
अमेरिकी सांसदों की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस ने नेपाल के नए राजनीतिक नेतृत्व और सत्ता समीकरणों पर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में बालेन और रास्वपा के गठबंधन को ‘मैरिज ऑफ कन्विनियंस’ यानी परिस्थितिजन्य सांझेदारी के रूप में वर्णित किया गया है। रिपोर्ट में सितंबर 2025 के हिंसक आंदोलन, ओली के इस्तीफे और रास्वपा की चुनावी जीत को भी शामिल किया गया है। 1 वैशाख, काठमांडू।
नेपाल की राजनीति में पुराने स्थापित शक्तियों को छोड़कर उभरे नए राजनीतिक नेतृत्व और सत्ता समीकरणों के बारे में अमेरिकी संसद की कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस ने एक दस्तावेज जारी किया है। 31 मार्च 2026 को प्रकाशित ‘नेपाल के संसदीय चुनाव’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में काठमांडू के पूर्व स्वतंत्र मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन) और राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के गठबंधन को गहरे वैचारिक एकता के बजाय ‘मैरिज ऑफ कन्विनियंस’ अर्थात् ‘परिस्थितिजन्य मिलन’ बताया गया है।
अमेरिकी रिपोर्ट में नेपाल के हाल के आंतरिक राजनीतिक संकट, जनजागरण आंदोलन, भू-राजनीतिक चुनौतियाँ और उससे उत्पन्न नए सत्ता समीकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इसमें रास्वपा को अपेक्षाकृत नया और मध्यमार्गी राजनीतिक दल बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि देश के राजनीतिक नेताओं के बीच गठबंधनों के बार-बार बदलने के कारण स्थिरता बनाना संभव नहीं हो पाया है।
रिपोर्ट में बालेन शाह के स्वतंत्र मेयर पद की पृष्ठभूमि होते हुए भी रास्वपा के साथ उनके चुनावी गठबंधन को विश्लेषकों के कथनों के आधार पर ‘मैरिज ऑफ कन्विनियंस’ यानी स्वार्थपरक रणनीतिक गठबंधन बताया गया है। इसमें बालेन के मेयर रहते हुए दिखाए गए मिश्रित प्रदर्शन और प्रशासनिक योजनाओं की अस्पष्टता को भी उजागर किया गया है। रिपोर्ट में नई सरकार के सामने संभावित चुनौतियों को उठाते हुए कहा गया है, ‘नया रास्वपा नेतृत्व और बालेन शाह के बीच सम्भावित तनाव आगामी दिनों में मुख्या चुनौती होगी।’





