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डोनट आकार की खोज ने गणित में नया आयाम जोड़ा

समाचार सारांश गणितज्ञों ने १५० वर्ष पुराने बोनेट नियम को गलत साबित करते हुए दो विभिन्न आकार के डोनट सतहों की खोज की है। प्राविधिक विश्वविद्यालय म्युनिख, बर्लिन और नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी की टीम ने पहली बार ऐसे ठोस उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। इस खोज ने डिफरेंशियल ज्यामिति में दशकों से अनुत्तरित प्रश्न का उत्तर देते हुए भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग में नए दृष्टिकोण प्रदान किए हैं। ९ वैशाख, काठमाडौं। ज्यामिति के क्षेत्र में १५० वर्ष से मान्यता प्राप्त एक स्थापित नियम को गणितज्ञों ने गलत साबित किया है। प्राविधिक विश्वविद्यालय म्युनिख, बर्लिन और नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने दो ऐसे ‘डोनट’ जैसे सतहें (टोरी) खोजी हैं, जिनका स्थानीय मापन पूरी तरह समान होते हुए भी उनकी समग्र आकृति भिन्न है। इससे गणित के क्षेत्र में ‘बोनेट नियम’ की सीमाएँ स्पष्ट हुई हैं। सन् १८६७ में फ्रांसीसी गणितज्ञ पियरे ओसियन बोनेट ने एक सिद्धांत प्रस्तुत किया था जिसके अनुसार किसी सतह के दो मुख्य गुण—‘मेट्रिक’ (दो बिंदुओं के बीच की दूरी) और ‘मीन कर्वेचर’ (सतह की वक्रता)—का हर बिंदु पर पता हो तो सतह की आकृति पूरी तरह निर्धारित की जा सकती है। लेकिन नए शोध ने इस सिद्धांत को हमेशा सत्य नहीं दिखाया है। लंबे समय से गणितज्ञों को इस नियम में कोई न कोई त्रुटि हो सकती थी, इस बात का संदेह था। पिछले अध्ययनों में यह दिखाया गया था कि अनंत सतह या किनारों वाली सतहों पर यह नियम लागू नहीं होता। लेकिन बंद या कॉम्पैक्ट सतहों जैसे डोनट पर इस नियम को मान्य माना जाता था। शोध दल ने पहली बार ऐसा ठोस उदाहरण प्रस्तुत किया है जहाँ दो अलग-अलग आकार के डोनट के ‘मेट्रिक’ और ‘मीन कर्वेचर’ के मान पूरी तरह समान हैं। टीयूएम के प्रोफेसर टिम हॉफमैन कहते हैं, “कई वर्षों के शोध के बाद हमें पहली बार ऐसा उदाहरण मिला है जो दिखाता है कि स्थानीय मापन विश्वव्यापी आकृति का निर्धारण हमेशा नहीं करता।” क्यों है यह खोज महत्वपूर्ण? इस खोज ने डिफरेंशियल ज्यामिति में दशकों से अनसुलझे रहस्य को हल कर दिखाया है। उसने यह स्पष्ट किया कि किसी सतह के हर बिंदु का पूरा विवरण होने के बावजूद उसकी समग्र आकृति एक समान नहीं हो सकती। यह गणितीय मॉडलिंग और टोपोलॉजी में गहरे प्रभाव छोड़ने वाली खोज मानी जा रही है। स्थानीय मापन और समग्र आकृति के बीच की जटिलता भविष्य में भौतिक विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए दृष्टिकोण और संभावनाएँ उत्पन्न कर सकती है।