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मुस्लिम आयोग ने गण्डकी प्रदेश प्रमुख के समक्ष वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की

गण्डकी प्रदेश के प्रमुख डिल्लीराज भट्ट के समक्ष मुस्लिम आयोग ने आर्थिक वर्ष 2081/82 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। प्रदेश प्रमुख भट्ट ने बताया कि मुस्लिम समुदाय की पहचान, अधिकारों के संरक्षण और सशक्तिकरण के लिए आयोग का गठन किया गया है। आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष महमदीन अली ने संसाधन, बजट और अधिकारों की कमी के कारण कार्य में आ रही समस्याओं की शिकायत की। 7 वैशाख, गण्डकी।

आज गण्डकी प्रदेश के प्रमुख डिल्लीराज भट्ट के समक्ष मुस्लिम आयोग द्वारा वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई है। आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष महमदीन अली ने संविधान के अनुच्छेद 294 की उपधारा (3) के अनुसार आर्थिक वर्ष 2081/82 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रदेश प्रमुख भट्ट ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के इतिहास और संस्कृति की पहचान, अधिकार संरक्षण तथा संवर्द्धन और सशक्तिकरण के लिए आयोग का गठन किया गया है।

नेपाल की विभिन्न जातियां, भाषाएं, संस्कृतियां और समुदायों के बीच सह-अस्तित्व के आधार पर आपसी सद्भाव बनाए रखने में मुस्लिम आयोग जैसे राज्य के विभिन्न आयोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है, उन्होंने कहा। प्रदेश प्रमुख भट्ट ने बताया कि रिपोर्ट में वर्णित विषयों को मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद कार्यालय के माध्यम से प्रदेश समिति में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष अली ने आयोग की गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं के बारे में भी प्रदेश प्रमुख को जानकारी दी। मुस्लिम समुदाय की स्थिति में सुधार के लिए आयोग प्रयासरत है, लेकिन उन्होंने बताया कि संसाधन, बजट और अधिकारों की कमी के कारण आयोग की कार्यक्षमता सीमित है।