिकारों को सुदृढ करना और जनता के अधिकार बढ़ाना होना चाहिए, छीनना नहीं।’ उन्होंने यह भी कहा कि संघीयता को मजबूत बनाने के लिए ही संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए।