दार्चुला के मालिकार्जुन गाउँपालिका-6 उकु महल में 15वीं सदी के प्राचीन मंदिर के भग्नावशेष मिले

दार्चुला के मालिकार्जुन गाउँपालिका-6 उकु महल क्षेत्र में 15वीं सदी के आसपास के प्राचीन मंदिर के भग्नावशेष पाए गए हैं। पुरातत्व विभाग ने उत्खनन के दौरान कलात्मक पत्थर, मूर्तियां, मंदिर के शिखर के आंशिक भाग, पत्थर की जलधारा और सिंह आकृतियों वाले पत्थर के अवशेष खोजे हैं। उकु महल क्षेत्र धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसे विश्व धरोहर सूची में शामिल करने की योजना आगे बढ़ाई जा रही है। (6 वैशाख, दार्चुला)
उकु महल में 15वीं सदी के पौराणिक मंदिर के भग्नावशेष मिल चुके हैं। पुरातत्व विभाग की टीम, वरिष्ठ पुरातत्व अधिकारी हिमालकुमार उप्रेती के नेतृत्व में, उकु क्षेत्र में उत्खनन कार्य कर रही है। पुरातत्व अधिकारी हरिप्रसाद भुसाल के अनुसार, उत्खनन के दौरान बड़ी संख्या में कलात्मक पत्थरों, अलग-अलग मूर्तियों, मंदिर के शिखर के आंशिक भाग, पत्थर की जलधारा, बसाह और सिंह आकृति वाले पत्थर के अवयव भी मिले हैं।
उत्खनन के दौरान मिले पत्थरों को मापकर क्रमशः संख्यात्मक लेबलिंग की जा रही है। कुछ महत्वपूर्ण मूर्तियों को संग्रहालय संरक्षण के लिए काठमांडू के छाउनी संग्रहालय में भेजने की तैयारी की जा रही है। मालिकार्जुन गाउँपालिका-6 के वडाध्यक्ष गोकर्णसिंह धामी ने कहा कि उत्खनन कार्य सकारात्मक है, लेकिन बजट की कमी है।
दार्चुला के मुख्य जिल्ला अधिकारी अनिल पौडेल ने कहा कि उकु महल क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए सूबेभर महत्वपूर्ण है। गाउँपालिका अध्यक्ष हिरासिंह धामी के अनुसार, पुरातत्व विभाग पिछले दो वर्षों से निरंतर उत्खनन एवं शोध कार्य कर रहा है। उकु महल का इतिहास मध्यकालीन कत्युरी राजाओं की राजधानी के रूप में जाना जाता है।





