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सरकार ने सहकारी के माध्यम से रोजगार सृजन के लिए 18 बिंदुओं वाला प्रतिबद्धता पत्र का मसौदा तैयार किया

सरकार ने 18 बिंदुओं वाला राष्ट्रीय प्रतिबद्धता पत्र का मसौदा तैयार किया है, जिसमें सहकारी के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार सृजित करने का उल्लेख है। सरकार ने गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र को नेपाल राष्ट्र बैंक के सीधे और सशक्त सुपरिवेक्षण प्रणाली के अंतर्गत लाने का प्रतिबद्धता व्यक्त की है। सहकारी बचतकर्ताओं की आय की सुरक्षा हेतु एकीकृत बचत सुरक्षा कोष स्थापित किया जाएगा, जिससे संकटग्रस्त संस्थाओं के बचतकर्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर भुगतान किया जाएगा। 1 वैशाख, काठमांडू।

सहकारी के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार सृजित करने पर जोर दिया गया है। सरकार ने 18 बिंदुओं वाला राष्ट्रीय प्रतिबद्धता पत्र का मसौदा तैयार किया है। यह मसौदा प्रतिनिधि सभा में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी छह राष्ट्रीय दलों के घोषणापत्रों पर आधारित है। इस मसौदे को सार्वजनिक करते हुए सरकार ने सहकारी एवं लघुवित्त के अनियंत्रित और ढीले नियमन को समाप्त करके गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र को राष्ट्र बैंक की सशक्त और सीधे सुपरिवेक्षण प्रणाली में लाने की प्रतिबद्धता जताई है।

सहकारी और लघुवित्त को कर्जा सूचना केन्द्र से जोड़ा जाएगा तथा कर्जाएं केवल वास्तविक क्षमता के आधार पर दी जाएंगी। इसके साथ ही, उत्पादनशील, बिना धित्तो सामूहिक जमानी और स्थानीय कौशल आधारित उद्यमशीलता कर्जे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के अनुसार सहकारी संस्थाओं के नियमन और मानकों का निर्धारण संघ करेगा, जबकि प्रदेश और स्थानीय तह सहकारी संस्थाओं के पंजीकरण, अभिलेख और सुव्यवस्थित शासन प्रणाली को प्रभावी बनाएंगे।

सहकारी पंजीकरण, रिपोर्टिंग, निगरानी और सूचना प्रणाली को पूर्णतया डिजिटल किया जाएगा। साथ ही, सहकारी के व्यवसायीकरण, ब्रांडिंग, गुणवत्ता प्रमाणीकरण और ई-कॉमर्स के माध्यम से राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। इसके साथ-साथ, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों और सीमांतित समुदायों को लक्षित कर सहकारी के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार सृजित किया जाएगा।