
गर्मियों के मौसम में मोटरसाइकिल के टायर में हवा का दबाव तापमान के साथ बढ़ता है, इसलिए टायर प्रेशर की नियमित जांच सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन के लिए अनिवार्य होती है। अधिक हवा भरने पर टायर कठोर हो जाता है जिससे सड़क से संपर्क सतह कम हो जाती है और मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़कर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। गर्म मौसम न केवल आपको, बल्कि आपकी मोटरसाइकिल को भी सीधे प्रभावित करता है। खासकर टायर के अंदर हवा के दबाव में तापमान के अनुसार बदलाव आने के कारण इसे नजरअंदाज करने पर सामान्य यात्रा भी जोखिमपूर्ण बन सकती है। अधिकांश दुर्घटनाओं का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कारण गलत टायर प्रेशर होता है। अधिक हवा भरने पर सड़क पर पकड़ कमजोर होती है, कम हवा होने पर टायर जल्दी घिस जाता है और माइलेज कम हो जाता है। इसलिए, गर्मी में मोटरसाइकिल चलाने से पहले टायर का PSI (पाउंड्स प्रति वर्ग इंच) जांचना सुरक्षा और अच्छे प्रदर्शन के लिए आवश्यक है।
गर्मियों में टायर प्रेशर क्यों बदलता है? तापमान बढ़ने पर टायर के अंदर बंद हवा का दबाव बढ़ जाता है। विज्ञान के सामान्य नियम के अनुसार तापमान बढ़ने पर गैस फैलती है, जिससे टायर के अंदर का प्रेशर अपने आप बढ़ सकता है। सुबह ठंडे मौसम में सामान्य दिखने वाला टायर दोपहर की धूप में अधिक कड़ा महसूस होने का यही कारण है। यदि इस बदलाव पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो टायर में जरूरत से अधिक दबाव हो सकता है। लंबी दूरी की यात्रा, गर्म सड़कों और तेज़ गति पर मोटरसाइकिल चलाने से यह दबाव और भी बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में टायर का केवल बीच का हिस्सा सड़क से संपर्क करता है, जिससे पकड़ कम हो जाती है। परिणामस्वरूप ब्रेकिंग दूरी बढ़ सकती है, मोटरसाइकिल असंतुलित हो सकती है और मोड़ पर फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।
कितना PSI हवा भरना उपयुक्त होता है? सामान्यतः मोटरसाइकिल के आगे के टायर में 25 से 30 PSI और पीछे के टायर में 30 से 35 PSI हवा उपयुक्त माना जाता है। लेकिन यह हर मोटरसाइकिल पर एक जैसा लागू नहीं होता। मोटरसाइकिल के मॉडल, इंजन क्षमता, टायर का साइज, सवारी संख्या और कंपनी की सिफारिश के अनुसार सही हवा के स्तर में अंतर हो सकता है। अधिकतर कंपनियां सही टायर प्रेशर मोटरसाइकिल के चेन कवर, स्विंग आर्म, फ्यूल टैंक के स्टिकर या यूजर मैनुअल में उल्लेख करती हैं। इसलिए, अनुमान पर भरोसा करने के बजाय कंपनी द्वारा दी गई निर्देशों को देखना ही बुद्धिमानी होती है।
गर्मी के मौसम में “थोड़ी अधिक हवा भरना सुरक्षित होता है” यह सोच गलत हो सकती है क्योंकि सड़क की गर्मी से प्रेशर अपने आप बढ़ जाता है। उचित PSI बनाए रखने से टायर की आयु बढ़ती है, माइलेज बेहतर होता है, ब्रेकिंग स्थिर रहती है और मोटरसाइकिल का सम्पूर्ण नियंत्रण सहज होता है। गर्मी में आवश्यकता से अधिक हवा भरे टायर पहली नजर में ठीक लग सकते हैं, लेकिन इनमें जोखिम अधिक रहता है। अत्यधिक PSI पर टायर बहुत सख्त हो जाता है और सड़क से संपर्क सतह कम हो जाती है, जिससे मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ सकता है।





