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चीनी स्टार्टअप डिपसिक ने नया एआई मॉडल ‘भी ४’ किया सार्वजनिक

चीनी स्टार्टअप डिपसिक ने अपना नया मॉडल ‘डिपसिक-भी ४’ जारी किया है, जिसमें कम लागत में उच्च क्षमता वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल है। डिपसिक-भी ४ में 10 लाख शब्दों तक की अल्ट्रा-लॉन्ग कॉन्टेक्स्ट क्षमता है और यह दो संस्करणों ‘भी ४-प्रो’ और ‘भी ४-फ्लैश’ में उपलब्ध है।

कम लागत में उच्च क्षमताओं वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित कर दुनिया को चौंकाने वाला चीनी स्टार्टअप ‘डिपसिक’ ने शुक्रवार को अपना नया मॉडल ‘डिपसिक-भी ४’ लॉन्च किया। 2025 की शुरुआत में अमेरिकी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने में सफल इस कंपनी ने नए संस्करण में उत्पादन लागत और कंप्यूटिंग खर्च को तुलनात्मक रूप से कम करने का दावा किया है।

यह नया मॉडल ‘भी ४-प्रो’ और ‘भी ४-फ्लैश’ के दो संस्करणों में उपलब्ध कराया गया है। कंपनी के अनुसार ‘डिपसिक-भी ४’ में 10 लाख शब्दों तक की ‘अल्ट्रा-लॉन्ग कॉन्टेक्स्ट’ क्षमता है, जो इसे एक साथ कई जानकारियों को समेटकर जटिल कार्यों को पूरा करने में सक्षम बनाती है। भी ४-प्रो संस्करण में 1.6 ट्रिलियन पैरामीटर हैं और कम लागत व तेज़ी से काम करने वाले भी ४-फ्लैश में 284 बिलियन पैरामीटर मौजूद हैं।

‘वर्ल्ड नॉलेज बेंचमार्क्स’ में इस मॉडल ने गूगल के ‘जेमिनी-प्रो-३.१’ के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करते हुए अन्य ओपन-सोर्स मॉडल्स को पीछे छोड़ने का दावा किया है। तकनीकी विश्लेषकों ने इसे उद्योग के लिए एक “मॉडल” के रूप में देखा है। इसके चलते महंगे अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक सीमित रहे एआई संसाधन व्यावसायिक एवं आम जनता की पहुँच में लाने की उम्मीद है।

डिपसिक ने अपने मॉडल को ‘ओपन सोर्स’ बनाए रखा है, जिसके कारण चीन के नगरपालिकाएं, स्वास्थ्य संस्थान और वित्तीय क्षेत्र में इसका उपयोग तीव्र गति से बढ़ रहा है। हालांकि, डिपसिक की सफलता के साथ सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। व्हाइट हाउस ने चीनी कंपनियों पर अमेरिकी एआई तकनीक की ‘चोरी’ करने का बड़ा अभियान चलाने का आरोप लगाया है। ट्रम्प प्रशासन के विज्ञान व प्रौद्योगिकी सलाहकार माइकल क्राट्सियोस का दावा है कि चीनी संस्थाएं अमेरिकी एआई मॉडल से ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक के माध्यम से डेटा इकट्ठा कर रही हैं। वहीं, डिपसिक के चैटबॉट ने तियानमेन स्क्वायर जैसे संवेदनशील राजनीतिक विषयों पर जवाब देने से इंकार किया है, जिससे सेंसरशिप की आलोचनाएं भी सामने आई हैं। अगले महीने बीजिंग में होने वाली डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग की शिखर बैठक से पहले एआई प्रतिस्पर्धा ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है।