
२ वैशाख, काठमाडौं। सरकार ने बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के मुख्य निर्णय सार्वजनिक किए हैं। सरकार के प्रवक्ता एवं शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा युवा एवं खेल मंत्री सस्मित पोखरेल ने बैठक के निर्णय प्रस्तुत किए। बैठक ने जनजाइ आन्दोलन की रिपोर्ट के कार्यान्वयन के लिए सुरक्षा व्यवस्था संबंधी तीन सदस्यीय समिति गठन करने का निर्णय लिया है। साथ ही, २०६२/०६३ के उच्च पदस्थ कर्मचारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच के लिए आयोग गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।
मंत्रिपरिषद के अन्य निर्णयों में लापता हुए व्यक्तियों की जांच, सत्यापन तथा मेलमिलाप कोष में स्विट्जरलैंड सरकार से प्राप्त स्विस फ्रैंक १ मिलियन के बराबर अनुदान सहायता शामिल है। आंतरिक राजस्व विभाग के उपमहानिरीक्षक, निदेशक एवं शाखा अधिकारियों को उनके निर्धारित क्षेत्र के अनुसार अंतःशुल्क अधिकारी के रूप में नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया है।
आर्थिक सुधारों हेतु आर्थिक कार्यविधि तथा वित्तीय उत्तरदायित्व तृतीय संशोधन नियमावली, २०८२ को अनुमोदित किया गया है। नेपाल और भारत सरकार के बीच आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता समझौते पर हस्ताक्षर करने की जानकारी प्रतिनिधि सभा में प्रस्तुत करने का भी निर्णय लिया गया है।
संगठन एवं प्रबंधन सर्वेक्षण संबंधी राष्ट्रीय मानक २०८२ को अनुमोदित किया गया है। संपत्ति जांच आयोग गठन करने के निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश राजेन्द्रकुमार भंडारी को संयोजक तथा अन्य पूर्व न्यायाधीशों और चार्टर्ड अकाउंटेंटों को सदस्य बनाया गया है।
अंत में, २०८२ भाद्र २३ और २४ को हुई घटनाओं की जांच के लिए गठित आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के कार्यान्वयन हेतु सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करने के लिए उच्च अदालत के पूर्व न्यायाधीश प्रेमराज कार्की की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।





