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नेपाल में ईंधन और रोज़मर्रा की वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि

पश्चिम एशिया में उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ने से नेपाल में ईंधन और रोज़मर्रा की उपभोग्य वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। नेपाल आयल निगम ने चैत १ से वैशाख २ तक लगातार ईंधन के दाम समायोजित करते हुए पेट्रोल का मूल्य ६२ रुपये और डीजल का मूल्य ९५ रुपये बढ़ाया है। काठमांडू उपत्यका में सार्वजनिक यातायात किराया २५.९६ प्रतिशत बढ़कर न्यूनतम २५ रुपये हो गया है, वहीं सब्जी, फल और पेयजल के दाम भी महंगे हुए हैं।

पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में उत्पन्न भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम वृद्धि के साथ ही नेपाल की अर्थव्यवस्था पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है। ईंधन के दाम बढ़ने के साथ ही रोज़ाना उपयोग की खाद्य सामग्री, सब्जी, पेयजल, फल और यातायात किराए के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे सामान्य उपभोक्ताओं के भोजन के बजट पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। नेपाल आयल निगम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार बार-बार ईंधन के दाम समायोजित किए हैं।

ईंधन के दाम बढ़ने से ढुलाई लागत पर भी प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है। यातायात व्यवस्था विभाग ने सार्वजनिक वाहन से लेकर मालवाहक ट्रकों तक के किराए में समायोजन किया है। बढ़ी हुई ढुलाई लागत के कारण हर सामान के उत्पादन तथा वितरण खर्चों में अतिरिक्त भार बढ़ा है, जिससे उपभोक्ता दामों पर दबाव पड़ा है। किसान अपने उत्पाद का उचित मूल्य न पाने के कारण उपभोक्ताओं को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे हैं, जिससे बाजार में सरकारी निगरानी की प्रभावकारिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

नेपाल खुदरा व्यापार संघ के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष प्रति किलो १६० रुपये का रहा ताइचिन चीउरे का दाम इस साल ३० रुपये बढ़कर १९० रुपये पहुंच गया है। खाने के तेल के क्षेत्र में, सनफ्लावर तेल पिछले वर्ष २५५ रुपये प्रति लीटर था जो इस साल ४० रुपये बढ़कर २९५ रुपये हो गया है और कच्चा तोरी तेल जो पिछले वर्ष ३२५ रुपये प्रति लीटर था, इस साल ५० रुपये बढ़कर ३७५ रुपये पहुंच गया है।

यात्रा भाड़े में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चैत २८, २०८२ से प्रभावी होने के लिए उपत्यका के अंदर सार्वजनिक यातायात भाड़े में २५.९६ प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यातायात व्यवस्था विभाग के अनुसार, यह वृद्धि केवल शहरी क्षेत्र में ही नहीं बल्कि लंबी दूरी तथा ढुलाई के साधनों पर भी लागू की गई है।